वेंसलीडेल
वेन्सलीडेल एक आकर्षक, नीले-चेहरे वाली लंबे-ऊन वाली भेड़ है जो अपने लंबे, चमकदार, घुँघराले ऊन और गरिमामय भाव-भंगिमा के लिए प्रसिद्ध है।
- Size
- बड़ा
- Lifespan
- 10–12 years
- Origin
- इंग्लैंड
- Temperament
- शांत
- Standard colors
- सफ़ेद
Characteristics
वेंसलीडेल colors and patterns
What each club's breed standard says about every वेंसलीडेल color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the वेंसलीडेल in सफ़ेद.
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- वैकल्पिक
- Registrable with the club but not described by its breed standard, such as an AKC alternate color.
- दोष
- Named by the club's breed standard as a fault: the animal can be shown but is penalized.
Color changes
How a वेंसलीडेल's colors can change over its life.
कालाchanges toस्लेटी
फ़र · उम्र के साथ
कालाchanges toगहरा भूरा
फ़र · उम्र के साथ · from 0 to 52 weeks
कालाchanges toस्लेटी
फ़र · क्रमिक
कालाchanges toभूरा
फ़र · धूप में · can change back
सफ़ेदchanges toचित्तीदार
फ़र · क्रमिक
कालाchanges toसफ़ेद
फ़र · शारीरिक दशा के साथ · can change back
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
वेन्सलीडेल भेड़ के बारे में
वेन्सलीडेल एक बड़ी, नीले चेहरे वाली अंग्रेज़ी लॉन्गवूल भेड़ है, जो अपने लंबे, चमकदार घुंघराले ऊन और शांत, गरिमामय स्वभाव के लिए जानी जाती है।
वेन्सलीडेल ब्रिटेन की सबसे बड़ी भेड़ नस्लों में से एक है, जिसे मुख्य रूप से उसके विशिष्ट लॉन्गवूल ऊन और संकरण के लिए मेढ़े के रूप में पाला जाता है। इसकी उत्पत्ति इंग्लैंड के उत्तरी यॉर्कशायर स्थित वेन्सलीडेल क्षेत्र से हुई है। वयस्क मेढ़ों का वज़न प्रायः 130 किलोग्राम से अधिक होता है, और नस्ल का शरीर लंबी टांगों पर गहरा, सीधा ढांचा लिए होता है।
सबसे पहचानी जाने वाली विशेषता इसका ऊन है। यह लंबे, कसे हुए घुंघराले छल्लों में उगता है जो शरीर के दोनों ओर एक समान घुमाव में लटकते हैं, और रेशे में स्वाभाविक चमक तेज़ होती है। चेहरे, कानों और टांगों की त्वचा गहरे नीले रंग की होती है, जो सिर के छोटे बालों के बीच से झलकती है और नस्ल को उसका "नीला चेहरा" नाम देती है।
हाथ से सूत कातने वाले और रेशा उत्पादक वेन्सलीडेल को उसके केम्प-रहित ऊन के लिए रखते हैं, जबकि व्यावसायिक पालक पहाड़ी भेड़ियों पर वेन्सलीडेल मेढ़े का उपयोग संकर मेमनों में आकार, ऊन की गुणवत्ता और दूध क्षमता जोड़ने के लिए करते हैं।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| उत्पत्ति | इंग्लैंड (वेन्सलीडेल, उत्तरी यॉर्कशायर) |
| आकार | बड़ा |
| जीवनकाल | 10 से 12 वर्ष |
| समूह/भूमिका | लॉन्गवूल भेड़; ऊन और संकरण हेतु मेढ़ा |
| इनके लिए उपयुक्त | अनुभवी पालक, छोटे फार्म मालिक, रेशा उत्पादक |
यह किसके लिए उपयुक्त है
यह नस्ल उन पालकों के लिए उपयुक्त है जो एक शांत, आसानी से संभाली जाने वाली भेड़ चाहते हैं और ऊन को महत्व देते हैं। लंबे ऊन को उलझने और गंदगी से बचाने के लिए नियमित देखभाल और कतरनी चाहिए, इसलिए वेन्सलीडेल उन लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित समय दे सकते हैं, न कि उनके लिए जो कम मेहनत वाला झुंड चाहते हैं। संकर मेमने पैदा करने वाले पालक और ऊन बेचने या उपयोग करने वाले हाथ-कातने वाले भी इसे पसंद करते हैं।
इतिहास और मूल
वेन्सलीडेल को 19वीं सदी के उत्तरी यॉर्कशायर, इंग्लैंड में 1839 में जन्मे एक मेढ़े से विकसित किया गया, जिसने नस्ल का नीला चेहरा और लंबा ऊन स्थिर किया।
वेन्सलीडेल नाम उत्तरी यॉर्कशायर, इंग्लैंड की वेन्सलीडेल घाटी से लिया गया है, जहां इसे 1800 के दशक में विकसित किया गया था। इस क्षेत्र में लंबे समय से स्थानीय लॉन्गवूल और टीज़वाटर प्रकार की भेड़ें पाली जाती रही थीं, और वहां के पालक ऊन तथा शरीर संरचना सुधारने में जुटे रहते थे।
इस नस्ल का मूल 1839 में जन्मे एक मेढ़े से जुड़ा है, जिसे आमतौर पर "ब्लूकैप" के नाम से दर्ज किया गया है। यह मेढ़ा एक डिश्ले लीसेस्टर (एक सुधरी हुई लीसेस्टर लॉन्गवूल) और स्थानीय टीज़वाटर प्रकार की भेड़ी के संकरण से पैदा हुआ था। ब्लूकैप की त्वचा गहरे नीले रंग की थी और ऊन लंबा तथा चमकदार, और उसने ये गुण अपनी संतानों को मज़बूती से सौंपे।
पालकों ने ब्लूकैप और उसकी संतानों का उपयोग नस्ल को स्थिर करने में किया, और नीला चेहरा तथा घुंघराले ऊन की विशेषता पूरी वंशावली में एक जैसी बन गई। वेन्सलीडेल लॉन्गवूल शीप ब्रीडर्स एसोसिएशन की स्थापना 1890 में नस्ल के अभिलेखन और प्रचार के लिए हुई।
20वीं सदी के अधिकांश समय वेन्सलीडेल का उपयोग पहाड़ी झुंडों को सुधारने के लिए संकरण मेढ़े के रूप में होता रहा, और खेती के तरीके बदलने के साथ इसकी संख्या घटती गई। आज इस नस्ल को यूनाइटेड किंगडम में एक दुर्लभ नस्ल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, और इसे वंशावली पालक तथा रेशा प्रेमी संभाले हुए हैं जो इस वंश को बनाए रखते हैं।
रूप-रंग और नस्ल मानक
एक बड़ी, सीधी खड़ी भेड़ जिसका सिर और टांगों की त्वचा गहरे नीले रंग की होती है, और लंबा ऊन शरीर की पूरी लंबाई में एक समान, चमकदार घुंघराले छल्लों में लटकता है।
वेन्सलीडेल लंबी और गहरे शरीर वाली भेड़ है, जो लंबी, साफ टांगों पर खड़ी होती है। मेढ़े और भेड़ी दोनों स्वाभाविक रूप से बिना सींग के होते हैं। सिर चौड़ा और ऊंचा उठा हुआ रहता है, और नस्ल की बनावट सतर्क तथा गरिमामय दिखती है।
सबसे विशिष्ट पहचान इसकी नंगी त्वचा का रंग है। चेहरे, कानों और निचली टांगों पर छोटे बालों के बीच से गहरा नीला-स्लेटी रंग झलकता है। यह रंगत नस्ल की स्थिर विशेषता है। मेमने अक्सर गहरे रंग के चेहरे के साथ जन्म लेते हैं, जो ऊन बढ़ने के साथ हल्का होता जाता है।
| गुण | मानक |
|---|---|
| ऊंचाई | लंबी; ब्रिटेन की सबसे बड़ी लॉन्गवूल नस्लों में शामिल |
| वज़न | मेढ़े लगभग 135 किलोग्राम तक; भेड़ी लगभग 100 से 115 किलोग्राम |
| कोट | लंबा घुंघराले छल्लों वाला ऊन, बारीक कसे हुए कर्ल, तेज़ चमक |
| रंग | सफेद ऊन; नीले-स्लेटी चेहरे, कान और टांगें |
| आंखें | गहरे रंग की, चौड़े बिना सींग वाले सिर में स्थित |
कोट और रंग
ऊन इस नस्ल की पहचान है। यह लंबा उगता है, अक्सर एक साल में 20 से 30 सेंटीमीटर तक, और पीठ तथा बगल में स्पष्ट घुंघराले छल्लों में गिरता है। रेशा चमकदार, केम्प-रहित होता है और हाथ से सूत कातने वालों के बीच बेशकीमती माना जाता है। मानक ऊन सफेद होता है, हालांकि एक मान्यता प्राप्त काले ऊन वाली किस्म भी मौजूद है जिसमें वही नीली त्वचा और घुंघराले छल्ले होते हैं। चेहरा आमतौर पर ऊन से मुक्त रहता है, और लंबा ऊन सिर के पीछे से शुरू होता है।
स्वभाव और व्यवहार
वेन्सलीडेल शांत, सरल स्वभाव की और संभालने में आसान भेड़ है, जिसकी शांत, गरिमामय चाल इसे छोटे फार्म मालिकों के लिए प्रबंधनीय बनाती है।
वेन्सलीडेल का स्वभाव स्थिर और सौम्य होता है। इस नस्ल की भेड़ें आमतौर पर सीधी होती हैं और संभालने में सहयोग करती हैं, जिससे कतरनी, खुर की सफाई और ऊन की जांच जैसे नियमित काम फुर्तीली नस्लों की तुलना में आसान हो जाते हैं। इस नस्ल को अक्सर गरिमामय कहा जाता है, जो सिर ऊंचा रखकर बिना ज़्यादा हलचल के चलती है।
लोगों के साथ, अच्छी तरह संभाली गई वेन्सलीडेल शांत और आश्वस्त हो जाती हैं, और नियमित दिनचर्या में ढल जाती हैं। झुंड के जानवर के रूप में यह नस्ल साथ पसंद करती है और अकेले रखे जाने के बजाय अन्य भेड़ों के साथ बेहतर रहती है। मेढ़े बड़े और ताकतवर होते हैं, इसलिए उन्हें सम्मानपूर्वक संभालने और मज़बूत बाड़ की ज़रूरत होती है, पर यह नस्ल आक्रामकता के लिए नहीं जानी जाती।
अन्य पशुओं के साथ वेन्सलीडेल शांत रहती है और मिश्रित चराई में अच्छी तरह घुल-मिल जाती है। इसका आकार और शांत स्वभाव इसे बाड़ या झुंड को चुनौती देने से रोकता है, फिर भी किसी भी बड़ी भेड़ के लिए मज़बूत सीमाएं ज़रूरी हैं।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 3 |
| ऊर्जा | 2 |
| प्रशिक्षणीयता | 3 |
| आवाज़ | 2 |
| बाल झड़ना | 1 |
देखभाल और सौंदर्य-संवारना
लंबा ऊन ही मुख्य देखभाल की मांग है, जिसे कतरनी और नियमित जांच चाहिए, साथ ही चारागाह, खुर की देखभाल और आश्रय जैसी सामान्य भेड़ पालन की ज़रूरतें भी।
रोज़मर्रा की देखभाल सामान्य भेड़ पालन के तरीकों पर चलती है, पर लंबा ऊन अतिरिक्त काम जोड़ता है। ऊन को साफ और उलझनरहित रखना ज़रूरी है, और यह तेज़ी से बढ़ता है, इसलिए नस्ल को भरोसेमंद कतरनी और नियमित जांच चाहिए।
सौंदर्य-संवारना
- साल में कम से कम एक बार कतरनी करें; तेज़ी से बढ़ने वाले ऊन को संभालने के लिए कुछ पालक साल में दो बार कतरते हैं
- गर्म महीनों में विशेष रूप से उलझन, वनस्पति और मक्खी-प्रकोप के संकेतों के लिए ऊन की नियमित जांच करें
- गंदगी जमने और मक्खी-प्रकोप के खतरे को कम करने के लिए पिछले हिस्से और पेट के ऊन को साफ रखें
- लंगड़ेपन से बचाने के लिए खुरों की नियमित कटाई करें
व्यायाम
- रोज़ाना चराई और घूमने के लिए पर्याप्त चारागाह उपलब्ध कराएं
- चारे की गुणवत्ता बनाए रखने और परजीवी भार सीमित करने के लिए चराई क्षेत्र बदलते रहें
- बड़े शरीर वाले जानवर को आराम से चलने-फिरने और बैठने के लिए जगह सुनिश्चित करें
वातावरण
वेन्सलीडेल को अच्छी चराई, साफ पानी, और मानसून की मूसलधार बारिश तथा तेज़ गर्मी से बचाव के लिए सूखा आश्रय चाहिए। घना, लंबा ऊन नमी सोखकर रोके रखता है, इसलिए सूखी ज़मीन और हवादार आश्रय ज़रूरी हैं। बाड़ मज़बूत और बड़ी भेड़ के अनुकूल होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में छाया दें, क्योंकि भारी ऊन शरीर पर गर्मी का बोझ और बढ़ा देता है।
पोषण और आहार
वेन्सलीडेल अच्छी गुणवत्ता के चारागाह और चारे पर फलती-फूलती है, और देर की गर्भावस्था, दुग्धस्राव तथा सर्दियों में भेड़ियों के लिए भूसा और सीमित सांद्र आहार जोड़ा जाता है।
वेन्सलीडेल एक चरने वाला रोमन्थी पशु है और अच्छी गुणवत्ता की घास तथा चारे पर सबसे अच्छा पनपता है। साल के अधिकांश समय सुव्यवस्थित चारागाह इसकी अधिकांश ज़रूरतें पूरी कर देता है। भूसा या साइलेज सर्दियों और घास कम होने की अवधि को कवर करता है। मांग बढ़ने पर, जैसे देर की गर्भावस्था और दुग्धस्राव में भेड़ियों के लिए या बढ़ते मेमनों के लिए, सांद्र आहार सीमित मात्रा में जोड़ा जाता है। रूमेन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आहार में अचानक बदलाव नहीं करना चाहिए। साफ पानी और उपयुक्त खनिज हमेशा उपलब्ध रहने चाहिए।
| जीवन चरण | प्रतिदिन मात्रा | भोजन बार |
|---|---|---|
| रखरखाव (भेड़ी/मेढ़ा) | चराई के साथ घास कम होने पर 1.5 से 2 किलोग्राम भूसा | स्वतंत्र चराई |
| देर की गर्भावस्था | चारे के साथ 0.3 से 0.7 किलोग्राम सांद्र आहार, ब्यांत के निकट बढ़ता हुआ | 1 से 2 |
| दुग्धस्राव करने वाली भेड़ी | चारे के साथ मांग अनुसार लगभग 1 किलोग्राम तक सांद्र आहार | 2 |
| बढ़ता मेमना | चारा, ज़रूरत अनुसार क्रीप फीड | स्वतंत्र |
अतिरिक्त आहार और पूरक
स्थानीय मिट्टी के अनुसार चुना गया भेड़-विशिष्ट खनिज लिक या पूरक दें, और जहां मिट्टी में कमी हो वहां सेलेनियम तथा कोबाल्ट पर ध्यान दें। सर्दियों में जड़ वाली सब्ज़ियां थोड़ी मात्रा में दी जा सकती हैं। कोई भी अतिरिक्त आहार चारा-आधारित भोजन का बस एक छोटा हिस्सा होना चाहिए।
स्वास्थ्य और सामान्य समस्याएं
वेन्सलीडेल आमतौर पर मज़बूत होती है और 10 से 12 साल जीती है, मुख्य जोखिम इसके भारी ऊन से जुड़े होते हैं, जिनमें मक्खी-प्रकोप शामिल है, साथ ही सामान्य भेड़ रोग भी।
वेन्सलीडेल एक मज़बूत नस्ल है जिसका सामान्य जीवनकाल अच्छी देखभाल में 10 से 12 साल होता है। अधिकांश स्वास्थ्य चिंताएं भेड़ों में आम हैं, लेकिन लंबा, घना ऊन संवारने और कतरनी में चूक होने पर मक्खी-प्रकोप तथा त्वचा समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है। परजीवी नियंत्रण, खुर की देखभाल और टीकाकरण का सुनियोजित कार्यक्रम झुंड को स्वस्थ रखता है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| मक्खी-प्रकोप | बेचैनी, गंदा या हिलता हुआ ऊन, दुर्गंध | लंबे ऊन से खतरा अधिक; बार-बार कतरनी और जांच करें |
| फुटरॉट / लंगड़ापन | लंगड़ाना, खुर में गर्मी, दुर्गंध | नियमित रूप से खुर काटें और ज़मीन सूखी रखें |
| आंतरिक परजीवी | वज़न घटना, दस्त, खून की कमी | चराई बदलें और मल परीक्षण के आधार पर कृमिनाशक दें |
| थनैला (मास्टाइटिस) | थन गर्म और सूजा हुआ, खाना कम खाना | दुग्धस्राव के दौरान भेड़ियों पर नज़र रखें |
| गर्भावस्था विषाक्तता | देर की गर्भावस्था में सुस्ती, खाना कम खाना | भेड़ी की स्थिति और ऊर्जा आहार का प्रबंधन करें |
निवारक देखभाल
- समय पर कतरनी करें और नियमित रूप से ऊन को त्वचा तक जांचें
- पशु चिकित्सक के मार्गदर्शन में टीकाकरण कार्यक्रम बनाए रखें (जैसे क्लॉस्ट्रिडियल सुरक्षा)
- नियमित समय पर खुरों की कटाई और जांच करें
- लक्षित कृमिनाशक के लिए मल में अंडों की गिनती का उपयोग करें
- स्थानीय मिट्टी के अनुसार सही खनिज दें और नियमित रूप से शारीरिक स्थिति जांचें
प्रजनन और मेमनों का पालन
वेन्सलीडेल भेड़ियां साल में एक बार वसंत में ब्यांती हैं, आमतौर पर लगभग पांच महीने के गर्भकाल के बाद एक या दो मेमने जनती हैं, और यह नस्ल व्यापक रूप से संकरण मेढ़े के रूप में उपयोग होती है।
वेन्सलीडेल अपने पहले साल के भीतर प्रजनन योग्य उम्र तक पहुंच जाती है, हालांकि भेड़ियों को आमतौर पर अच्छी तरह विकसित होने के बाद लगभग 18 महीने की उम्र में पहली बार प्रजनन के लिए रखा जाता है। संगम प्राकृतिक शरद ऋतु प्रजनन काल में होता है, जिसमें मेढ़ों को भेड़ियों के साथ इस तरह रखा जाता है कि मेमने वसंत में जन्म लें। गर्भकाल लगभग 145 से 150 दिन, यानी करीब पांच महीने चलता है।
भेड़ियां आमतौर पर एक या दो मेमने जनती हैं, और अच्छी शारीरिक स्थिति वाले पशुओं में जुड़वां आम हैं। इस नस्ल को अच्छी दूध क्षमता और मातृत्व गुण के लिए जाना जाता है, और भेड़ियां आमतौर पर अपने मेमनों को अच्छी तरह पालती हैं। मेमने जन्म के समय बड़े होते हैं, जो नस्ल के आकार को दर्शाता है, इसलिए भेड़ियों की स्थिति सही होनी चाहिए और ब्यांत के समय उन पर नज़र रखनी चाहिए।
वेन्सलीडेल को संकरण मेढ़े के रूप में बेशकीमती माना जाता है। मेढ़ों का उपयोग पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों की भेड़ियों पर संकर मादाएं पैदा करने के लिए होता है, जिससे संतान में आकार, ऊन की गुणवत्ता और दूध क्षमता जुड़ती है। शुद्ध नस्ल प्रजनन के लिए, सावधानीपूर्वक चयन नीला चेहरा, ऊन की घुंघरालेपन और शरीर संरचना बनाए रखता है जो इस नस्ल की पहचान हैं।
| माप | मूल्य |
|---|---|
| प्रजनन काल | शरद ऋतु (मौसमी प्रजनक) |
| पहले प्रजनन की उम्र | लगभग 18 महीने (भेड़ी) |
| गर्भकाल | लगभग 145 से 150 दिन |
| प्रति ब्यांत मेमने | आमतौर पर 1 से 2 मेमने |
| दूध छुड़ाना | लगभग 12 से 16 सप्ताह |
| मुख्य उपयोग | ऊन और संकरण मेढ़ा |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वेन्सलीडेल भेड़ के बारे में सामान्य सवाल, जिनमें आकार, स्वभाव, देखभाल की मांग, जीवनकाल, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।
वेन्सलीडेल भेड़ कितनी बड़ी होती है?
यह ब्रिटेन की सबसे बड़ी भेड़ नस्लों में से एक है। मेढ़ों का वज़न लगभग 135 किलोग्राम तक और भेड़ियों का 100 से 115 किलोग्राम तक हो सकता है, लंबे पैरों वाले ऊंचे, गहरे शरीर पर।
वेन्सलीडेल का स्वभाव कैसा होता है?
शांत, सरल और गरिमामय। यह नस्ल सीधी होती है और आसानी से संभल जाती है, जिससे नियमित देखभाल आसान हो जाती है, हालांकि बड़े मेढ़ों को फिर भी सम्मानपूर्वक संभालने की ज़रूरत होती है।
क्या वेन्सलीडेल की देखभाल करना मुश्किल है?
मुख्य अतिरिक्त काम ऊन का है। लंबा घुंघराले ऊन तेज़ी से बढ़ता है और उलझन तथा मक्खी-प्रकोप से बचाने के लिए नियमित कतरनी और जांच चाहिए। बाकी देखभाल सामान्य भेड़ पालन जैसी ही है।
वेन्सलीडेल भेड़ कितने साल जीती है?
अच्छी देखभाल, आहार और स्वास्थ्य सेवा के साथ सामान्य जीवनकाल 10 से 12 साल है।
वेन्सलीडेल किसके लिए उपयुक्त है?
यह छोटे फार्म मालिकों, रेशा उत्पादकों और हाथ-कातने वालों के लिए उपयुक्त है जो ऊन को महत्व देते हैं, साथ ही संकरण मेढ़े के रूप में उपयोग करने वाले व्यावसायिक पालकों के लिए भी। पालकों को ऊन की देखभाल के लिए समय देना होगा।
क्या वेन्सलीडेल भेड़ दुर्लभ है या आसानी से मिल जाती है?
इस नस्ल को यूनाइटेड किंगडम में दुर्लभ नस्ल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इसे वंशावली पालक और रेशा प्रेमी संभालते हैं, इसलिए पशु उपलब्ध हैं पर आम व्यावसायिक नस्लों की तुलना में कम संख्या में।
वेन्सलीडेल का ऊन किसलिए उपयोग होता है?
लंबा, चमकदार, केम्प-रहित ऊन हाथ से सूत कातने वालों के बीच बेशकीमती है और इससे धागा तथा विशेष कपड़े बनाए जाते हैं। यह सफेद और एक मान्यता प्राप्त काले रूप में मिलता है।