United Pet Club

ईस्ट फ़्रीज़ियन

ईस्ट फ़्रिज़ियन दुनिया की सर्वोत्तम डेयरी भेड़ है, एक शांत और सुस्वभाव वाली नस्ल, जो अपनी असाधारण रूप से उच्च दूध उपज के लिए विख्यात है।

Size
बड़ा
Lifespan
8–12 years
Origin
जर्मनी
Temperament
सीधा-सादा
Standard colors
काला और सफ़ेद
Key Traits
सीधा-सादाशांतसुस्वभावीमेहनती

Characteristics

Energy Level4
Trainability4
Good With Kids3
Good With Pets4
Grooming Needs5

ईस्ट फ़्रीज़ियन colors and patterns

What each club's breed standard says about every ईस्ट फ़्रीज़ियन color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.

Breed standards describe the ईस्ट फ़्रीज़ियन in काला और सफ़ेद. Standard patterns: एकरंगा और चितकबरा.

फ़र: rulings by club
Color or patternLSZV MV
कालामानक (“einheitlich schwarzbraun”)
सफ़ेदमानक (“einheitlich weiß”)
Patterns
एकरंगामानक (“einheitlich”)
चितकबरामानक (“gescheckt”)
नाक: rulings by club
Color or pattern
गुलाबी
खुर: rulings by club
Color or pattern
सफ़ेद

What the rulings mean

मानक
Described by the club's breed standard.

Color changes

How a ईस्ट फ़्रीज़ियन's colors can change over its life.

  • कालाchanges toस्लेटी

    फ़र · उम्र के साथ

  • कालाchanges toगहरा भूरा

    फ़र · उम्र के साथ · from 0 to 52 weeks

  • कालाchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • कालाchanges toभूरा

    फ़र · धूप में · can change back

  • सफ़ेदchanges toचित्तीदार

    फ़र · क्रमिक

  • कालाchanges toसफ़ेद

    फ़र · शारीरिक दशा के साथ · can change back

ईस्ट फ्रीज़ियन भेड़ के बारे में

ईस्ट फ्रीज़ियन उत्तरी जर्मनी की एक बड़ी डेयरी भेड़ नस्ल है, जो बहुत अधिक दूध उत्पादन और शांत स्वभाव के लिए जानी जाती है।

ईस्ट फ्रीज़ियन एक डेयरी भेड़ है जिसकी उत्पत्ति उत्तरी जर्मनी के ईस्ट फ्रिज़िया क्षेत्र में हुई थी। यह दुनिया की सबसे अधिक दूध देने वाली भेड़ नस्लों में गिनी जाती है। एक भेड़ आमतौर पर 200 से 300 दिन के दुग्धकाल में 300 से 600 लीटर तक दूध देती है। इस दूध से पनीर, दही और अन्य किण्वित उत्पाद बनाए जाते हैं।

यह नस्ल आकार में भेड़ों के हिसाब से काफी बड़ी है। वयस्क भेड़ों का वज़न लगभग 70 से 90 किलोग्राम और मेढ़ों का 90 से 120 किलोग्राम तक होता है। दोनों में सींग नहीं होते, और इस नस्ल की पहचान इसके बाल-रहित मुंह और टांगों से तथा पतली, बिना ऊन वाली चूहे जैसी पूंछ से होती है।

ईस्ट फ्रीज़ियन भेड़ें शांत और सरल स्वभाव के लिए जानी जाती हैं, जिससे रोज़ाना दुहना और संभालना आसान रहता है। ये खेत पर मेहनती होती हैं, लेकिन कठोर चरागाही परिस्थितियों की भेड़ नहीं हैं। इन्हें बड़े खुले चरागाहों के बजाय अच्छे पोषण और आश्रय वाले छोटे, सुव्यवस्थित झुंडों में रखना बेहतर रहता है।

त्वरित तथ्य
विशेषताविवरण
मूल स्थानईस्ट फ्रिज़िया, उत्तरी जर्मनी
आकारबड़ा (भेड़ 70-90 किग्रा, मेढ़ा 90-120 किग्रा)
आयु8 से 12 वर्ष
समूह / भूमिकाडेयरी भेड़
किसके लिए उपयुक्तछोटे सुव्यवस्थित झुंड, चौकस पालक, क्रॉसब्रीडिंग कार्यक्रम

किसके लिए उपयुक्त

ईस्ट फ्रीज़ियन उन पालकों के लिए उपयुक्त है जो डेयरी भेड़ रखना चाहते हैं और नियमित दुहाई, अच्छा चारा तथा सूखा आश्रय दे सकते हैं। इसका व्यापक उपयोग क्रॉसिंग सायर के रूप में भी होता है, ताकि अन्य नस्लों में दूध उत्पादन और अधिक मेमने देने की क्षमता बढ़ाई जा सके। जो लोग कम रखरखाव वाली मांस या ऊन भेड़ चाहते हैं, या जिनके पास कठोर खुले चरागाह हैं, उनके लिए यह नस्ल उतनी उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इसे कठोर पहाड़ी नस्लों की तुलना में अधिक देखभाल चाहिए।

इतिहास और उत्पत्ति

ईस्ट फ्रीज़ियन का विकास उत्तरी जर्मनी के ईस्ट फ्रिज़िया क्षेत्र और नीदरलैंड्स के पड़ोसी तटीय इलाकों में एक विशेष दुग्ध भेड़ के रूप में हुआ।

इस नस्ल का नाम ईस्ट फ्रिज़िया (ऑस्टफ्रीज़लैंड) से पड़ा है, जो उत्तर सागर के किनारे उत्तर-पश्चिमी जर्मनी का एक तटीय क्षेत्र है और उत्तरी नीदरलैंड्स के सटे हुए तटीय इलाकों तक फैला है। इस क्षेत्र की समतल, निचली दलदली और चारागाह भूमि में सदियों से भेड़ों को दूध के साथ-साथ मांस और ऊन के लिए भी पाला जाता रहा है।

स्थानीय किसानों ने कई पीढ़ियों तक दूध उत्पादन के आधार पर पशुओं का चयन किया, जिससे ऐसी भेड़ तैयार हुई जो सामान्य ऊन या मांस नस्लों से कहीं ज़्यादा दूध देती है। आधुनिक युग तक आते-आते ईस्ट फ्रीज़ियन एक सामान्य खेत की भेड़ के बजाय एक समर्पित डेयरी नस्ल के रूप में स्थापित हो चुकी थी।

यह नस्ल अपने मूल क्षेत्र से यूरोप के अन्य हिस्सों में और बाद में दूसरे महाद्वीपों में फैली, जहां इसे शुद्ध डेयरी भेड़ के साथ-साथ क्रॉसिंग नस्ल के रूप में भी इस्तेमाल किया गया। कई देशों में इसे खासतौर पर स्थानीय झुंडों का दूध उत्पादन और मेमनों की संख्या बढ़ाने के लिए लाया गया।

चूंकि शुद्ध नस्ल जलवायु, रोग और गहन चराई के दबाव के प्रति संवेदनशील है, इसलिए दुनिया भर में इसका असर बड़ी शुद्ध आबादी के बजाय क्रॉसब्रीड संतानों के ज़रिये ज़्यादा दिखता है। क्रॉसब्रीड भेड़ें दूसरे माता-पिता से मज़बूती पाते हुए भी इस नस्ल के दूध और अधिक मेमने देने के गुण का बड़ा हिस्सा बनाए रखती हैं।

रंग-रूप

एक बड़ी सफ़ेद भेड़, जिसके मुंह और टांगों पर ऊन नहीं होता, पूंछ पतली और बाल-रहित होती है, और नर-मादा दोनों में सींग नहीं होते।

ईस्ट फ्रीज़ियन एक बड़ी, ढांचेदार भेड़ है जिसका शरीर लंबा और पेट का घेरा गहरा होता है। इसकी सबसे पहचानने योग्य विशेषताएं साफ, बिना ऊन वाला सिर और टांगें, तथा पतली, ऊन-रहित पूंछ हैं, जिसे अक्सर चूहे जैसी पूंछ कहा जाता है। भेड़ और मेढ़ा दोनों बिना सींग के होते हैं। ऊन सफेद और मध्यम गुणवत्ता की होती है, जो मुख्य रूप से भेड़ के अपने शरीर को ढकने के लिए बढ़ती है, न कि किसी उच्च श्रेणी के ऊन उत्पाद के लिए।

नस्ल मानक एक नज़र में
गुणविवरण
ऊंचाईकंधे तक लगभग 70 से 90 सेंटीमीटर
वज़नभेड़ 70-90 किग्रा; मेढ़ा 90-120 किग्रा
ऊनमध्यम दर्जे की सफेद ऊन; मुंह, टांगें और पूंछ बिना ऊन के
रंगमुख्यतः सफेद
आंखेंकाली

ऊन और रंग

ऊन सफेद होती है और मध्यम श्रेणी में आती है, जिसका रेशा बारीक वस्त्र उत्पादन के बजाय सामान्य उपयोग के लिए उपयुक्त है। मुंह, निचली टांगों और लंबी पतली पूंछ पर बहुत कम या बिल्कुल ऊन नहीं होती, जिससे इस नस्ल को झट से पहचाना जा सकता है। दूध देने वाली भेड़ों का थन बड़ा और मज़बूती से जुड़ा होता है, जो इसके डेयरी उद्देश्य को दर्शाता है। रंग लगभग हमेशा सफेद रहता है; मुंह और टांगों की खुली त्वचा गुलाबी होती है।

स्वभाव

ईस्ट फ्रीज़ियन शांत, सरल और मिलनसार स्वभाव की होती है, जिससे रोज़मर्रा की देखभाल और दुहाई आसान हो जाती है।

ईस्ट फ्रीज़ियन का स्वभाव शांत और सरल है। यह नस्ल आमतौर पर आसानी से संभल जाती है, जो एक डेयरी पशु के लिए फ़ायदेमंद है जिसे नियमित समय पर लाकर दुहा जाता है। भेड़ें कई चरागाही नस्लों की तुलना में इंसानों के करीबी संपर्क को बेहतर सहन करती हैं और जल्दी ही दुहाई की दिनचर्या में ढल जाती हैं।

लोगों के साथ यह नस्ल शांत और मिलनसार रहती है, और नियमित संपर्क में पली भेड़ें पालतू जैसी हो जाती हैं। अजनबियों के प्रति ये सामान्य भेड़ों जितनी सतर्क रहती हैं, पर आक्रामक नहीं होतीं। ये दूसरी भेड़ों और मिश्रित पशुधन के साथ शांति से झुंड बनाकर चरती हैं। प्रजनन काल में मेढ़ों के साथ वही सामान्य सावधानी बरतनी चाहिए जो किसी भी बिना बधिया किए नर पशु के साथ बरती जाती है, लेकिन यह नस्ल मुश्किल स्वभाव के लिए नहीं जानी जाती।

गुण रेटिंग (1 = कम, 5 = अधिक)
गुणरेटिंग
स्नेह (पालकों से घुलना-मिलना)4
ऊर्जा2
प्रशिक्षणीयता (दिनचर्या के प्रति)4
आवाज़ करना2
ऊन झड़ना (कतरनी की ज़रूरत)1

देखभाल और प्रबंधन

ईस्ट फ्रीज़ियन को अच्छे चरागाह, सूखे आश्रय, नियमित ऊन कतरनी और खुर की देखभाल की ज़रूरत होती है, और यह कठोर चरागाही नस्लों से ज़्यादा ध्यान मांगती है।

ईस्ट फ्रीज़ियन एक उत्पादक लेकिन देखभाल के प्रति संवेदनशील नस्ल है। अच्छी पालन-पद्धति से यह भरपूर दूध देती है, लेकिन उपेक्षा या कठोर खुली चराई में यह फल-फूल नहीं पाती। नियमित दिनचर्या की देखभाल और गीले, ठंडे मौसम से बचाव की योजना पहले से बना लें।

सफाई और संवारना

  • ऊन को साल में कम से कम एक बार, आमतौर पर बसंत में कतरें।
  • खुरों की जांच और छंटाई हर 6 से 8 हफ्तों में या ज़रूरत के अनुसार करें, ताकि खुर बढ़ने और फुट रॉट (खुर सड़न) से बचा जा सके।
  • बाहरी परजीवियों के लिए जांच करें और ज़रूरत पड़ने पर इलाज करें।
  • दूध देने वाली भेड़ों में थन के आसपास की जगह साफ रखें और ज़रूरत हो तो वहां की ऊन काट दें।

व्यायाम

  • रोज़ाना चरने और घूमने-फिरने के लिए पर्याप्त चरागाह दें।
  • चारे की गुणवत्ता बनाए रखने और परजीवी भार घटाने के लिए बाड़ों को बदलते रहें।
  • मेमनों को दौड़ने-भागने की जगह दें ताकि उनकी टांगें और खुर मज़बूत बनें।

वातावरण

यह नस्ल समशीतोष्ण जलवायु और अच्छी, पानी के सही निकास वाली चरागाह भूमि को तरजीह देती है। यह कई कठोर नस्लों की तुलना में लगातार गीली ज़मीन, गर्मी और भारी आंतरिक परजीवी दबाव को कम सहन कर पाती है। भारत जैसे गर्म, उमस भरे और मानसून वाले इलाकों में यह बात खास मायने रखती है, जहां लंबे समय तक भीगी हुई ज़मीन आम बात है। छाया, खराब मौसम और ब्याने के समय के लिए सूखा, हवादार आश्रय दें। छोटे, सुव्यवस्थित झुंड इस नस्ल के लिए बड़े खुले चरागाही तंत्र से बेहतर रहते हैं।

पोषण और आहार

अधिक दूध देने वाली भेड़ को दुग्धकाल में गुणवत्तापूर्ण चारे के साथ सांद्र आहार, हमेशा साफ पानी और मुफ्त उपलब्ध खनिज चाहिए।

अच्छा चरागाह या गुणवत्तापूर्ण सूखा चारा ईस्ट फ्रीज़ियन के आहार की नींव है। चूंकि दूध देने वाली भेड़ें बड़ी मात्रा में दूध बनाती हैं, इसलिए उनकी ऊर्जा और प्रोटीन की मांग ज़्यादा होती है, और शरीर की स्थिति बनाए रखने तथा दूध उत्पादन जारी रखने के लिए उन्हें आमतौर पर चारे के अलावा सांद्र आहार भी देना पड़ता है। आहार उत्पादन के चरण के अनुसार तय करना चाहिए: रखरखाव, गर्भावस्था के आखिरी दिन और चरम दुग्धकाल में अलग-अलग मात्रा चाहिए। साफ ताज़ा पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए, क्योंकि दूध उत्पादन से पानी की ज़रूरत काफी बढ़ जाती है।

सामान्य आहार मार्गदर्शिका (वयस्क भेड़, अनुमानित)
जीवन चरणप्रतिदिन मात्राभोजन बार
रखरखाव / न ब्याने की अवस्थाअच्छा चरागाह या 2-3 किग्रा गुणवत्तापूर्ण सूखा चाराचराई के साथ 1 अतिरिक्त आहार
गर्भावस्था के आखिरी दिनचारे के साथ 0.3-0.7 किग्रा सांद्र आहार1 से 2
चरम दुग्धकालचारे के साथ 0.7-1.5 किग्रा सांद्र आहार2
मेमने (क्रीप फीड)भूख के अनुसार क्रीप फीड और चाराइच्छानुसार

हल्का आहार और सप्लीमेंट

भेड़ों के लिए बना, कम तांबे वाला खनिज मिश्रण मुफ्त उपलब्ध रखें ताकि वे इच्छानुसार चाट सकें। नमक दें और जहां स्थानीय मिट्टी में सेलेनियम की कमी हो, वहां पर्याप्त सेलेनियम सुनिश्चित करें। कोई भी अनाज या सांद्र आहार धीरे-धीरे शुरू करें ताकि एसिडोसिस न हो, और हल्के आहार के तौर पर थोड़ा अतिरिक्त सूखा चारा दें, न कि गाय या घोड़ों के लिए बना भारी आहार।

स्वास्थ्य और सामान्य समस्याएं

अच्छी देखभाल में उत्पादक रहने वाली ईस्ट फ्रीज़ियन को फुट रॉट, परजीवी और थनैला का खतरा रहता है, और यह आमतौर पर 8 से 12 साल जीती है।

अच्छी देखभाल के साथ ईस्ट फ्रीज़ियन एक उत्पादक, लंबे समय तक काम देने वाली डेयरी भेड़ साबित होती है, लेकिन यह चरागाही नस्लों जितनी मज़बूत नहीं है और गीली ज़मीन, आंतरिक परजीवियों तथा गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील रहती है। इसकी सामान्य आयु 8 से 12 साल होती है, हालांकि ज़्यादा दूध देने वाली भेड़ों को अक्सर उत्पादन घटने पर पहले ही अलग कर दिया जाता है। ज़्यादा दूध देने वाला थन होने के कारण दुहाई वाले झुंडों में थनैला एक बड़ी चिंता का विषय है।

आम स्वास्थ्य समस्याएं
समस्यालक्षणटिप्पणी
फुट रॉटलंगड़ापन, दुर्गंध, खुर की सतह का अलग होनागीली ज़मीन से जुड़ा; तुरंत छंटाई और इलाज करें
आंतरिक परजीवीवज़न घटना, खून की कमी, दस्तयह नस्ल काफी संवेदनशील है; रोटेशन और कृमि जांच अपनाएं
थनैलागर्म, सूजा हुआ, सख्त थन; असामान्य दूधज़्यादा दूध देने वाली भेड़ों में बड़ी समस्या
फुट स्काल्डलंगड़ापन, खुरों के बीच लाल सूजी त्वचानम चरागाह में आम
गर्भावस्था विषाक्तताकमजोरी, गर्भावस्था के अंत में चारा न खानादेर की गर्भावस्था में खराब पोषण से जुड़ा

बचाव संबंधी देखभाल

  • अपने क्षेत्र के अनुसार टीकाकरण और कृमिनाशक कार्यक्रम नियमित रूप से चलाएं।
  • खुरों की नियमित जांच और छंटाई करें और पशुओं को सूखी ज़मीन पर रखें।
  • दुहाई वाली भेड़ों में थन का स्वास्थ्य रोज़ाना जांचें और साफ-सफाई से दुहें।
  • चयापचय संबंधी रोग रोकने के लिए देर की गर्भावस्था में सही पोषण दें।
  • शरीर की स्थिति का नियमित आकलन करें।

प्रजनन

ईस्ट फ्रीज़ियन अधिक मेमने देने वाली नस्ल है, अक्सर जुड़वां या तीन मेमने देती है, गर्भधारण लगभग पांच महीने का होता है, और इसका व्यापक उपयोग अन्य नस्लों में दूध व मेमनों की संख्या बढ़ाने के लिए किया जाता है।

ईस्ट फ्रीज़ियन अधिक मेमने देने वाली नस्ल है, जुड़वां मेमने आम हैं जबकि तीन मेमने भी अक्सर होते हैं। भेड़ें लगभग 7 से 12 महीने की उम्र में प्रजनन योग्य हो जाती हैं, हालांकि कई पालक पहली बार गाभिन करने से पहले भेड़ के पूरी तरह बढ़ने का इंतज़ार करते हैं। समशीतोष्ण इलाकों में प्रजनन आमतौर पर प्राकृतिक शरद ऋतु के प्रजनन काल में होता है, जिससे बसंत में मेमने पैदा होते हैं, हालांकि इस नस्ल को अन्य ब्याने की तारीखों के लिए भी प्रबंधित किया जा सकता है।

गर्भधारण अवधि लगभग 145 से 150 दिन, यानी करीब पांच महीने की होती है। चूंकि मेमनों की संख्या अक्सर ज़्यादा होती है और दूध उत्पादन भी अधिक रहता है, इसलिए भेड़ों को देर की गर्भावस्था और दुग्धकाल में मेमनों को अच्छी तरह पालने के लिए मज़बूत पोषण चाहिए। इस नस्ल की भरपूर दूध क्षमता का मतलब है कि भेड़ें अच्छी मां साबित होती हैं जो कई मेमनों को पाल सकती हैं, और बचा हुआ दूध डेयरी उपयोग के लिए भी लिया जाता है।

अन्य भेड़ नस्लों में दूध उत्पादन और मेमनों की संख्या बढ़ाने के लिए क्रॉसिंग सायर के रूप में ईस्ट फ्रीज़ियन का इस्तेमाल सबसे आम है। क्रॉसब्रीड बेटियां आमतौर पर डेयरी और अधिक मेमने देने की खूबी का बड़ा हिस्सा बनाए रखती हैं, साथ ही दूसरे माता-पिता से मज़बूती भी पाती हैं।

प्रजनन तथ्य
मापदंडमान
प्रजनन योग्य उम्रलगभग 7 से 12 महीने
प्रजनन कालमुख्यतः शरद ऋतु (समशीतोष्ण इलाकों में)
गर्भधारण अवधिलगभग 145 से 150 दिन
मेमनों की संख्याआमतौर पर 2, अक्सर 3
दूध छुड़ाने की उम्रलगभग 8 से 12 हफ्ते

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ईस्ट फ्रीज़ियन भेड़ के बारे में आम सवाल, जिसमें आकार, स्वभाव, देखभाल, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।

ईस्ट फ्रीज़ियन भेड़ का आकार कितना बड़ा होता है?

यह एक बड़ी नस्ल है। भेड़ों का वज़न आमतौर पर 70 से 90 किलोग्राम और मेढ़ों का 90 से 120 किलोग्राम रहता है, और कंधे तक ऊंचाई लगभग 70 से 90 सेंटीमीटर होती है।

ईस्ट फ्रीज़ियन का स्वभाव कैसा होता है?

शांत, सरल और मिलनसार। यह नस्ल आसानी से संभल जाती है और दुहाई की दिनचर्या में अच्छी तरह ढल जाती है, यही एक बड़ी वजह है कि इसे डेयरी भेड़ के तौर पर पसंद किया जाता है।

क्या ईस्ट फ्रीज़ियन को पालना मुश्किल है?

इसे कठोर चरागाही नस्लों से ज़्यादा देखभाल चाहिए। इसके लिए अच्छा चरागाह, सूखी ज़मीन, नियमित खुर देखभाल और ऊन कतरनी, और ध्यान से खिलाया गया आहार चाहिए, और यह फुट रॉट व परजीवियों के प्रति ज़्यादा संवेदनशील है। यह छोटे, सुव्यवस्थित झुंडों के लिए सबसे उपयुक्त है।

ईस्ट फ्रीज़ियन भेड़ें कितने साल जीती हैं?

आमतौर पर 8 से 12 साल, हालांकि ज़्यादा दूध देने वाली भेड़ों को अक्सर उत्पादन घटने पर पहले ही सेवा से हटा दिया जाता है।

ईस्ट फ्रीज़ियन को डेयरी भेड़ क्यों कहा जाता है?

यह दुनिया की सबसे ज़्यादा दूध देने वाली भेड़ नस्लों में से एक है। एक भेड़ आमतौर पर एक दुग्धकाल में 300 से 600 लीटर दूध देती है, और इस दूध से पनीर व अन्य डेयरी उत्पाद बनाए जाते हैं।

ईस्ट फ्रीज़ियन किसके लिए सबसे उपयुक्त है?

उन पालकों के लिए जो दूध उत्पादन चाहते हैं और नियमित दुहाई, गुणवत्तापूर्ण आहार तथा आश्रय दे सकते हैं। इसका व्यापक उपयोग अन्य नस्लों में दूध उत्पादन और मेमनों की संख्या बढ़ाने के लिए क्रॉसिंग में भी होता है।

क्या ईस्ट फ्रीज़ियन आसानी से मिल जाती है?

शुद्ध नस्ल की भेड़ें कम संख्या में पाली जाती हैं क्योंकि ये जलवायु और रोग के प्रति संवेदनशील होती हैं, इसलिए यह नस्ल बड़े शुद्ध झुंडों के बजाय अक्सर क्रॉसब्रीड डेयरी भेड़ के रूप में देखने को मिलती है।