स्टैंडर्ड चिनचिला
स्टैंडर्ड चिनचिला एक शांत, सौम्य खरगोश है, जो अपने घने, चमकीले चाँदी-सलेटी फर के लिए जाना जाता है, जो जंगली चिनचिला से मिलता-जुलता है।
- Size
- मध्यम
- Lifespan
- 5–8 years
- Origin
- फ़्रांस
- Temperament
- शांत
- Standard colors
- चिनचिला
Characteristics
Coat and grooming
How the स्टैंडर्ड चिनचिला coat is built, and what that means when you groom it.
- रोयें की परतें
- दोहरा रोयां
- बालों की बनावट
- मखमली
- बालों की लंबाई
- छोटा
- बाल झड़ना
- मध्यम झड़ना
Grooming guidance
गंभीर: A स्टैंडर्ड चिनचिला should not be shaved.
अंदरूनी परत गर्मी को उतना ही बाहर रोकती है जितना ठंड को, और ऊपरी बाल त्वचा को धूप और कीड़ों के काटने से बचाते हैं। पूरा रोयां मूँडने से दोनों चले जाते हैं। यह अक्सर चकत्तों में, मुलायम या दूसरे रंग में वापस उगता है, और कुछ पशुओं में ऊपरी बाल फिर कभी ठीक से नहीं लौटते। अंदरूनी परत को काटने के बजाय ब्रश करके निकालें।
सावधानी: A स्टैंडर्ड चिनचिला should only be clipped by someone experienced with the species.
यहाँ त्वचा इतनी पतली है कि मशीन के ब्लेड के नीचे फट सकती है, और पकड़े जाने पर पशु घबरा सकता है। कटाई या गाँठ हटाना पशु चिकित्सक या इस प्रजाति के साथ नियमित काम करने वाले ग्रूमर पर छोड़ें।
स्टैंडर्ड चिनचिला colors and patterns
What each club's breed standard says about every स्टैंडर्ड चिनचिला color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the स्टैंडर्ड चिनचिला in चिनचिला.
| Color or pattern | ARBA | BRC |
|---|---|---|
| चिनचिला | मानक (“Standard Chinchilla”) | मानक (“Chinchilla (to resemble real Chinchilla)”) |
| Color or pattern | BRC |
|---|---|
| स्लेटी | No ruling |
| भूरा | No ruling |
| Patterns | |
| दोरंगी आँखें | दोष (“Odd coloured eyes”) |
| संगमरमरी | No ruling |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- दोष
- Named by the club's breed standard as a fault: the animal can be shown but is penalized.
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश के बारे में
स्टैंडर्ड चिनचिला एक मध्यम आकार की फ्रांसीसी खरगोश नस्ल है, जो अपने घने चांदी स्लेटी फर और शांत स्वभाव के लिए जानी जाती है, जो परिवारों और नए पालकों दोनों के लिए उपयुक्त है।
स्टैंडर्ड चिनचिला एक घरेलू खरगोश नस्ल है जिसका फर दक्षिण अमेरिका की जंगली चिनचिला के रंग जैसा दिखता है। इसका कोट धूसर, काले और सफेद रंग की पट्टियों से मिलकर बनता है, जो रोशनी में चांदी जैसी चमक देता है। वयस्क खरगोश का वजन आमतौर पर 5 से 7.5 पाउंड (लगभग 2.3 से 3.4 किलोग्राम) के बीच होता है, यानी यह मध्यम आकार की नस्लों में छोटे से मझोले दायरे में आता है।
इस नस्ल का स्वभाव शांत और स्थिर रहता है। यह संभालने पर आसानी से सहज हो जाता है और एक बार दिनचर्या समझ में आ जाए तो जल्दी बस जाता है। कम आकार और यही स्वभाव मिलकर इसे उन घरों के लिए व्यावहारिक विकल्प बनाते हैं जो ऊर्जावान नहीं बल्कि सीधा-सादा साथी खरगोश चाहते हैं।
स्टैंडर्ड चिनचिला दो बड़ी नस्लों, अमेरिकन चिनचिला और जायंट चिनचिला, की मूल नस्ल भी है। ये दोनों नस्लें मूल फ्रांसीसी स्टॉक से आकार बढ़ाकर तैयार की गई थीं।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| उद्गम | फ्रांस |
| आकार | मध्यम (लगभग 5 से 7.5 पाउंड / 2.3 से 3.4 किलोग्राम) |
| आयु | 5 से 8 वर्ष |
| समूह / भूमिका | शौकिया और प्रदर्शनी खरगोश; साथी पशु |
| इनके लिए उपयुक्त | परिवार, शांत घर, सतर्क नए पालक |
किनके लिए उपयुक्त है
स्टैंडर्ड चिनचिला उन पालकों के लिए ठीक बैठता है जो एक नम्र खरगोश चाहते हैं जिसे संभालना आसान हो और जिसे लगातार गतिविधि की जरूरत न पड़े। इसका स्वभाव बड़ी उम्र के बच्चों वाले घरों के लिए भी उपयुक्त है, बशर्ते बच्चों को खरगोश के शरीर को सहारा देकर पकड़ना सिखाया गया हो। जो लोग प्रदर्शनी के लिए इस नस्ल की ओर आकर्षित होते हैं, उनके लिए एक स्पष्ट रूप से तय मानक मौजूद है, वहीं जिन्हें केवल साथी खरगोश चाहिए उन्हें एक स्थिर और सह्रदय जानवर मिलता है।
इतिहास और उद्गम
स्टैंडर्ड चिनचिला को 20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांस में जंगली चिनचिला के फर जैसा रूप देने के लिए विकसित किया गया था, और पहली प्रदर्शनी के कुछ ही वर्षों में यह दुनिया भर में फैल गई।
यह नस्ल फ्रांस में उत्पन्न हुई और इसका श्रेय एम. जे. डाइबोव्स्की को दिया जाता है, जिन्होंने इसे जंगली धूसर, हिमालयन और बेवरेन खरगोशों के मेल से तैयार किया। उद्देश्य ऐसा खरगोश बनाना था जिसकी खाल जंगली चिनचिला के फर जैसी दिखे, क्योंकि उस दौर के फर व्यापार में जंगली चिनचिला का फर बहुत कीमती माना जाता था।
स्टैंडर्ड चिनचिला को पहली बार 1913 में फ्रांस में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इसका असामान्य रंग रूप तुरंत ध्यान खींचने लगा, और प्रजनन के लिए पशु जल्द ही दूसरे देशों में भेजे जाने लगे। पहली प्रदर्शनी के कुछ ही वर्षों में यह नस्ल इंग्लैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंच गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल फ्रांसीसी खरगोश को सीधे चिनचिला या स्टैंडर्ड चिनचिला कहा जाने लगा। वहां के प्रजनकों ने मांस और फर बाजार के लिए इसका आकार बढ़ाने पर काम किया, और इसी मेहनत से अलग अमेरिकन चिनचिला और बाद में जायंट चिनचिला नस्लें सामने आईं। स्टैंडर्ड अपने छोटे आकार में बना रहा और इस समूह का मूल, संक्षिप्त रूप बना रहा।
इस नस्ल ने जो अलग रंगत पेश की, उसका असर खुद इस नस्ल से आगे भी गया। बाद में क्रॉसब्रीडिंग के जरिए चिनचिला रंगत का पैटर्न कई अन्य खरगोश नस्लों में भी पहुंचा दिया गया।
रूप-रंग
स्टैंडर्ड चिनचिला एक सुडौल मध्यम आकार का खरगोश है, जिसका घना और लचीला चांदी स्लेटी कोट धूसर, काले और सफेद रंग की पट्टियों से बना होता है और चमकदार असर देता है।
स्टैंडर्ड चिनचिला का शरीर छोटा, गोलाई लिए हुए और सुडौल होता है, सिर गोल और कान सीधे खड़े रहते हैं। बनावट लंबी नहीं बल्कि संतुलित है, और कुल मिलाकर यह एक साफ-सुथरा, ठोस मध्यम खरगोश जैसा दिखता है। इसकी सबसे खास पहचान इसका कोट है, जिसकी एगूटी पट्टियां ही उस चांदी स्लेटी चिनचिला रूप को जन्म देती हैं।
| गुण | विवरण |
|---|---|
| वजन | लगभग 5 से 7.5 पाउंड (2.3 से 3.4 किलोग्राम) |
| शारीरिक बनावट | सुडौल, गोल मध्यम कद-काठी |
| कोट | छोटा से मझोला, घना, मुलायम, लचीला रोलबैक फर |
| रंग | चांदी स्लेटी चिनचिला (धूसर, काले और सफेद रंग की एगूटी पट्टियां) |
| आंखें | भूरी या स्लेटी |
कोट और रंग
हर गार्ड बाल अपनी पूरी लंबाई में अलग-अलग रंगों की पट्टियों में बंटा होता है। त्वचा के पास का हिस्सा गहरा स्लेटी नीला होता है, उसके बाद मोती जैसी या हल्की सफेद पट्टी आती है, और सिरा काला होता है। जब फर को फूंक मारकर खोला जाए तो रंगों के अलग-अलग घेरे साफ दिखते हैं, और पूरे शरीर पर ये पट्टियां मिलकर वही चमकदार चांदी स्लेटी रंगत बनाती हैं जिसके लिए इस नस्ल का नाम पड़ा है। पेट का हिस्सा हल्का होता है, और आंखों के आसपास तथा पूंछ के नीचे सफेद रंग दिखता है। फर की बनावट रोलबैक तरह की होती है, यानी उलटी दिशा में सहलाने पर यह खड़ा होने के बजाय धीरे-धीरे वापस अपनी जगह लौटता है।
स्वभाव
स्टैंडर्ड चिनचिला शांत, नम्र और स्थिर स्वभाव का होता है, संभालने पर सहज रहता है और सही तरीके से मिलवाने पर लोगों तथा अन्य खरगोशों के साथ आसानी से घुल-मिल जाता है।
स्टैंडर्ड चिनचिला स्वभाव से नम्र और सह्रदय है। यह लोगों के आसपास आम तौर पर सहज रहता है और खिलाने तथा संभालने की नियमित दिनचर्या के साथ अच्छी तरह ढल जाता है। अचानक शोर या सख्ती से पेश आने पर यह भी किसी भी खरगोश की तरह चौंक सकता है, लेकिन यह नस्ल कई अन्य की तुलना में कम घबराने वाली है और आमतौर पर जल्दी शांत हो जाती है।
घर के सदस्यों के साथ यह अपनी शर्तों पर स्नेह दिखाता है और भरोसा बनने के बाद अक्सर शांति से बैठकर सहलाए जाना पसंद करता है। अजनबियों के सामने यह शुरुआत में डरने के बजाय सतर्क रहता है। दूसरे खरगोशों के साथ यह जोड़ी या समूह में रह सकता है, हालांकि मिलवाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे करनी चाहिए, और जिन खरगोशों को प्रजनन के लिए नहीं रखा जा रहा उनकी नसबंदी करा देनी चाहिए ताकि क्षेत्रीय व्यवहार कम हो। इसका शांत स्वभाव इसे धैर्यवान पालक के लिए संभालने में सबसे आसान खरगोशों में से एक बनाता है।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 4 |
| ऊर्जा | 2 |
| प्रशिक्षण क्षमता | 3 |
| आवाज करने की प्रवृत्ति | 1 |
| फर झड़ना | 3 |
देखभाल और ग्रूमिंग
स्टैंडर्ड चिनचिला को हफ्ते में एक बार ब्रश करने, रोज पिंजरे से बाहर व्यायाम कराने और सीधी हवा से बचे माहौल की जरूरत होती है, मौसमी फर बदलने के समय ग्रूमिंग अतिरिक्त बढ़ानी चाहिए।
ग्रूमिंग
- ढीले बाल हटाने और घने कोट को व्यवस्थित रखने के लिए हफ्ते में एक बार ब्रश करें।
- बसंत और पतझड़ के भारी मौसमी फर बदलने के दौरान हर कुछ दिन में ब्रश करने की मात्रा बढ़ा दें।
- हर चार से छह हफ्ते में नाखून जांचें और बड़े होने पर काटें।
- खरगोश को नहलाएं नहीं; गंदगी वाली जगह को स्पॉट-क्लीन करें और रहने की जगह साफ रखें।
व्यायाम
- रोज कम से कम तीन से चार घंटे खरगोश के लिए सुरक्षित जगह पर, निगरानी में, पिंजरे से बाहर समय दें।
- कुतरने और घूमने के लिए सुरंगें, बिना रसायन वाली लकड़ी की वस्तुएं और अन्य चीजें रखें।
- बिजली के तारों को ढककर या हटाकर और जहरीले घरेलू पौधों तक पहुंच रोककर जगह को खरगोश के लिए सुरक्षित बनाएं।
माहौल
खरगोश को ऐसी छायादार जगह पर रखें जहां सीधी हवा न लगे और तापमान स्थिर रहे। खरगोश ठंड को गर्मी की तुलना में बेहतर सहन करते हैं, और स्टैंडर्ड चिनचिला का घना कोट इसे ज्यादा गर्मी के प्रति संवेदनशील बना देता है। भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और मानसून की उमस दोनों इसके लिए चुनौती बन सकते हैं, इसलिए सीधी धूप से बचाएं और गर्मी के मौसम में अतिरिक्त हवा का बहाव तथा ठंडी सतहें उपलब्ध कराएं। बिछावन सूखा और सोखने वाला होना चाहिए और उसे नियमित रूप से बदलते रहें।
पोषण और आहार
स्टैंडर्ड चिनचिला के आहार में ज्यादातर घास हे होनी चाहिए, साथ में ताजी पत्तेदार सब्जियां और मापी हुई मात्रा में पैलेट दिए जाएं, और पानी हमेशा उपलब्ध रहे।
हे आहार का आधार है और इसे खरगोश के कुल भोजन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बनाना चाहिए। टिमोथी या मीडो जैसी घास हे की असीमित मात्रा पाचन तंत्र को सक्रिय रखती है और लगातार बढ़ते दांतों को घिसती रहती है। इसमें रोज धुली हुई पत्तेदार सब्जियों की एक खुराक जोड़ें, और पोषक तत्वों को पूरा करने के लिए मापी हुई मात्रा में सादे पैलेट दें। ताजा पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए।
| आयु वर्ग | रोज की मात्रा | भोजन की संख्या |
|---|---|---|
| बच्चे (6 महीने से कम) | असीमित हे और अल्फाल्फा; सब्जियां धीरे-धीरे शुरू करें | हे हमेशा उपलब्ध; पैलेट 2 बार में बांटकर दें |
| वयस्क | असीमित घास हे; प्रति 5 पाउंड वजन पर लगभग 1/4 कप पैलेट; 1 से 2 कप सब्जियां | 2 (सुबह और शाम) |
| बुजुर्ग (5+ वर्ष) | असीमित घास हे; शरीर की स्थिति के अनुसार पैलेट की मात्रा तय करें | 2 |
ट्रीट और सप्लीमेंट
ट्रीट थोड़ी मात्रा में और कभी-कभार ही दें। इसमें गाजर का एक टुकड़ा, बीज निकाला हुआ सेब का छोटा टुकड़ा, या पार्सली या धनिया जैसी कुछ जड़ी-बूटियां शामिल की जा सकती हैं। संतुलित हे और सब्जियों वाले आहार पर रहने वाले खरगोश को आमतौर पर सप्लीमेंट की जरूरत नहीं पड़ती; मिनरल या नमक की डली के बजाय दांत घिसने के लिए बिना रसायन वाली सेब की लकड़ी जैसी कोई कुतरने वाली चीज दें।
स्वास्थ्य और आयु
स्टैंडर्ड चिनचिला आमतौर पर मजबूत सेहत वाला होता है और 5 से 8 वर्ष तक जीता है, इसकी मुख्य चिंताएं दांतों की बीमारी, आंत की गति रुकना और गर्मी के प्रति संवेदनशीलता हैं।
स्टैंडर्ड चिनचिला एक मजबूत नस्ल है जिसमें नस्ल-विशेष कोई बड़ी खामी सामने नहीं आती। अच्छी देखभाल के साथ यह आमतौर पर 5 से 8 वर्ष तक जीता है। ज्यादातर खरगोशों की तरह, इसकी भी सबसे आम स्वास्थ्य समस्याएं नस्ल से जुड़ी नहीं बल्कि दांत, पाचन और परजीवियों से जुड़ी होती हैं। हे से भरपूर आहार दांतों के बढ़ने और पाचन धीमा पड़ने, इन दो प्रमुख समस्याओं को रोकने में सबसे ज्यादा मदद करता है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| दांतों की बीमारी / गलत बैठे दांत | लार टपकना, वजन घटना, भोजन गिराना, दांत ज्यादा बढ़ जाना | असीमित हे देने से काफी हद तक रोकी जा सकती है |
| आंत की गति रुकना (जीआई स्टेसिस) | मल कम या बिल्कुल न आना, भूख न लगना, दुबका हुआ बैठना | पशु चिकित्सा आपातकाल; तुरंत कार्रवाई करें |
| गर्मी का तनाव | तेज सांस, सुस्ती, गीली नाक | घना कोट खतरा बढ़ाता है; गर्मी में ठंडक बनाए रखें |
| फ्लाईस्ट्राइक | गंदे पिछले हिस्से के पास कीड़े, अचानक तबीयत बिगड़ना | पिछला हिस्सा साफ रखें; गर्म मौसम में रोज जांचें |
| कान और फर के कीट (माइट्स) | खुजलाना, पपड़ी जमना, बाल झड़ना | इलाज संभव है; पशु चिकित्सक से पुष्टि कराएं |
रोकथाम की देखभाल
- दांतों और आंत के कामकाज को सहारा देने के लिए असीमित घास हे खिलाएं।
- जिन क्षेत्रों में मिक्सोमैटोसिस और रैबिट हैमरेजिक डिजीज जैसी बीमारियां पाई जाती हैं, वहां स्थानीय पशु चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं।
- प्रजनन के लिए न रखे गए खरगोशों की नसबंदी कराएं ताकि प्रजनन तंत्र संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो।
- दांत, आंखें, कान और पिछला हिस्सा कम से कम हफ्ते में एक बार जांचें।
- खरगोशों का अनुभव रखने वाले पशु चिकित्सक से साल में एक बार जांच करवाएं।
आवास
स्टैंडर्ड चिनचिला को इतना बड़ा, सूखा और सीधी हवा से बचा हुआ बाड़ा चाहिए जिसमें वह फैल सके और उछल-कूद कर सके, साथ ही रोज व्यायाम के लिए एक सुरक्षित जुड़ा हुआ रन भी जरूरी है।
बाड़े में इतनी जगह होनी चाहिए कि खरगोश कई बार उछल सके, पूरी तरह सीधा खड़ा हो सके और पूरा फैलकर लेट सके। एक मध्यम आकार के अकेले खरगोश के लिए कम से कम लगभग 12 वर्ग फुट का बाड़ा चाहिए, साथ ही लगभग 32 वर्ग फुट का बड़ा व्यायाम रन होना चाहिए। बाड़ा घर के अंदर या किसी छांव वाली बाहरी जगह पर रखा जा सकता है, लेकिन उसे सूखा, छायादार और सीधी हवा से मुक्त रखना जरूरी है। बाहर रखे गए किसी भी सेटअप के लिए शिकारी जानवरों से सुरक्षा जरूरी है।
| मापदंड | सुझाव |
|---|---|
| न्यूनतम बाड़ा (1 खरगोश) | लगभग 12 वर्ग फुट (करीब 4 फुट x 3 फुट) |
| व्यायाम रन | लगभग 32 वर्ग फुट, जुड़ा हुआ या निगरानी में |
| ऊंचाई | पिछले पैरों पर सीधा खड़ा होने लायक ऊंची |
| तापमान | 50 से 70 फारेनहाइट (10 से 21 सेल्सियस) के आसपास आरामदायक; 80 फारेनहाइट (27 सेल्सियस) से ऊपर की गर्मी से बचाएं |
| फर्श | सोखने वाले बिछावन के साथ ठोस फर्श; खुली तार वाली जाली से बचें |
| लिटर / बिछावन | कागज आधारित या पुआल का बिछावन, रोज स्पॉट-क्लीन करें |
सेटअप चेकलिस्ट
- ठोस फर्श वाला बाड़ा या हच, जिसमें सोने के लिए एक ढका हुआ, सुरक्षित कोना हो।
- हे रैक या हे की लगातार उपलब्धता।
- खाने के लिए भारी सिरेमिक कटोरा और पानी के लिए कटोरा या बोतल।
- खरगोश खुद जिस कोने को चुने वहां एक लिटर ट्रे।
- कुतरने की चीजें और सुरक्षा के लिए छिपने की जगह।
- रोज व्यायाम के लिए एक सुरक्षित रन या खरगोश के लिए सुरक्षित बनाया गया कमरा।
प्रजनन
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश लगभग 5 से 8 महीने में प्रजनन के लायक हो जाते हैं, गर्भधारण करीब 31 दिन चलता है, और औसतन एक बार में चार से छह बच्चे पैदा होते हैं।
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश आमतौर पर पांच से आठ महीने की उम्र में यौन परिपक्वता तक पहुंचते हैं, और मादाएं अक्सर नर से थोड़ा पहले परिपक्व हो जाती हैं। खरगोश प्रजनन में मादा को नर के बाड़े में मिलाने के लिए ले जाया जाता है, उल्टा नहीं, क्योंकि मादाएं अपने क्षेत्र को लेकर सतर्क रहती हैं। गर्भधारण लगभग 31 दिन चलता है। बच्चे देने से कुछ दिन पहले मादा हे और अपने पेट के फर से घोंसला बनाती है।
एक बार में औसतन चार से छह बच्चे पैदा होते हैं, हालांकि संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है। बच्चे बिना बाल के, अंधे और पूरी तरह मां पर निर्भर पैदा होते हैं। उनकी आंखें करीब 10 दिन में खुलती हैं और वे लगभग तीन हफ्ते की उम्र में घोंसले से बाहर आना और ठोस भोजन चखना शुरू करते हैं। दूध छुड़ाने का काम आमतौर पर छह से आठ हफ्ते तक पूरा हो जाता है। मादा दिन में सिर्फ एक या दो बार ही दूध पिलाती है, यह सामान्य बात है और इसका मतलब यह नहीं कि बच्चों की उपेक्षा हो रही है। जिम्मेदार प्रजनन का मतलब है स्वस्थ माता-पिता का चयन करना और हर बच्चे के लिए उपयुक्त घर ढूंढना।
| माप | मान |
|---|---|
| प्रजनन परिपक्वता | लगभग 5 से 8 महीने |
| गर्भधारण अवधि | लगभग 31 दिन |
| औसत बच्चों की संख्या | 4 से 6 |
| आंखें खुलना | लगभग 10 दिन |
| दूध छुड़ाना | 6 से 8 हफ्ते |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश से जुड़े आम सवाल, जिनमें इसका आकार, स्वभाव, देखभाल की जरूरतें, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश का आकार कितना होता है?
यह एक मध्यम आकार की नस्ल है, वयस्क होने पर आमतौर पर इसका वजन लगभग 5 से 7.5 पाउंड (2.3 से 3.4 किलोग्राम) होता है। तीन चिनचिला खरगोश नस्लों में यह सबसे छोटी है, इससे बड़ी अमेरिकन चिनचिला और जायंट चिनचिला हैं।
क्या स्टैंडर्ड चिनचिला एक अच्छा पालतू जानवर है?
हां। यह नस्ल शांत, नम्र और स्थिर स्वभाव की है, और संभालने पर सहज रहती है। ये गुण इसे बड़ी उम्र के बच्चों वाले परिवारों और धैर्यवान नए पालकों दोनों के लिए अच्छा साथी बनाते हैं।
क्या स्टैंडर्ड चिनचिला की देखभाल करना मुश्किल है?
अन्य खरगोशों से ज्यादा नहीं। इसे हफ्ते में एक बार ब्रश करने, फर बदलने के समय अतिरिक्त ग्रूमिंग, हे आधारित आहार, रोज व्यायाम और ठंडे, सीधी हवा से बचे घर की जरूरत होती है। घने कोट की वजह से इसे गर्मी से बचाव की खास जरूरत रहती है, खासकर भारत के गर्म और उमस भरे मौसम में।
स्टैंडर्ड चिनचिला कितने साल जीता है?
अच्छे आहार, आवास और पशु चिकित्सा देखभाल के साथ यह आमतौर पर 5 से 8 साल जीता है। नसबंदी और हे से भरपूर आहार इसे इस सीमा के ऊपरी छोर तक पहुंचने में मदद करते हैं।
क्या यह असल में चिनचिला है?
नहीं। यह एक घरेलू खरगोश है। इसका नाम इसके चांदी स्लेटी कोट से आया है, जिसे दक्षिण अमेरिका की जंगली चिनचिला, जो एक अलग कृंतक प्रजाति है, के फर जैसा दिखने के लिए तैयार किया गया था।
स्टैंडर्ड चिनचिला खरगोश कहां से लिया जा सकता है?
ये उन प्रजनकों से मिल सकते हैं जो इस नस्ल को प्रदर्शनी में दिखाते हैं, और कभी-कभी खरगोश बचाव केंद्रों के जरिए भी। यह नस्ल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी तरह स्थापित है, हालांकि यह कुछ पेट-शॉप खरगोशों जितनी आम नहीं है, इसलिए किसी नस्ल-विशेषज्ञ प्रजनक से संपर्क करना अक्सर सबसे अच्छा तरीका होता है।