लायनहेड
लायनहेड एक चंचल, मित्रवत ख़रगोश है, जिसे उसके चेहरे को घेरने वाली विशिष्ट ऊनी अयाल से तुरंत पहचाना जाता है।
- Size
- छोटा
- Lifespan
- 7–10 years
- Origin
- बेल्जियम
- Temperament
- मित्रवत
- Standard colors
- काला, सफ़ेद, और एल्बिनो and 13 more
Characteristics
Coat and grooming
How the लायनहेड coat is built, and what that means when you groom it.
- रोयें की परतें
- दोहरा रोयां
- बालों की लंबाई
- मध्यम
- बाल झड़ना
- मध्यम झड़ना
Grooming guidance
गंभीर: A लायनहेड should not be shaved.
अंदरूनी परत गर्मी को उतना ही बाहर रोकती है जितना ठंड को, और ऊपरी बाल त्वचा को धूप और कीड़ों के काटने से बचाते हैं। पूरा रोयां मूँडने से दोनों चले जाते हैं। यह अक्सर चकत्तों में, मुलायम या दूसरे रंग में वापस उगता है, और कुछ पशुओं में ऊपरी बाल फिर कभी ठीक से नहीं लौटते। अंदरूनी परत को काटने के बजाय ब्रश करके निकालें।
सावधानी: A लायनहेड should only be clipped by someone experienced with the species.
यहाँ त्वचा इतनी पतली है कि मशीन के ब्लेड के नीचे फट सकती है, और पकड़े जाने पर पशु घबरा सकता है। कटाई या गाँठ हटाना पशु चिकित्सक या इस प्रजाति के साथ नियमित काम करने वाले ग्रूमर पर छोड़ें।
सावधानी: A लायनहेड coat mats easily.
महीन या लंबे बाल रोयें की तह में, नज़र से दूर, उलझ जाते हैं, जहाँ गाँठें कसकर त्वचा खींचती हैं। ब्रश को हिस्सों में जड़ तक पहुँचना चाहिए, सिर्फ़ सतह पर फिरना काफ़ी नहीं।
लायनहेड colors and patterns
What each club's breed standard says about every लायनहेड color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the लायनहेड in काला, सफ़ेद, एल्बिनो, नीला, लाइलैक, चिनचिला, ओपल, धूमिल मोती, चॉकलेटी, सील, सेबल, चेस्टनट अगूटी, कालिख-छाया फ़ॉन, नारंगी, क्रीम, और फ़ॉन. Standard patterns: टॉर्टोइसशेल और शेडेड.
| Color or pattern | ARBA | BRC |
|---|---|---|
| काला | मानक (“Black”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| सफ़ेद | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| एल्बिनो | मानक (“Ruby Eyed White”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| नीला | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| लाइलैक | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| चिनचिला | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| ओपल | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| धूमिल मोती | मानक (“Smoke Pearl”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| चॉकलेटी | मानक (“Chocolate”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| सील | मानक (“Seal”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| सेबल | मानक (“Siamese Sable”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| चेस्टनट अगूटी | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| कालिख-छाया फ़ॉन | मानक (“Tortoise”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| नारंगी | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| क्रीम | मान्यता प्राप्त नहीं (“Sable Point (working standard)”) | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| फ़ॉन | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“All colours conforming to a recognised colour”) |
| Patterns | ||
| टॉर्टोइसशेल | मानक (“Tortoise”) | No ruling |
| शेडेड | मानक (“Siamese Sable”) | No ruling |
| पॉइंटेड | मान्यता प्राप्त नहीं (“Sable Point (working standard)”) | No ruling |
| ब्रोकन | मान्यता प्राप्त नहीं | No ruling |
| Color or pattern | ARBA | BRC |
|---|---|---|
| स्लेटी | मानक (“Smoke Pearl: blue-gray”) | No ruling |
| नीला | No ruling | मानक (“Whites: blue”) |
| गुलाबी-लाल | मानक (“Ruby Eyed White”) | मानक (“Whites: red”) |
| भूरा | No ruling | No ruling |
कछुआ
| Color or pattern |
|---|
| कालिख-छाया फ़ॉन |
| Patterns |
| टॉर्टोइसशेल |
काला
| Color or pattern |
|---|
| काला |
माणिक-आँख वाला सफेद
| Color or pattern |
|---|
| एल्बिनो |
| Color or pattern |
|---|
| गुलाबी-लाल |
सील रंग
| Color or pattern |
|---|
| सील |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- मान्यता प्राप्त नहीं
- The club does not accept this color or pattern for the breed.
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
लायनहेड खरगोश के बारे में
लायनहेड एक छोटा, मिलनसार पालतू खरगोश है, जिसके चेहरे के चारों ओर ऊन जैसा घना बालों का घेरा होता है। वज़न लगभग 1.3 से 1.7 किलोग्राम और आयु 7 से 10 साल तक होती है।
लायनहेड एक छोटी नस्ल का पालतू खरगोश है, जो अपने सिर के चारों ओर उगे लंबे ऊनी बालों के घेरे के लिए जाना जाता है। यही खासियत इस नस्ल को अपना नाम भी देती है। इसका शारीरिक भार आमतौर पर 1.3 से 1.7 किलोग्राम के बीच रहता है, जिससे यह पालतू खरगोशों की छोटी नस्लों में गिना जाता है। यह घेरा एक आनुवंशिक बदलाव का नतीजा है, जिसकी वजह से चेहरे के आसपास और कुछ खरगोशों में बगल के हिस्सों पर भी लंबे बाल उगते हैं।
इस नस्ल का शरीर सुडौल और गोलाकार होता है, सिर छोटा होता है और कान सीधे खड़े रहते हैं, जिनकी लंबाई आमतौर पर 5 से 8 सेमी होती है। घेरे को छोड़कर बाकी शरीर पर बाल छोटे और घने होते हैं। लायनहेड को पालतू साथी के रूप में रखा जाता है, न कि मांस या ऊन उत्पादन के लिए, और शांत स्वभाव वाला छोटा खरगोश चाहने वाले मालिकों में यह काफी पसंद किया जाता है।
ज़्यादातर लायनहेड मिलनसार और जिज्ञासु स्वभाव के होते हैं। हाथ लगाने की आदत पड़ने पर ये सहज व्यवहार सहन कर लेते हैं और जो लोग इन्हें खिलाते पिलाते और संवारते हैं, उनसे जल्दी हिल मिल जाते हैं। रोज़ का संपर्क और एक तय दिनचर्या खरगोश को घर के माहौल में सहज और आत्मविश्वासी बनाए रखने में मदद करती है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मूल स्थान | बेल्जियम |
| आकार | छोटा (लगभग 1.3 से 1.7 किलोग्राम) |
| आयु | 7 से 10 साल |
| भूमिका | साथी / पालतू खरगोश |
| किसके लिए उपयुक्त | परिवार, शांत स्वभाव वाले बड़े बच्चे, शांत माहौल वाला एकल या जोड़े में रहने वाला घर |
किसके लिए उपयुक्त है
लायनहेड उन मालिकों के लिए उपयुक्त है जो नियमित संवारने और रोज़ाना समय देने के लिए तैयार हों। इसका छोटा आकार कम जगह वाले घरों में भी इसे रखना आसान बनाता है, फिर भी इसे बाड़े से बाहर घूमने फिरने के लिए जगह चाहिए। घेरे को नियमित ब्रश करना पड़ता है, इसलिए यह नस्ल उन लोगों के लिए ठीक है जो हफ्ते में कुछ मिनट बालों की देखभाल पर दे सकें। बड़े बच्चों वाले परिवार, जो खरगोश को शांति से संभाल सकें, अच्छा तालमेल बिठा पाते हैं। बहुत छोटे बच्चों के हाथ से यह नाज़ुक शरीर आसानी से छूट या डर सकता है, इसलिए बड़ों की निगरानी ज़रूरी है।
इतिहास और उत्पत्ति
लायनहेड की शुरुआत 1990 के दशक में बेल्जियम में ऊन बढ़ाने वाले जीन उत्परिवर्तन से हुई, फिर यह ब्रिटेन और अमेरिका पहुंचा जहां बाद में नस्ल के मानक तय हुए।
लायनहेड पालतू खरगोशों की नस्लों में एक अपेक्षाकृत नई नस्ल है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में बेल्जियम में हुई, जहां छोटी ऊनी और बौनी नस्लों पर काम कर रहे प्रजनकों ने ऐसे खरगोश देखे जिनके सिर के चारों ओर लंबे बालों की पट्टी जन्म से ही मौजूद थी। यह गुण एक आनुवंशिक बदलाव से आया, जिसे अक्सर मेन जीन कहा जाता है और जो चेहरे व गर्दन के आसपास ऊन उगने का कारण बनता है।
प्रजनकों ने इस घेरे को स्थिर करने के लिए चुनिंदा प्रजनन किया, साथ ही खरगोश को छोटा और सुडौल बनाए रखने पर भी ध्यान दिया। जैसे ही यह रूप स्थिर हुआ, नस्ल में बेल्जियम के बाहर भी दिलचस्पी बढ़ी। इसके खरगोश ब्रिटेन भेजे गए, जहां शौकिया प्रजनकों ने 1990 के दशक के अंत तक इस काम को आगे बढ़ाया और नस्ल के स्वरूप को और निखारा।
ब्रिटेन से यह नस्ल अमेरिका पहुंची, जहां पालतू पशु रखने वालों और प्रदर्शनी प्रजनकों के बीच इसे काफी पसंद किया गया। दोनों देशों के राष्ट्रीय खरगोश संगठनों ने बाद में लायनहेड को मान्यता दी और घेरे, शरीर व बालों से जुड़े लिखित मानक जारी किए।
चूंकि घेरा एक खास जीन पर निर्भर करता है, इसलिए प्रजनन कार्यक्रमों में इसके वंशानुक्रम पर बारीकी से ध्यान दिया जाता है। इस नस्ल का इतिहास काफी हद तक इस बात का रिकॉर्ड है कि प्रजनकों ने एक मज़बूत, छोटे शरीर को बनाए रखते हुए इस जीन को कैसे संभाला।
रूप रंग और नस्ल मानक
लायनहेड छोटे, सुडौल शरीर, छोटे सिर, सीधे खड़े कानों और चेहरे के चारों ओर विशिष्ट ऊनी घेरे वाला खरगोश है। शरीर के बाल छोटे जबकि घेरा लंबा और घना होता है।
लायनहेड की सबसे खास पहचान इसका घेरा है, यानी सिर के चारों ओर लिपटे 5 से 7 सेमी लंबे मुलायम ऊनी बालों की पट्टी, जो चेहरे को घेर लेती है। कुछ खरगोशों में यह घेरा अकेला होता है, जबकि कुछ में बगल के हिस्सों पर भी ऊन दिखती है। शरीर सुडौल और अच्छी तरह गोल होता है, सिर छोटा और चौड़ा होता है, गर्दन छोटी होती है। कान सीधे खड़े रहते हैं और आमतौर पर 5 से 8 सेमी लंबे होते हैं।
| गुण | मानक |
|---|---|
| वज़न | लगभग 1.3 से 1.7 किलोग्राम |
| शरीर | सुडौल, गोलाकार, छोटी गर्दन |
| कान | सीधे खड़े, 5 से 8 सेमी |
| बाल | शरीर पर छोटे, सिर के चारों ओर लंबा ऊनी घेरा |
| रंग | सफ़ेद, काला, चेस्टनट एगूटी, नीला, कछुआ रंग और मिश्रित पैटर्न सहित कई रंग |
| आंखें | गोल और चमकदार, रंग बालों के अनुसार बदलता है |
बाल और रंग
शरीर के बाल छोटे और घने होते हैं, इसलिए घेरे के मुकाबले इन पर कम ध्यान देना पड़ता है। घेरा ही बालों की देखभाल का सबसे मुश्किल हिस्सा है, क्योंकि लंबे ऊनी बाल आपस में उलझ सकते हैं और बिस्तर का कचरा उसमें फंस सकता है। युवा लायनहेड में अक्सर ऊन ज़्यादा होती है, जो बड़े होने पर कुछ कम हो सकती है। यह नस्ल कई रंगों और पैटर्न में मिलती है, सफ़ेद और काले जैसे सादे रंगों से लेकर एगूटी, नीला, कछुआ रंग और सफ़ेद के साथ दूसरे रंग के मिश्रण वाले टूटे पैटर्न तक। आंखों का रंग आमतौर पर बालों के रंग के हिसाब से बदलता है, कुछ सफ़ेद खरगोशों में लाल यानी रूबी आंखें भी देखी जाती हैं।
स्वभाव और व्यवहार
लायनहेड मिलनसार, स्नेही और जिज्ञासु खरगोश हैं, जो मालिक से जल्दी घुल मिल जाते हैं। ये आमतौर पर सौम्य होते हैं पर डर भी सकते हैं, इसलिए शांत व्यवहार और शांत माहौल इन्हें आत्मविश्वासी बनाए रखता है।
लायनहेड मिलनसार और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। एक बार आसपास के लोगों पर भरोसा हो जाए, तो कई खरगोश मालिक के पास रहना पसंद करते हैं और ध्यान पाने के लिए खुद पास आते हैं। जब सुरक्षित जगह मिलती है, तो ये जिज्ञासा से आसपास का माहौल टटोलते हैं। खिलौनों को हल्के से धकेलना या उछालना जैसा खेल व्यवहार आम है, खासकर कम उम्र के खरगोशों में।
अजनबियों और नए माहौल में लायनहेड शुरुआत में सतर्क रह सकता है। अचानक शोर या तेज़ हरकत इसे डरा सकती है, और डरा हुआ खरगोश भाग सकता है या पैर पटक सकता है। धैर्य के साथ धीरे धीरे कराया गया परिचय इस डर को कम करता है। यदि दो खरगोशों का सही ढंग से तालमेल बिठाया जाए तो लायनहेड दूसरे खरगोश के साथ भी रह सकता है, और कई मालिक इन्हें जोड़े में रखते हैं। कुत्तों और बिल्लियों के आसपास निगरानी ज़रूरी है, क्योंकि खरगोश शिकार बनने वाले जीव हैं और जल्दी तनाव में आ जाते हैं।
स्वभाव हर खरगोश में अलग हो सकता है। कुछ लायनहेड खुले और आत्मविश्वासी होते हैं, जबकि कुछ जीवनभर संकोची बने रहते हैं। शुरुआत से ही सौम्य ढंग से हाथ लगाना और तय दिनचर्या रखना खरगोश को स्थिर और मिलनसार बनाने की सबसे अच्छी संभावना देता है।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 4 |
| ऊर्जा | 3 |
| प्रशिक्षण क्षमता | 3 |
| आवाज़ करने की आदत | 1 |
| बाल झड़ना | 3 |
देखभाल और संवारना
लायनहेड की देखभाल में नियमित रूप से घेरा संवारना, बाड़े से बाहर रोज़ की कसरत और साफ़, हवादार, सही तापमान वाली जगह शामिल है।
संवारना
घेरा संवारने का सबसे मुख्य काम है, जबकि शरीर के बाकी बालों पर बहुत कम मेहनत लगती है।
- उलझन और गुत्थियां रोकने के लिए घेरे को हफ्ते में दो से तीन बार ब्रश करें।
- साल में कुछ बार होने वाले भारी बाल झड़ने के दौरान रोज़ ब्रश करें।
- पूंछ और पिछले हिस्से के आसपास फंसी बीट या ऊन जांचें और ज़रूरत पड़ने पर साफ़ करें।
- हर 4 से 6 हफ्ते में नाखून काटें।
- नहलाने से बचें, गंदे बालों को गीले कपड़े से साफ़ करें, क्योंकि पूरी तरह नहलाना खरगोश के लिए तनावपूर्ण होता है।
कसरत
स्वस्थ रहने और बोरियत से बचने के लिए खरगोश को रोज़ हरकत करनी चाहिए।
- हर दिन बाड़े से बाहर कम से कम 3 से 4 घंटे निगरानी में समय दें।
- बिजली की तारों और ज़हरीले पौधों से मुक्त, सुरक्षित जगह उपलब्ध कराएं।
- सुरंगें, गत्ते के डिब्बे और चबाने के लिए सुरक्षित खिलौने दें ताकि खरगोश सक्रिय रहे।
- छोटी छलांगें और मुड़कर उछलना देखें, यह इस बात का संकेत है कि खरगोश खुश और सक्रिय है।
माहौल
बाड़े को साफ़, सूखा और सीधी धूप व हवा के झोंकों से दूर रखें। भारत के ज़्यादातर हिस्सों में गर्मी और उमस खरगोश के लिए ठंड से ज़्यादा भारी पड़ती है, और लगभग 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान में यह परेशान हो सकता है। मानसून के दिनों में नमी बढ़ने से बिस्तर जल्दी गीला हो सकता है, इसलिए उस मौसम में सफ़ाई और बिस्तर बदलने पर खास ध्यान दें। रोज़ हल्की सफ़ाई करें और हफ्ते में एक बार बाड़े की पूरी सफ़ाई करें। खरगोश को घर के अंदर या शिकारी जानवरों से सुरक्षित, छांव वाली बाहरी जगह में रखें।
आहार और खिलाना
लायनहेड के आहार का आधार असीमित घास होनी चाहिए, साथ में नपी तुली पत्तेदार सब्ज़ियां और थोड़ी मात्रा में पैलेट। ताज़ा पानी हमेशा उपलब्ध होना ज़रूरी है।
घास खरगोश के आहार की नींव है और इसे हर समय उपलब्ध रखना चाहिए। टिमोथी या मीडो जैसी घास फाइबर देती है, जो पाचन तंत्र को सुचारू रखती है और लगातार बढ़ते दांतों को घिसने में मदद करती है। खरगोश जो कुछ भी दिनभर खाता है, उसका ज़्यादातर हिस्सा घास ही होना चाहिए। ताज़ी पत्तेदार सब्ज़ियां विविधता और नमी देती हैं, और थोड़ी नपी तुली मात्रा में सादे पैलेट अतिरिक्त पोषक तत्व देते हैं। ताज़ा पानी कटोरे या साफ़ बोतल में हमेशा उपलब्ध होना चाहिए।
| आहार | प्रतिदिन मात्रा | टिप्पणी |
|---|---|---|
| घास | असीमित | हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए, आहार का मुख्य हिस्सा |
| पत्तेदार सब्ज़ियां | लगभग 1 से 2 कप (दबाकर भरे हुए) | रोमेन, हरी जड़ी बूटियां और पत्तेदार सलाद जैसी विविध सुरक्षित सब्ज़ियां |
| पैलेट | लगभग 1 से 2 बड़े चम्मच | सादे टिमोथी आधारित पैलेट, स्वस्थ वज़न बनाए रखने के हिसाब से मात्रा तय करें |
| पानी | असीमित | ताज़ा, रोज़ बदला हुआ |
ट्रीट और सप्लीमेंट
ट्रीट छोटी मात्रा में और कभी कभार ही देनी चाहिए। गाजर के कुछ टुकड़े या सेब की एक फांक कभी कभार इनाम के तौर पर ठीक हैं, लेकिन फल और जड़ वाली सब्ज़ियों में शक्कर ज़्यादा होती है, इसलिए इन्हें सीमित रखें। अच्छी घास और विविध सब्ज़ियां खाने वाले खरगोश को आमतौर पर किसी सप्लीमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ती। कोई भी सप्लीमेंट देने से पहले पशु चिकित्सक से सलाह लें, और बीज, अनाज या अतिरिक्त शक्कर से भरे बाज़ारू ट्रीट मिश्रण से बचें।
स्वास्थ्य और आम समस्याएं
लायनहेड आमतौर पर स्वस्थ रहते हैं और 7 से 10 साल जीते हैं। दांतों की बीमारी, पाचन तंत्र का रुक जाना और घेरे से जुड़ी ऊन की रुकावट जैसी समस्याएं आम हैं, जिन्हें रोकथाम से काफी हद तक टाला जा सकता है।
अच्छी देखभाल के साथ लायनहेड आमतौर पर 7 से 10 साल तक जीता है। सभी खरगोशों की तरह, इस नस्ल के दांत भी लगातार बढ़ते रहते हैं और पाचन तंत्र स्थिर फाइबर सेवन पर निर्भर करता है, इसलिए आहार का असर सीधे लंबे समय के स्वास्थ्य पर पड़ता है। घेरा एक और नस्ल विशेष चिंता जोड़ता है, खरगोश खुद को चाटकर साफ़ करते हैं, और घना घेरा होने पर ज़्यादा ऊन पेट में जा सकती है, जिससे फाइबर कम होने पर आंत में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| दांतों की बीमारी (मैलोक्लूज़न) | लार टपकना, वज़न घटना, खाना गिराना, कम खाना | घास चबाने से दांत घिसते हैं, टेढ़े दांतों को पशु चिकित्सक से कटवाने की ज़रूरत पड़ सकती है |
| जठरांत्र संबंधी रुकावट (जीआई स्टेसिस) | बीट न आना, झुकी हुई मुद्रा, खाने से इनकार | यह चिकित्सकीय आपातकाल है, तुरंत पशु चिकित्सक की मदद ज़रूरी |
| ऊन की रुकावट / हेयरबॉल | बीट कम आना, भूख घटना | घना घेरा और कम फाइबर होने पर ज़्यादा संभावना, संवारने और घास से नियंत्रण करें |
| बढ़े हुए नाखून | लंबे, मुड़े हुए नाखून, चाल बदलना | हर 4 से 6 हफ्ते में काटें |
| फ्लाईस्ट्राइक | गंदे पिछले हिस्से के पास कीड़े, सुस्ती | गर्म महीनों में जोखिम ज़्यादा, पिछला हिस्सा साफ़ और सूखा रखें |
रोकथाम की देखभाल
- दांत और पाचन को सहारा देने के लिए असीमित घास खिलाएं।
- पेट में जाने वाली ऊन कम करने के लिए घेरे को नियमित ब्रश करें।
- फ्लाईस्ट्राइक से बचाव के लिए, खासकर गर्म और उमस भरे मौसम में, रोज़ पिछला हिस्सा जांचें।
- स्थानीय खरगोश रोगों के लिए सुझाए गए टीके पशु चिकित्सक की सलाह पर लगवाएं।
- नसबंदी पर विचार करें, इससे कुछ स्वास्थ्य और व्यवहार संबंधी समस्याएं कम हो सकती हैं।
- खरगोशों का अनुभव रखने वाले पशु चिकित्सक से नियमित जांच कराएं।
आवास और रहने की जगह
लायनहेड को एक बड़ा, सुरक्षित बाड़ा और रोज़ घूमने की जगह चाहिए, जो साफ़, सूखी और गर्मी हवा के झोंकों से दूर हो। घर के अंदर या शिकारियों से सुरक्षित छांव वाली बाहरी जगह, दोनों ठीक हैं।
लायनहेड को इतना बड़ा बाड़ा चाहिए कि वह पूरी तरह फैल सके, पिछले पैरों पर खड़ा हो सके और कई छलांगें लगा सके। बाड़ा सिर्फ आधार है, पूरी रहने की जगह नहीं, इसलिए रोज़ किसी बड़े घेरे या खरगोश के लिए सुरक्षित बनाए गए कमरे में जाने का मौका मिलना सही रख रखाव का हिस्सा है। ठोस फर्श पर नरम बिस्तर पैरों को सुरक्षा देता है, क्योंकि जालीदार फर्श से पैरों में घाव हो सकते हैं। जगह सूखी और हवादार रहनी चाहिए, पर सीधी हवा के झोंकों से बचाव भी ज़रूरी है।
| पैमाना | सुझाव |
|---|---|
| न्यूनतम बाड़े का आकार | एक छोटे खरगोश के लिए कम से कम 1.2 मीटर बाई 0.6 मीटर, इससे बड़ा और बेहतर |
| घूमने की जगह | रोज़ बड़े घेरे या कमरे में पहुंच, कम से कम कई घंटे |
| फर्श | ठोस फर्श और नरम, नमी सोखने वाला बिस्तर, खुली तार वाली जाली नहीं |
| तापमान | आरामदायक सीमा लगभग 10 से 21 डिग्री सेल्सियस, 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर न जाने दें |
| जगह | घर के अंदर या छांव वाली बाहरी जगह, सीधी धूप, बारिश और हवा के झोंकों से दूर |
सेटअप के लिए चेकलिस्ट
- ठोस फर्श और नरम बिस्तर वाला बड़ा बाड़ा।
- एक छिपने की जगह या ढकी हुई जगह जहां खरगोश सुरक्षित महसूस करे।
- घास रखने की टोकरी या लगातार घास की उपलब्धता।
- पानी का कटोरा या बोतल, जिसे रोज़ साफ़ करके भरा जाए।
- लिटर ट्रे, क्योंकि खरगोशों को लिटर की आदत सिखाई जा सकती है।
- सुरक्षित चबाने वाले खिलौने और सुरंगें, मनोरंजन के लिए।
- बाहरी आवास के लिए शिकारी जानवरों से बचाव वाली मज़बूत घेराबंदी।
प्रजनन
लायनहेड लगभग 4 से 6 महीने में प्रजनन योग्य हो जाते हैं और गर्भावस्था लगभग 28 से 33 दिन चलती है, जिसमें औसतन 2 से 5 बच्चे पैदा होते हैं जो कई हफ्तों तक मादा पर निर्भर रहते हैं।
लायनहेड लगभग 4 से 6 महीने की उम्र में यौन रूप से परिपक्व हो जाते हैं, छोटी मादाएं अक्सर बड़ी मादाओं से थोड़ा पहले तैयार हो जाती हैं। ज़िम्मेदार प्रजनक मेन जीन पर बारीकी से ध्यान देते हैं, क्योंकि जोड़ी बनाने का फैसला यह तय करता है कि बच्चों में कितनी ऊन आएगी। मिलन थोड़े समय के लिए होता है, और मादा को नर के बाड़े में ले जाया जाता है, न कि इसके उलट, क्योंकि मादा अपने इलाके को लेकर आक्रामक हो सकती है।
गर्भावस्था लगभग 28 से 33 दिन चलती है। गर्भावस्था के आखिरी दिनों में मादा बिस्तर की सामग्री और अपने शरीर से खींचे गए बालों से घोंसला बनाती है। एक सामान्य ब्यांत में लगभग 2 से 5 बच्चे होते हैं, जो बिना बाल के, आंखें बंद और पूरी तरह मां पर निर्भर पैदा होते हैं।
बच्चों की आंखें लगभग दसवें दिन खुलती हैं और कुछ हफ्तों बाद वे ठोस खाना कुतरना शुरू करते हैं। दूध छुड़ाने का काम आमतौर पर 6 से 8 हफ्ते के आसपास होता है। मादा दिन में सिर्फ एक या दो बार ही दूध पिलाती है, जो खरगोशों में सामान्य बात है, इसलिए शांत घोंसला और बिना विघ्न के मां रहने देना बच्चों के बचने की सबसे अच्छी संभावना देता है। शुरुआती हफ्तों में बच्चों को कम से कम हाथ लगाना चाहिए।
| माप | मान |
|---|---|
| प्रजनन योग्य आयु | लगभग 4 से 6 महीने |
| गर्भावस्था अवधि | लगभग 28 से 33 दिन |
| सामान्य ब्यांत आकार | 2 से 5 बच्चे |
| आंखें खुलने का समय | लगभग दसवें दिन |
| दूध छुड़ाने की आयु | लगभग 6 से 8 हफ्ते |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लायनहेड खरगोश से जुड़े आम सवालों में इसका आकार, स्वभाव, संवारने की ज़रूरत, उम्र, परिवारों के लिए उपयुक्तता और नस्ल की उत्पत्ति शामिल है।
लायनहेड खरगोश कितने बड़े होते हैं?
लायनहेड एक छोटी नस्ल है, जिनका वयस्क वज़न आमतौर पर 1.3 से 1.7 किलोग्राम के बीच होता है। इनका शरीर सुडौल और गोलाकार होता है, और कान लगभग 5 से 8 सेमी लंबे, सीधे खड़े रहते हैं।
लायनहेड का स्वभाव कैसा होता है?
ये आमतौर पर मिलनसार, स्नेही और जिज्ञासु होते हैं। कई मालिक से जुड़ाव महसूस करते हैं और ध्यान पाना पसंद करते हैं, हालांकि कुछ संकोची हो सकते हैं और अचानक शोर या हरकत से डर सकते हैं, इसलिए शांत ढंग से हाथ लगाना मददगार होता है।
क्या लायनहेड की देखभाल करना मुश्किल है?
देखभाल का स्तर मध्यम है। शरीर के बालों पर ज़्यादा मेहनत नहीं लगती, लेकिन गुत्थियां रोकने के लिए ऊनी घेरे को हफ्ते में दो से तीन बार और बाल झड़ने के दौरान रोज़ ब्रश करना पड़ता है। इन्हें रोज़ कसरत और साफ़, ठंडी रहने की जगह भी चाहिए।
लायनहेड खरगोश कितने साल जीते हैं?
अच्छे आहार, आवास और पशु चिकित्सा देखभाल के साथ लायनहेड आमतौर पर 7 से 10 साल तक जीता है।
क्या लायनहेड परिवारों के लिए अच्छे पालतू जानवर हैं?
ये परिवारों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं, खासकर उन घरों के लिए जहां बड़े बच्चे शांति से खरगोश संभाल सकें। इनका छोटा आकार इन्हें आसानी से डरा या गिरा सकता है, इसलिए छोटे बच्चों के साथ बड़ों की निगरानी ज़रूरी है।
क्या लायनहेड दूसरे खरगोशों के साथ रह सकते हैं?
हां, सही ढंग से तालमेल बिठाई गई जोड़ी में कई खरगोश अच्छे से रहते हैं। परिचय धीरे धीरे कराना चाहिए, और नसबंदी अक्सर तालमेल को आसान बनाती है और टकराव कम करती है।
लायनहेड खरगोश कहां से आया?
इस नस्ल की शुरुआत 1990 के दशक में बेल्जियम में ऊन बढ़ाने वाले जीन उत्परिवर्तन वाले खरगोशों से हुई, फिर यह ब्रिटेन और अमेरिका पहुंची, जहां नस्ल के मानक तय किए गए।