डच
डच एक क्लासिक, आकर्षक निशानों वाला खरगोश है, जो अपने कोमल, सहज स्वभाव और एक पारिवारिक पालतू के रूप में लोकप्रियता के लिए जाना जाता है।
- Size
- छोटा
- Lifespan
- 5–8 years
- Origin
- नीदरलैंड
- Temperament
- कोमल
- Standard colors
- काला, सफ़ेद, और स्लेटी and 8 more
Characteristics
Coat and grooming
How the डच coat is built, and what that means when you groom it.
- रोयें की परतें
- दोहरा रोयां
- बालों की बनावट
- चिकना
- बालों की लंबाई
- छोटा
- बाल झड़ना
- मध्यम झड़ना
Grooming guidance
गंभीर: A डच should not be shaved.
अंदरूनी परत गर्मी को उतना ही बाहर रोकती है जितना ठंड को, और ऊपरी बाल त्वचा को धूप और कीड़ों के काटने से बचाते हैं। पूरा रोयां मूँडने से दोनों चले जाते हैं। यह अक्सर चकत्तों में, मुलायम या दूसरे रंग में वापस उगता है, और कुछ पशुओं में ऊपरी बाल फिर कभी ठीक से नहीं लौटते। अंदरूनी परत को काटने के बजाय ब्रश करके निकालें।
सावधानी: A डच should only be clipped by someone experienced with the species.
यहाँ त्वचा इतनी पतली है कि मशीन के ब्लेड के नीचे फट सकती है, और पकड़े जाने पर पशु घबरा सकता है। कटाई या गाँठ हटाना पशु चिकित्सक या इस प्रजाति के साथ नियमित काम करने वाले ग्रूमर पर छोड़ें।
डच colors and patterns
What each club's breed standard says about every डच color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the डच in काला, सफ़ेद, स्लेटी, नीला, लाइलैक, इस्पाती, चिनचिला, चॉकलेटी, चेस्टनट अगूटी, कालिख-छाया फ़ॉन, और सुनहरा. Standard patterns: टॉर्टोइसशेल और डच.
| Color or pattern | ARBA | BRC |
|---|---|---|
| काला | मानक (“Black”) | मानक (“Black”) |
| सफ़ेद | मानक (“Dutch (white markings)”) | मानक (“Dutch (white markings)”) |
| स्लेटी | मान्यता प्राप्त नहीं | मानक (“Pale Grey”) |
| नीला | मानक (“Blue”) | मानक (“Blue”) |
| लाइलैक | मानक (“Lilac”) | मान्यता प्राप्त नहीं |
| इस्पाती | मानक (“Steel”) | मानक (“Steel Grey”) |
| चिनचिला | मानक (“Chinchilla”) | मान्यता प्राप्त नहीं |
| चॉकलेटी | मानक (“Chocolate”) | मानक (“Chocolate”) |
| चेस्टनट अगूटी | मानक (“Gray”) | मानक (“Brown Grey”) |
| कालिख-छाया फ़ॉन | मानक (“Tortoise”) | मानक (“Tortoiseshell”) |
| सुनहरा | मानक (“Golden Yellow”) | मानक (“Yellow”) |
| नारंगी | मान्यता प्राप्त नहीं | मान्यता प्राप्त नहीं |
| Patterns | ||
| टॉर्टोइसशेल | मानक (“Tortoise”) | मानक (“Tortoiseshell”) |
| डच | मानक (“Dutch”) | मानक (“Dutch”) |
| हार्लेक्विन | मान्यता प्राप्त नहीं | मान्यता प्राप्त नहीं (“Tri-Colour Dutch is a separate breed”) |
| अगूटी | No ruling | No ruling |
कछुआ
| Color or pattern |
|---|
| सफ़ेद |
| कालिख-छाया फ़ॉन |
| Patterns |
| टॉर्टोइसशेल |
| डच |
धूसर
| Color or pattern |
|---|
| सफ़ेद |
| चेस्टनट अगूटी |
| Patterns |
| अगूटी |
| डच |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- मान्यता प्राप्त नहीं
- The club does not accept this color or pattern for the breed.
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
डच खरगोश के बारे में
डच खरगोश एक छोटी, सौम्य नस्ल है जिसे इसके अलग रंग वाले सैडल और ब्लेज़ पैटर्न तथा शांत स्वभाव से पहचाना जाता है, जो इसे परिवारों में पालतू जानवर के रूप में लोकप्रिय बनाता है।
डच नस्ल पालतू खरगोशों की सबसे पुरानी और आसानी से पहचानी जाने वाली नस्लों में से एक है। यह एक छोटा जानवर है, जिसका शरीर गठा हुआ और गोलाई लिए होता है, तथा जिसका रंग-पैटर्न बहुत स्पष्ट होता है: शरीर का अगला हिस्सा और चेहरा सफेद होता है, जबकि पिछले हिस्से पर एक रंगीन "सैडल" और गालों पर रंग होता है, और नाक तक एक सफेद पट्टी (ब्लेज़) चलती है। यह पैटर्न इतना नियमित होता है कि अन्य खरगोशों के निशान बताते समय अक्सर डच नस्ल को ही संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
वयस्क डच खरगोश का वज़न सामान्यतः 1.5 से 2.5 किलोग्राम (लगभग 3.5 से 5.5 पाउंड) के बीच होता है। यह नस्ल आकार या रोएं की लंबाई के बजाय अपने संतुलित स्वभाव के लिए अधिक जानी जाती है। डच खरगोश आमतौर पर मिलनसार, सौम्य और शांत होते हैं, और उन्हें सहलाने व गोद में लेने पर भी वे सहज रहते हैं, यही एक कारण है कि बच्चों वाले परिवार इन्हें अक्सर पालते हैं।
इस नस्ल की उत्पत्ति नीदरलैंड में हुई और बाद में 19वीं सदी के दौरान इंग्लैंड में इसे और परिष्कृत किया गया। आज भी यह प्रजनकों और बचाव केंद्रों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध है और खरगोश प्रदर्शनियों में एक जाना-पहचाना नाम है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| उत्पत्ति | नीदरलैंड |
| आकार | छोटा (1.5 से 2.5 किग्रा) |
| आयु सीमा | 5 से 8 वर्ष |
| समूह/भूमिका | साथी और प्रदर्शनी खरगोश |
| किनके साथ उपयुक्त | बच्चों और शांत घरों के साथ |
यह किनके लिए उपयुक्त है
डच नस्ल उन मालिकों के लिए उपयुक्त है जो एक छोटा, संभालने में आसान खरगोश चाहते हैं जिसका स्वभाव स्थिर हो। इसका शांत स्वभाव इसे पहली बार खरगोश पालने वालों और परिवारों के लिए एक उचित विकल्प बनाता है, बशर्ते बच्चों की निगरानी की जाए और उन्हें जानवर को धीरे से संभालना सिखाया जाए। सभी खरगोशों की तरह इसे भी रोज़ाना ध्यान, घूमने-फिरने की जगह और साथ की ज़रूरत होती है, इसलिए यह उन घरों के लिए उपयुक्त है जो समय दे सकते हैं, न कि उनके लिए जो कम संपर्क वाला पालतू जानवर चाहते हैं।
इतिहास और उत्पत्ति
डच खरगोश का विकास नीदरलैंड में पाले जाने वाले खरगोशों से हुआ और 1800 के दशक में इंग्लैंड में इसे मानकीकृत किया गया, जिससे यह सबसे स्थापित प्रदर्शनी और साथी नस्लों में से एक बन गई।
डच खरगोश का नाम नीदरलैंड से लिया गया है, जहाँ इसी तरह के निशान वाले खरगोश पाले और बेचे जाते थे। 19वीं सदी के दौरान, यूरोपीय मुख्य भूमि से बड़ी संख्या में खरगोश मांस बाज़ार के लिए इंग्लैंड भेजे गए। इन आयातित खरगोशों में वे जानवर भी शामिल थे जिनमें दो-रंगी पट्टीदार पैटर्न पाया जाता था, जो आगे चलकर इस नस्ल का आधार बना।
अंग्रेज़ प्रजनकों ने इस निशान पैटर्न और गठे हुए शरीर के आधार पर चयन किया, और 1800 के दशक के मध्य से अंत तक इसे एक स्थिर प्रदर्शनी खरगोश के रूप में विकसित किया। जब ब्रिटेन में शौकीनों ने खरगोश प्रदर्शनियाँ और क्लब आयोजित करने शुरू किए, तब यह नस्ल शुरुआती मान्यता प्राप्त नस्लों में शामिल थी।
इंग्लैंड से डच नस्ल अन्य देशों में फैली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पाली जाने वाली नस्लों में से एक बन गई। 20वीं सदी के अधिकांश समय तक, नई नस्लों के लोकप्रिय होने से पहले, यह सबसे लोकप्रिय प्रदर्शनी खरगोशों में गिनी जाती रही।
आज डच खरगोश को प्रदर्शनी खरगोश के रूप में रखा जाता है, जहाँ इसके निशानों की सटीकता को बारीकी से परखा जाता है, और साथ ही घरेलू साथी के रूप में भी। स्वभाव और रूप-रंग के लिए वर्षों की चयनात्मक प्रजनन प्रक्रिया ने एक ऐसा जानवर तैयार किया है जिसका रूप और व्यवहार दोनों अनुमानित होते हैं।
रूप-रंग और नस्ल मानक
डच खरगोश एक छोटा, गोलाई लिए शरीर वाला खरगोश है जिसकी पहचान इसके सममित दो-रंगी पैटर्न से होती है: सफेद अगला हिस्सा, ब्लेज़ और पैर, तथा रंगीन सैडल और गाल।
डच खरगोश का शरीर छोटा, गठा हुआ और अच्छी तरह गोल होता है, सिर चौड़ा होता है, कान सीधे खड़े और मध्यम लंबाई के होते हैं, तथा पैर मज़बूत व छोटे होते हैं। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका शरीर नहीं बल्कि इसका निशान-पैटर्न है। शरीर का अगला आधा हिस्सा, छाती, अगले पैर और चेहरे पर नाक तक जाने वाली एक पट्टी सफेद होती है, जबकि शरीर का पिछला हिस्सा (सैडल) और गाल एक ठोस रंग के होते हैं। पिछले पैरों की उँगलियों पर सफेद निशान होते हैं जिन्हें स्टॉप्स कहा जाता है।
यह पैटर्न सममित होता है, और प्रदर्शनी में शामिल खरगोशों में सफेद और रंगीन हिस्सों की सीमा को उसकी स्पष्टता और सही जगह पर होने के आधार पर परखा जाता है।
| विशेषता | मानक |
|---|---|
| वज़न | 1.5 से 2.5 किग्रा (3.5 से 5.5 पाउंड) |
| शरीर की बनावट | गठा हुआ, गोलाई लिए |
| रोआं | छोटा, घना, फ्लाईबैक |
| रंग | काला, नीला, चॉकलेटी, स्लेटी, स्टील, कछुआ (सफेद के साथ) |
| आँखें | शरीर के रंग से मेल खाती हुई |
रोएं और रंग
रोआं छोटा और घना होता है और इसकी बनावट फ्लाईबैक जैसी होती है, यानी उल्टी दिशा में सहलाने पर यह जल्दी अपनी जगह पर लौट आता है। इसे संवारने में ज़्यादा मेहनत नहीं लगती। रंगीन हिस्से सफेद आधार के साथ कई मान्यता प्राप्त किस्मों में पाए जाते हैं, जिनमें काला, नीला, चॉकलेटी, स्लेटी (एगूटी), स्टील और कछुआ रंग शामिल हैं। सभी किस्मों में सफेद हिस्से पूरी तरह साफ-सफेद बने रहते हैं, और दोनों रंगों के बीच का यह अंतर ही सही नस्ल-स्वरूप की पहचान का हिस्सा है।
स्वभाव और व्यवहार
डच खरगोश मिलनसार, सौम्य और शांत होते हैं, आमतौर पर संभालने पर सहज रहते हैं और सावधानी से मिलवाने पर बच्चों के साथ भी अच्छे से घुल-मिल जाते हैं।
डच नस्ल की गिनती सबसे संतुलित स्वभाव वाली खरगोश नस्लों में होती है। अधिकांश खरगोश मिलनसार, सौम्य और शांत होते हैं, और घर की दिनचर्या में आसानी से ढल जाते हैं। ये कई अन्य नस्लों की तुलना में नियमित रूप से संभाले जाने को बेहतर स्वीकार करते हैं, यही एक वजह है कि इन्हें अक्सर परिवारों के लिए सुझाया जाता है।
घर के सदस्यों के साथ, अच्छी तरह सामाजिक बनाया गया डच खरगोश जिज्ञासु रहता है और सुबह-सवेरे व शाम के सक्रिय समय में उनसे घुलता-मिलता है। अजनबियों के साथ यह शुरुआत में आमतौर पर थोड़ा हिचकिचाता है और नज़दीक आने में समय ले सकता है। सभी खरगोशों की तरह यह भी एक शिकार होने वाला प्राणी है, इसलिए अचानक हरकत और तेज़ आवाज़ इसे डरा सकती है। शांत और अनुमानित तरीके से संभालने से इसका भरोसा बनता है।
अन्य पालतू जानवरों के साथ, डच खरगोश किसी जुड़े हुए खरगोश साथी के साथ रह सकते हैं और ऐसी शांत बिल्लियों या कुत्तों के साथ भी रह सकते हैं जो शिकारी स्वभाव के न हों, हालाँकि मिलवाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे और निगरानी में होनी चाहिए। बच्चों को सिखाया जाना चाहिए कि वे खरगोश के शरीर को सहारा दें और उसे बार-बार उठाने के बजाय फर्श पर बैठकर उससे बातचीत करें।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 4 |
| ऊर्जा | 3 |
| प्रशिक्षण क्षमता | 3 |
| आवाज़ करने की प्रवृत्ति | 1 |
| रोआं झड़ना | 3 |
देखभाल और संवारना
डच खरगोश को रोज़ाना व्यायाम, साफ बाड़े और हल्के संवारने की ज़रूरत होती है, मौसम बदलने पर रोआं झड़ने के समय अतिरिक्त ब्रश की ज़रूरत पड़ती है।
डच नस्ल के रोएं की देखभाल में ज़्यादा मेहनत नहीं लगती, लेकिन सभी खरगोशों की तरह इसे भी रोज़ाना नियमित देखभाल, जगह और साथ की ज़रूरत होती है।
संवारना
- ढीले बाल हटाने और उन्हें पेट में जाने से बचाने के लिए हफ्ते में एक बार ब्रश करें
- मौसमी रोआं झड़ने के समय हफ्ते में कई बार ब्रश करें
- लगभग हर 6 से 8 हफ्तों में नाखून जाँचें और काटें
- कान और दाँत नियमित रूप से जाँचें, क्योंकि खरगोश के दाँत लगातार बढ़ते रहते हैं
- खरगोश को नहलाएं नहीं; गंदे रोएं को जगह-जगह साफ करें
व्यायाम
- बाड़े से बाहर, सुरक्षित और खरगोश के लिए तैयार की गई जगह में रोज़ाना कम से कम 3 से 4 घंटे दें
- गतिविधि और मनोरंजन के लिए सुरंगें, डिब्बे और चबाने के खिलौने दें
- हड्डियों और मांसपेशियों की मज़बूती के लिए खुलकर घूमने-फिरने दें
वातावरण
डच खरगोश को हवा के सीधे झोंकों से बचे हुए और स्थिर तापमान वाले स्थान पर रखें। खरगोश ठंड को गर्मी की तुलना में बेहतर सहन करते हैं और लगभग 28 डिग्री सेल्सियस (82 डिग्री फ़ारेनहाइट) से ऊपर के तापमान पर इन्हें खतरा हो सकता है। भारत के गर्म, उमस भरे और मानसूनी मौसम में बाड़े को सीधी धूप से दूर रखें और हवा व छाया का उचित प्रबंध करें।
आहार और खिलाना
डच खरगोश के आहार का आधार असीमित मात्रा में घास होती है, साथ ही पत्तेदार सब्ज़ियाँ और मापी हुई मात्रा में पैलेट दिए जाते हैं।
डच खरगोश के आहार की नींव घास है, जैसे टिमोथी या मैदानी घास, जो हर समय उपलब्ध होनी चाहिए। घास स्वस्थ पाचन के लिए ज़रूरी रेशा देती है और लगातार बढ़ते दाँतों को घिसती रहती है। ताज़ी पत्तेदार सब्ज़ियाँ विविधता और पोषक तत्व जोड़ती हैं, जबकि थोड़ी मापी हुई मात्रा में सादे पैलेट अतिरिक्त संतुलन देते हैं। ताज़ा पानी हमेशा उपलब्ध होना चाहिए।
| आयु वर्ग | प्रतिदिन मात्रा | भोजन की संख्या |
|---|---|---|
| युवा (6 महीने से कम) | असीमित घास, अल्फाल्फा, सीमित पैलेट | असीमित घास, दिन में 2 बार पैलेट |
| वयस्क | असीमित घास, 1 से 2 कप सब्ज़ियाँ, लगभग 25 ग्राम पैलेट | असीमित घास, दिन में 1 से 2 बार |
| वृद्ध | असीमित घास, सब्ज़ियाँ, ज़रूरत अनुसार पैलेट | असीमित घास, दिन में 1 से 2 बार |
उपहार और पूरक आहार
उपहार आहार का बहुत छोटा हिस्सा ही होने चाहिए। कभी-कभार फल या गाजर के छोटे टुकड़े दिए जा सकते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में मीठा खाना पेट के जीवाणुओं को बिगाड़ देता है। घास आधारित आहार और विविध सब्ज़ियाँ खाने वाले खरगोश को आमतौर पर किसी पूरक आहार की ज़रूरत नहीं होती। कोई भी नया खाना धीरे-धीरे शुरू करें और नरम बीट या घटी हुई भूख पर नज़र रखें।
स्वास्थ्य और आम समस्याएं
डच खरगोश आमतौर पर 5 से 8 साल जीते हैं और खरगोशों में आम दाँत व पाचन संबंधी समस्याओं की आशंका रहती है, जिन्हें सही आहार से काफी हद तक रोका जा सकता है।
डच नस्ल आमतौर पर मज़बूत होती है और इसकी सामान्य आयु 5 से 8 साल है, अच्छी देखभाल के साथ कभी-कभी इससे अधिक भी। इसकी अधिकांश स्वास्थ्य समस्याएं सभी पालतू खरगोशों में समान रूप से पाई जाती हैं और नस्ल-विशेष खामियों के बजाय आहार, दाँतों की घिसावट और पाचन से जुड़ी होती हैं। रेशेयुक्त, घास आधारित आहार सबसे आम समस्याओं को रोकता है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| दाँतों की बीमारी (मैलोक्लूज़न) | लार टपकना, वज़न घटना, कम खाना | अपर्याप्त घास के कारण होती है; पशु चिकित्सक को दिखाना ज़रूरी |
| जीआई स्टेसिस (पाचन तंत्र का रुक जाना) | न खाना, बीट न आना, सुस्ती | आपातकालीन स्थिति; अक्सर कम रेशे या तनाव से जुड़ी |
| फ्लाईस्ट्राइक | गंदे पिछले हिस्से के पास कीड़े, अचानक बिगड़ती हालत | आपातकालीन स्थिति; खासकर गर्म महीनों में पिछला हिस्सा साफ रखें |
| श्वसन संक्रमण | छींक आना, नाक से पानी बहना, साँस लेने में तकलीफ | अक्सर स्नफल्स कहा जाता है; पशु चिकित्सकीय देखभाल ज़रूरी |
| बढ़े हुए नाखून | लंबे, मुड़े हुए पंजे | नियमित कटाई से रोकथाम |
रोकथाम की देखभाल
- दाँत और पाचन तंत्र को सहारा देने के लिए असीमित घास खिलाएं
- समस्या आने से पहले ही खरगोशों का अनुभव रखने वाला पशु चिकित्सक ढूंढें
- प्रजनन संबंधी कैंसर घटाने और व्यवहार सुधारने के लिए खरगोशों की नसबंदी कराएं
- फ्लाईस्ट्राइक से बचाव के लिए बाड़ा साफ और पिछला हिस्सा सूखा रखें
- धीरे-धीरे होने वाले वज़न घटने को जल्दी पकड़ने के लिए खरगोश को नियमित रूप से तौलें
आवास और रहन-सहन
डच खरगोशों को एक बड़ा, सुरक्षित, हवा के झोंकों से बचा हुआ बाड़ा चाहिए, साथ ही रोज़ाना बड़ी जगह में घूमने का मौका, बिछावन, छिपने की जगह और मनोरंजन की सुविधा।
डच खरगोश को इतना बड़ा बाड़ा चाहिए जिसमें वह फैलकर लेट सके, खड़ा हो सके और कई छलांगें लगा सके, साथ ही रोज़ाना एक बड़ी जगह में घूमने-फिरने का समय भी मिलना चाहिए। कई मालिक खरगोशों को घर के भीतर, परिवार के हिस्से के रूप में रखते हैं, जिससे वे शिकारियों और तापमान की अति से सुरक्षित रहते हैं। बाहरी आवास शिकारियों से पूरी तरह सुरक्षित, मौसम-रोधी और छायादार होना चाहिए।
रहने की जगह में पैरों की सुरक्षा के लिए ठोस या मुलायम फर्श, छिपने का डिब्बा, घास रखने की जगह, पानी का स्रोत और शौच की जगह होनी चाहिए, क्योंकि खरगोशों को शौच की जगह के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है।
| पैमाना | सुझाव |
|---|---|
| न्यूनतम बाड़े का आकार | एक खरगोश के लिए कम से कम 1.2 मीटर x 0.6 मीटर |
| रोज़ाना व्यायाम की जगह | खरगोश के लिए तैयार की गई जगह, रोज़ाना कई घंटे |
| तापमान | लगभग 10 से 21 डिग्री सेल्सियस; 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर से बचें |
| फर्श | ठोस या मुलायम; पैरों की सुरक्षा के लिए तार वाला फर्श न लगाएं |
| बिछावन | कागज़ आधारित या घास; रोज़ाना जगह-जगह साफ करें |
तैयारी की सूची
- ठोस फर्श वाला बड़ा, सुरक्षित बाड़ा
- सुरक्षा के लिए छिपने का डिब्बा या आश्रय
- कागज़ आधारित कूड़े वाली शौच ट्रे
- घास और ताज़े पानी की निरंतर आपूर्ति
- मनोरंजन के लिए चबाने के खिलौने और सुरंगें
- गर्म मौसम और मानसून की उमस के लिए छाया और हवा का प्रबंध
प्रजनन
डच खरगोश लगभग 4 से 6 महीने में परिपक्व हो जाते हैं, करीब एक महीने तक गर्भ धारण करते हैं और मादा द्वारा पाले गए 4 से 8 बच्चों को जन्म देते हैं।
डच खरगोश लगभग 4 से 6 महीने की उम्र में यौन परिपक्वता तक पहुँच जाते हैं, छोटी नस्लें बड़ी नस्लों की तुलना में जल्दी परिपक्व होती हैं। प्रजनन आमतौर पर मादा को नर के बाड़े में ले जाकर कराया जाता है, न कि इसके उलट, क्योंकि मादा अपने इलाके को लेकर सुरक्षात्मक होती है। गर्भधारण लगभग 28 से 31 दिन तक चलता है।
जन्म से पहले मादा बिछावन और अपने रोएं से घोंसला बनाती है। एक बार में आमतौर पर 4 से 8 बच्चे जन्म लेते हैं, जो बिना बाल के और बंद आँखों के साथ पैदा होते हैं। मादा आमतौर पर दिन में एक या दो बार दूध पिलाती है, इसलिए घोंसले को बिना छेड़े रखना लगातार निगरानी से ज़्यादा ज़रूरी है। बच्चे लगभग 10वें दिन आँखें खोलते हैं और कुछ हफ्तों के भीतर ठोस आहार चखना शुरू कर देते हैं।
बच्चों को आमतौर पर लगभग 6 से 8 हफ्तों में दूध छुड़ाया जाता है। डच पैटर्न के लिए प्रजनन कराना मुश्किल काम है क्योंकि इन निशानों को सटीक रूप से दोहराना कठिन होता है, और अच्छे निशान वाले माता-पिता से जन्मे कई बच्चे भी प्रदर्शनी मानक पर खरे नहीं उतरते। ज़िम्मेदार प्रजनन के लिए हर पैदा होने वाले जानवर की योजना बनानी ज़रूरी है, और इसी वजह से कई मालिक इसके बजाय अपने पालतू खरगोशों की नसबंदी करवा देते हैं।
| माप | मान |
|---|---|
| यौन परिपक्वता | 4 से 6 महीने |
| गर्भधारण अवधि | 28 से 31 दिन |
| एक बार में बच्चों की संख्या | 4 से 8 |
| आँखें खुलना | लगभग 10वें दिन |
| दूध छुड़ाने की उम्र | 6 से 8 हफ्ते |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डच खरगोश के आकार, स्वभाव, देखभाल की ज़रूरतों, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता से जुड़े आम सवाल।
डच खरगोश कितना बड़ा होता है?
डच एक छोटी नस्ल है, वयस्क खरगोश का वज़न आमतौर पर 1.5 से 2.5 किलोग्राम (लगभग 3.5 से 5.5 पाउंड) के बीच होता है।
क्या डच खरगोश अच्छे पालतू जानवर होते हैं?
हाँ। ये मिलनसार, सौम्य और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, और आमतौर पर संभालने पर सहज रहते हैं, जिससे सावधानी से देखभाल करने पर ये परिवारों में लोकप्रिय पालतू जानवर बन जाते हैं।
क्या डच खरगोश की देखभाल करना मुश्किल है?
इनकी देखभाल मध्यम स्तर की होती है। छोटे रोएं को ज़्यादा संवारने की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन सभी खरगोशों की तरह इन्हें भी असीमित घास, रोज़ाना व्यायाम, साफ बाड़ा और साथ चाहिए, इसलिए ये कम मेहनत वाला पालतू जानवर नहीं है।
डच खरगोश कितने साल जीते हैं?
डच खरगोश आमतौर पर 5 से 8 साल जीते हैं, और अच्छे आहार, पशु चिकित्सकीय देखभाल तथा सुरक्षित वातावरण के साथ कभी-कभी इससे अधिक भी।
क्या डच खरगोश बच्चों के साथ अच्छे रहते हैं?
अपने शांत स्वभाव के कारण ये परिवारों के लिए बेहतर नस्लों में गिने जाते हैं, लेकिन बच्चों की निगरानी की जानी चाहिए और उन्हें खरगोश को धीरे से और फर्श पर बैठकर संभालना सिखाया जाना चाहिए।
क्या डच खरगोशों को किसी साथी की ज़रूरत होती है?
खरगोश सामाजिक प्राणी हैं और अक्सर किसी जुड़े हुए खरगोश साथी के साथ बेहतर रहते हैं। जोड़ी को धीरे-धीरे मिलवाना चाहिए, और आमतौर पर टकराव कम करने के लिए दोनों की नसबंदी कराई जाती है।
मुझे डच खरगोश कहाँ मिल सकता है?
डच एक स्थापित नस्ल है जो भरोसेमंद प्रजनकों, खरगोश प्रदर्शनियों और बचाव केंद्रों के ज़रिए उपलब्ध होती है, जहाँ कभी-कभी इस नस्ल के गोद लेने योग्य खरगोश भी मिल जाते हैं।