इंग्लिश पाउटर
इंग्लिश पाउटर एक लंबी, शानदार प्रदर्शनी नस्ल है, जिसकी पहचान इसके नाटकीय रूप से फूले हुए गलगंड और खड़ी, सुंदर मुद्रा से होती है।
- Size
- मध्यम
- Lifespan
- 10–15 years
- Origin
- इंग्लैंड
- Temperament
- गरिमामय
- Standard colors
- काला, सफ़ेद, और नीला and 7 more
Characteristics
इंग्लिश पाउटर colors and patterns
What each club's breed standard says about every इंग्लिश पाउटर color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the इंग्लिश पाउटर in काला, सफ़ेद, नीला, रुपहला, भूरा, डन, लाल, राख लाल, पीला, और क्रीम. Standard patterns: एकरंगा, चारखानेदार, टी-चेक, पंख-पट्टी, फैला रंग, पाइड, और पाउटर निशान.
| Color or pattern | NPA | BDRG |
|---|---|---|
| काला | मानक (“black; black check; Blue; blue check”) | मानक (“Schwarz-geherzt; Dunkel-geherzt; Blau-geherzt mit Binden”) |
| सफ़ेद | मानक (“white self; Blue; black; red; yellow; blue check; black check; silver; dun”) | मानक (“Weiß; Schwarz-geherzt; Dunkel-geherzt; Blau-geherzt mit Binden; Blaufahl-geherzt mit Binden; Dominant Rot-geherzt; Dominant Gelb-geherzt”) |
| नीला | मानक (“Blue; blue check; black check”) | मानक (“Dunkel-geherzt; Blau-geherzt mit Binden”) |
| रुपहला | मानक (“silver”) | मानक (“Blaufahl-geherzt mit Binden”) |
| भूरा | No ruling | मानक (“Braunfahl-geherzt mit Binden”) |
| डन | मानक (“dun; silver”) | मानक (“Blaufahl-geherzt mit Binden”) |
| लाल | मानक (“red”) | No ruling |
| राख लाल | No ruling | मानक (“Dominant Rot-geherzt; Rotfahl-geherzt mit Binden”) |
| पीला | मानक (“yellow”) | मानक (“Dominant Gelb-geherzt; Gelbfahl-geherzt mit Binden”) |
| क्रीम | No ruling | मानक (“Gelbfahl-geherzt mit Binden”) |
| मीली | No ruling | No ruling |
| Patterns | ||
| एकरंगा | मानक (“white self”) | मानक (“Weiß”) |
| चारखानेदार | मानक (“blue check”) | No ruling |
| टी-चेक | मानक (“black check”) | मानक (“Dunkel-geherzt”) |
| पंख-पट्टी | No ruling | मानक (“Blau-geherzt mit Binden; Blaufahl-geherzt mit Binden; Braunfahl-geherzt mit Binden; Rotfahl-geherzt mit Binden; Gelbfahl-geherzt mit Binden”) |
| फैला रंग | No ruling | मानक (“Dominant Rot-geherzt; Dominant Gelb-geherzt”) |
| पाइड | मानक (“Blue; black; red; yellow; blue check; black check; silver; dun”) | मानक (“Schwarz-geherzt; Blau-geherzt mit Binden; Blaufahl-geherzt mit Binden; Braunfahl-geherzt mit Binden; Rotfahl-geherzt mit Binden”) |
| पाउटर निशान | मानक (“Blue; black; red; yellow; blue check; black check; silver; dun”) | मानक (“Schwarz-geherzt; Dunkel-geherzt; Blau-geherzt mit Binden; Blaufahl-geherzt mit Binden; Dominant Rot-geherzt; Dominant Gelb-geherzt”) |
| Color or pattern | NPA |
|---|---|
| गहरा भूरा | मानक (“bull in whites”) |
| लाल | मानक (“red or orange in pied colors”) |
| नारंगी | मानक (“red or orange in pied colors”) |
| Color or pattern | NPA |
|---|---|
| काला | मानक (“black in blacks and blues”) |
| सींग | मानक (“horn in reds”) |
| गुलाबी | मानक (“flesh in yellows and whites”) |
| Color or pattern |
|---|
| लाल |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
Color changes
How a इंग्लिश पाउटर's colors can change over its life.
लालchanges toनीला
पंख · उम्र के साथ
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
इंग्लिश पाउटर के बारे में
इंग्लिश पाउटर एक लंबा, मध्यम आकार का शो कबूतर है जो इंग्लैंड से आता है और अपनी भारी फूली हुई गलथैली तथा सीधी, आकर्षक चाल के लिए जाना जाता है।
इंग्लिश पाउटर एक फैंसी कबूतर है जिसे लगभग पूरी तरह प्रदर्शनी के लिए पाला जाता है। यह लंबे पैरों पर खड़ा होता है और शरीर को लगभग सीधी खड़ी रेखा में रखता है, जिससे इसका रूप गरिमापूर्ण दिखता है और निर्णायक तथा पालनकर्ता दोनों इसे पसंद करते हैं। सबसे अलग पहचान इसकी गलथैली है, गले की एक हवा की थैली जिसे कबूतर छाती के आगे एक बड़े गोल गुब्बारे जैसा फुला लेता है।
पूरी मुद्रा में इंग्लिश पाउटर की ऊंचाई फर्श से फूली हुई गलथैली के ऊपरी सिरे तक लगभग 18 इंच तक पहुंच सकती है। इतनी ऊंचाई के बावजूद वजन के हिसाब से यह मध्यम आकार का पक्षी है, और इसकी पतली कमर फूली हुई गलथैली से साफ तौर पर अलग दिखती है। स्वभाव से यह शांत और स्थिर रहता है, हाथ में पकड़े जाने पर भी घबराता नहीं, जो शो पेन में बार-बार हाथ लगाए जाने की पुरानी परंपरा के अनुकूल है।
यह शुरुआती पालनकर्ताओं के लिए पालतू कबूतर नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की नस्ल है। इसे ऐसे पालनकर्ता की जरूरत होती है जो कबूतरखाने का प्रबंधन, प्रजनन, और लंबे पैरों वाले इस पक्षी की खास बनावट संभाल सके, क्योंकि इसकी बनावट आम कबूतरों की तुलना में चूजों को दाना खिलाने जैसे सामान्य काम भी मुश्किल बना देती है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मूल स्थान | इंग्लैंड |
| आकार | मध्यम (सीधी मुद्रा में लगभग 18 इंच तक ऊंचा) |
| आयु सीमा | 10 से 15 वर्ष |
| समूह/भूमिका | फैंसी शो कबूतर (पाउटर और क्रॉपर समूह) |
| किनके लिए उपयुक्त | अनुभवी पालनकर्ता, फैंसी नस्लों वाला मिश्रित कबूतरखाना |
किसे यह नस्ल सूट करती है
इंग्लिश पाउटर उन पालनकर्ताओं के लिए ठीक है जो पहले से कबूतर पालन को समझते हैं और शो नस्ल रखना चाहते हैं। प्रदर्शक इसकी सीधी मुद्रा और बड़ी गलथैली को खास महत्व देते हैं, और प्रजनक तय मानक पर खरे उतरने वाले कबूतर तैयार करने की चुनौती में रुचि लेते हैं। जो कोई कम मेहनत वाला पालतू पक्षी या रेसिंग-उपयोगी कबूतर चाहता है, उसके लिए यह नस्ल उतनी उपयुक्त नहीं, क्योंकि इसकी बनावट उड़ान क्षमता के बजाय रूप-रंग के लिए विकसित की गई है।
इतिहास और उत्पत्ति
इंग्लिश पाउटर का विकास इंग्लैंड में पुराने यूरोपीय पाउटिंग कबूतरों से हुआ और संगठित कबूतरबाज़ी के उभार के दौरान यह एक स्थापित प्रदर्शनी नस्ल बनी।
पाउटिंग कबूतर, यानी गलथैली फुलाने वाले कबूतर, घरेलू कबूतर परिवार के भीतर एक पुराना समूह हैं। यूरोप के कई हिस्सों में पालनकर्ता सदियों से गलथैली फुलाने वाली नस्लें रखते आए हैं, और यही पुराने पाउटर और क्रॉपर वह आधार बने जिनसे इंग्लिश पाउटर विकसित हुआ।
इंग्लैंड में शौकिया पालनकर्ताओं ने इन कबूतरों को धीरे-धीरे लंबे, अधिक सीधे रूप और बड़े गुब्बारे तथा लंबे पैरों की ओर परिष्कृत किया। पीढ़ी दर पीढ़ी चुनिंदा प्रजनन के जरिए इंग्लिश किस्म अपनी ऊंचाई और पतली, सुडौल कमर के कारण महाद्वीपीय पाउटरों से अलग पहचान बनाती गई।
जब कबूतरबाज़ी एक संगठित शौक बन गई, क्लबों, प्रदर्शनियों और लिखित मानकों के साथ, तब इस नस्ल को एक स्थिर पहचान मिली। प्रदर्शनी के नियम लागू होने के साथ पालनकर्ताओं ने चाल-ढाल और अनुपात के एक तय आदर्श की दिशा में प्रजनन किया, जिससे आज शो पेन में दिखने वाला पहचाना जाने वाला इंग्लिश पाउटर तैयार हुआ।
इंग्लिश पाउटर ने अन्य पाउटिंग नस्लों के विकास में भी योगदान दिया, जिनमें पिग्मी पाउटर शामिल है, जिसे इसी वंशावली से छोटे आकार में विकसित किया गया। अपने पूरे इतिहास में यह नस्ल कामकाजी नहीं, बल्कि शो और सजावटी कबूतर ही बनी रही।
रूप-रंग
इंग्लिश पाउटर एक लंबा कबूतर है जिसके पैर लंबे, कमर पतली, और छाती के आगे एक बड़ी फूली हुई गोल गलथैली होती है।
इंग्लिश पाउटर की पहचान इसकी ऊंचाई और बाहरी रूपरेखा में है। यह लंबे, सीधे पैरों पर खड़ा होता है और शरीर को खड़ी मुद्रा में रखता है, जिससे सिर, फूली हुई गलथैली और पैर लगभग एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। गलथैली छाती के ऊपरी हिस्से में एक बड़े गुब्बारे जैसी फूल जाती है, जबकि नीचे का शरीर पतली कमर में सिमट जाता है। चौड़ी गलथैली और पतली कमर के बीच यह विरोधाभास ही नस्ल मानक का केंद्र बिंदु है।
| गुण | मानक |
|---|---|
| ऊंचाई | पूरी मुद्रा में लगभग 18 इंच (45 सेमी) तक |
| वजन | मध्यम बनावट, लगभग 350 से 450 ग्राम |
| पंख | चिकने, शरीर से सटे पंख; साफ पैर और पंजे |
| रंग | नीला, काला, लाल, पीला, सफेद और चित्तीदार पैटर्न |
| आंखें | तेज और सजग; पंखों के रंग के अनुसार आइरिस का रंग बदलता है |
पंख और रंग
पंख चिकने होते हैं और शरीर से सटे रहते हैं। इंग्लिश पाउटर नीला, काला, लाल, पीला और सफेद जैसे एकल रंगों में तथा सफेद हिस्सों के साथ मूल रंग मिले चित्तीदार पैटर्न में भी मिलता है। कई कबूतरों की फूली हुई गलथैली पर अर्धचंद्राकार निशान या धब्बा दिखाई देता है। पैरों पर पंख बहुत कम होते हैं, क्योंकि मानक साफ निचले पैरों की मांग करता है ताकि लंबे पैर स्पष्ट दिखें।
स्वभाव
इंग्लिश पाउटर शांत, सजग और आत्मविश्वासी होता है, हाथ लगाए जाने को सहन करता है, पर यह साथी पक्षी के बजाय प्रदर्शनी के लिए पाला जाता है।
इंग्लिश पाउटर का स्वभाव इसकी सीधी मुद्रा जैसा ही स्थिर और गरिमापूर्ण है। पक्षी सजग रहते हैं और अपने आसपास के प्रति उत्सुक रहते हैं, और देखे जाने पर भी अपनी मुद्रा बनाए रखते हैं, यह गुण प्रदर्शक विशेष रूप से पसंद करते हैं। नियमित रूप से हाथ लगाने से ये इंसानों के अभ्यस्त हो जाते हैं और शो पेन में शांत बने रहते हैं।
दूसरे कबूतरों के साथ यह नस्ल आमतौर पर मिलनसार रहती है और फैंसी नस्लों वाले कबूतरखाने में आसानी से घुल-मिल जाती है। प्रजनन के मौसम में नर गलथैली फुलाकर इठलाते और प्रदर्शन करते हैं, पर गंभीर आक्रामकता कम ही देखने को मिलती है। यह गोद में बैठने वाला पक्षी नहीं है और कुछ साथी पक्षियों की तरह प्यार की तलाश नहीं करता, हालांकि यह प्रदर्शनी के लिए जरूरी नज़दीकी संपर्क सह लेता है।
अजनबियों के आसपास इंग्लिश पाउटर सतर्क तो रहता है पर अभ्यस्त होने के बाद घबराता नहीं। बिल्ली और कुत्ते जैसे अन्य पालतू जानवरों के सामने यह, किसी भी कबूतर की तरह, शिकार बनने की आशंका वाला पक्षी है और इसे सुरक्षित दूरी पर ही रखना चाहिए।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 2 |
| ऊर्जा | 3 |
| प्रशिक्षणयोग्यता | 3 |
| आवाज़ | 3 |
| पंख झड़ना | 3 |
देखभाल और सफाई
इंग्लिश पाउटर को साफ कबूतरखाना, रोज़ दाना-पानी, और इसके लंबे पैरों तथा बड़ी गलथैली पर नियमित नज़र रखने की जरूरत होती है।
देखभाल का आधार एक साफ, सूखा कबूतरखाना और एक स्थिर दिनचर्या है। लंबे पैर और ऊंची मुद्रा के कारण बसेरे और घोंसले के डिब्बे इतने बड़े होने चाहिए कि पक्षी बिना दबाव के खड़ा हो सके और घूम सके। चूंकि गलथैली बहुत उभरी हुई होती है, पालनकर्ता इसमें खटास या अवरोध जैसी समस्याओं के संकेतों पर नज़र रखते हैं।
सौंदर्य देखभाल
- पंख साफ रखने के लिए हफ्ते में दो-तीन बार उथले पानी में नहाने का इंतज़ाम करें।
- पपड़ी, घाव या बढ़े हुए नाखूनों के लिए हर हफ्ते पैर और पंजे जांचें।
- चिकने पंख और साफ पैरों की सुरक्षा के लिए कबूतरखाने का फर्श साफ रखें।
- कड़ापन, सूजन या दुर्गंध के लिए गलथैली की नियमित जांच करें।
व्यायाम
- एवियरी या फ्लाइट पेन में रोज़ खुला घूमना दें।
- सिर्फ उड़ान पर निर्भर रहने के बजाय चलने और लंबे पैर फैलाने की जगह दें।
- भीड़भाड़ से बचें ताकि पक्षी अपनी स्वाभाविक सीधी मुद्रा बनाए रख सकें।
वातावरण
इंग्लिश पाउटर हवा की सीधी धार से बचे, अच्छी हवादार, सूखी बिछावन वाले और गर्मी-सर्दी की अति से सुरक्षित कबूतरखाने में सबसे बेहतर रहता है। भारत के गर्म, उमस भरे और मानसूनी मौसम में हवादारी और नमी नियंत्रण खास तौर पर जरूरी हो जाता है। नीचे और तंग पिंजरों के बजाय ऊंचे, खुले पेन इस नस्ल के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं क्योंकि तंग जगह इसकी मुद्रा को बिगाड़ देती है।
आहार और भोजन
इंग्लिश पाउटर मौसम के अनुसार संतुलित मानक कबूतर अनाज मिश्रण खाता है, साथ ही ग्रिट और साफ पानी हमेशा उपलब्ध रहना चाहिए।
आहार का आधार एक अच्छा कबूतर अनाज मिश्रण है। आम मिश्रणों में मक्का, गेहूं, ज्वार और जौ जैसे अनाज के साथ प्रोटीन के लिए मटर और सेम जैसी दालें मिलाई जाती हैं। मौसम के अनुसार अनुपात बदलता है: प्रजनन और पंख झड़ने के दौरान अधिक प्रोटीन, और आराम के समय हल्का, कम प्रोटीन वाला मिश्रण। पाचन और अंडे के छिलके के निर्माण में मदद के लिए ग्रिट और खनिज स्रोत जरूरी हैं, और साफ पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए।
| जीवन चरण | प्रतिदिन मात्रा | भोजन बार |
|---|---|---|
| वयस्क (सामान्य) | लगभग 30 से 40 ग्राम अनाज मिश्रण | 1 से 2 |
| प्रजनन जोड़ा | खुली उपलब्धता, अधिक प्रोटीन वाला मिश्रण | 2 |
| पंख झड़ने वाला पक्षी | लगभग 35 से 45 ग्राम, प्रोटीन बढ़ाकर | 2 |
| चूजा (माता-पिता द्वारा पोषित) | पहले गलथैली का दूध, फिर माता-पिता द्वारा नरम अनाज | मांग पर |
अतिरिक्त आहार और सप्लीमेंट
सुरक्षित बीजों की थोड़ी मात्रा इनाम के तौर पर दी जा सकती है, पर यह संतुलित मिश्रण की जगह नहीं लेनी चाहिए। कबूतरों को ग्रिट या खनिज ब्लॉक से फायदा होता है, और प्रजनन तथा पंख झड़ने के दौरान जहां आहार में कमी रह सकती है वहां अतिरिक्त विटामिन काम आते हैं। इनाम कम मात्रा में दें ताकि पक्षी नस्ल मानक की मांग वाली पतली कमर बनाए रखे।
स्वास्थ्य और आयु
इंग्लिश पाउटर आमतौर पर 10 से 15 साल जीता है और साफ कबूतरखाने, अच्छे आहार तथा गलथैली और पैर की सतर्क निगरानी से स्वस्थ रहता है।
अच्छी देखभाल के साथ इंग्लिश पाउटर एक मजबूत पक्षी है और आमतौर पर 10 से 15 साल जीता है। ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याएं कबूतरखाने की स्थिति, आहार या नस्ल की अपनी बनावट से जुड़ी होती हैं। बड़ी गलथैली और लंबे पैरों पर खास ध्यान चाहिए, क्योंकि इनमें ऐसी समस्याएं हो सकती हैं जो सामान्य कबूतरों में कम देखने को मिलती हैं।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| गलथैली विकार (खटास या अवरोध) | सूजी, कड़ी या दुर्गंधयुक्त गलथैली; खाना छोड़ देना | गलथैली के आकार के कारण पाउटर नस्ल में अधिक देखने को मिलता है |
| कैंकर (ट्राइकोमोनिएसिस) | गले में पीले जमाव, वजन घटना | आम कबूतर परजीवी; उपचार संभव |
| कॉक्सिडियोसिस | पतली बीट, सुस्ती | नम या गंदे कबूतरखाने से जुड़ा |
| श्वसन संक्रमण | नाक से स्राव, सांस लेने में तकलीफ | खराब हवादारी से बढ़ता है |
| बाहरी परजीवी | पंखों को नुकसान, बेचैनी | माइट और जूं; सफाई से नियंत्रण |
रोकथाम की देखभाल
- कबूतरखाने को साफ, सूखा और अच्छी तरह हवादार रखें।
- रोज़ संतुलित आहार, ग्रिट और साफ पानी दें।
- नए कबूतरों को कबूतरखाने में शामिल करने से पहले क्वारंटीन में रखें।
- कैंकर, कीड़ों और बाहरी परजीवियों की नियमित जांच करें।
- गलथैली और पैरों की नियमित जांच करें।
प्रशिक्षण और संचालन
इंग्लिश पाउटर को मुख्य रूप से प्रदर्शनी के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, धीरे से हाथ लगाकर सिखाया जाता है ताकि यह पेन में शांत खड़ा रहे और अपनी सीधी मुद्रा बनाए रखे।
इंग्लिश पाउटर का प्रशिक्षण अन्य कबूतरों को दिए जाने वाले उड़ान या घर लौटने के प्रशिक्षण से अलग, शो प्रशिक्षण है। मकसद यह है कि पक्षी शो पेन में संयत रहे और अपनी चाल-ढाल तथा फूली हुई गलथैली को अच्छी तरह पेश करे। यह बार-बार, शांति से हाथ लगाने से आता है, जो कबूतर के छोटी उम्र से शुरू होकर पूरे शो सीज़न तक चलता रहता है। धैर्यपूर्ण, शांत सत्र जल्दबाज़ी में किए गए हाथ लगाने से कहीं स्थिर पक्षी बनाते हैं।
बुनियादी बातें
- युवा कबूतरों को रोज़ हाथ लगाएं ताकि वे इंसानी संपर्क स्वीकार करें।
- कबूतर को छोटे-छोटे सत्रों में शो पेन या प्रशिक्षण पिंजरे का आदी बनाएं।
- धीरे से मुद्रा का अभ्यास कराएं ताकि पक्षी ऊंचा खड़ा होना और मुद्रा बनाए रखना सीखे।
- शांत व्यवहार पर धीमी प्रशंसा और छोटा इनाम दें।
- असली शो से पहले धीरे-धीरे लोगों और शोर के संपर्क में लाएं।
आवास और रहने का स्थान
इंग्लिश पाउटर को साफ, अच्छी हवादार कबूतरखाना चाहिए जिसमें ऊंचे पेन और साथ में फ्लाइट हो, इसकी ऊंचाई और लंबे पैरों के अनुरूप।
इंग्लिश पाउटर को कबूतरखाने में रखा जाता है, जो फैंसी कबूतरों का मानक घर है। अपनी ऊंचाई और सीधी मुद्रा के कारण इस नस्ल को आम कबूतरों से ऊंचे पेन और बसेरों की जरूरत होती है, ताकि यह बिना दबाव के पूरी तरह खड़ा हो सके। साथ लगी फ्लाइट या एवियरी वाला सूखा, हवादार कबूतरखाना पक्षियों को घूमने, नहाने और पंखों को अच्छी हालत में रखने देता है। पालनकर्ता आमतौर पर प्रजनन जोड़ों के लिए अलग-अलग घोंसले के डिब्बे देते हैं।
| पहलू | सुझाव |
|---|---|
| कबूतरखाने का प्रकार | सूखा, हवा की सीधी धार से मुक्त, अच्छी तरह हवादार |
| पेन की ऊंचाई | पूरी सीधी मुद्रा के लिए पर्याप्त ऊंची |
| बसेरे | चौड़े और मजबूत, लंबे पैरों के अनुरूप |
| फ्लाइट/एवियरी | रोज़ के व्यायाम के लिए साथ लगी फ्लाइट |
| घोंसले के डिब्बे | हर प्रजनन जोड़े के लिए एक |
| बिछावन | साफ, सूखी बिछावन जो नियमित बदली जाए |
सेटअप जांच सूची
- पूरी सीधी मुद्रा के लिए जगह वाले ऊंचे पेन
- चौड़े, स्थिर बसेरे और घोंसले के डिब्बे
- हफ्ते में कई बार नहाने का पात्र उपलब्ध
- फीडर और साफ पानी के बर्तन फर्श से ऊपर रखे हों
- बिना सीधी हवा की धार के अच्छी हवा का बहाव
- बिल्ली, चूहों और शिकारी पक्षियों से बचाव के लिए मजबूत जाली
अंडे सेना और पालन-पोषण
इंग्लिश पाउटर के अंडे लगभग 17 से 19 दिन में सेते हैं, और लंबे शरीर वाले माता-पिता को अक्सर चूजों को खिलाने में मदद चाहिए होती है, इसलिए फॉस्टर कबूतरों का इस्तेमाल आम है।
मादा आमतौर पर हर बार दो अंडे देती है, और दोनों माता-पिता मिलकर अंडे सेते हैं। अंडे लगभग 17 से 19 दिन में फूटते हैं। नवजात चूजों को शुरुआती दिनों में दोनों माता-पिता गलथैली का दूध पिलाते हैं, फिर नरम अनाज खिलाते हैं। चूंकि इंग्लिश पाउटर का शरीर लंबा और गलथैली बड़ी होती है, कुछ जोड़े अपने चूजों को ठीक से नहीं खिला पाते, इसलिए कई प्रजनक अंडे या चूजों को होमर या उपयोगी नस्लों जैसे भरोसेमंद फॉस्टर कबूतरों के पास रख देते हैं जो पालन-पोषण में भरोसेमंद होते हैं।
| पहलू | मान |
|---|---|
| तापमान | माता-पिता द्वारा सेना; कृत्रिम होने पर लगभग 99.5 °F (37.5 °C) |
| नमी | कृत्रिम होने पर लगभग 55 से 60 प्रतिशत |
| दिन | लगभग 17 से 19 दिन |
| पलटाई | दिन में कई बार (माता-पिता स्वाभाविक रूप से करते हैं) |
अंडे सेने के चरण
- जोड़े को बसने और अंडे देने दें; हर बार दो अंडे की उम्मीद रखें।
- दोनों माता-पिता को बिना खलल डाले अंडे सेने दें।
- विकास जांचने के लिए लगभग एक हफ्ते बाद अंडों को रोशनी में परखें।
- पहले से तय करें कि चूजों को माता-पिता के पास रखना है या फॉस्टर के पास।
- फूटे चूजों पर नज़र रखें ताकि पुष्टि हो सके कि उन्हें खिलाया जा रहा है और उनका वजन बढ़ रहा है।
- पालन-पोषण की अवधि में घोंसले को साफ और सूखा रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंग्लिश पाउटर से जुड़े आम सवालों में इसका आकार, स्वभाव, देखभाल का स्तर, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल है।
इंग्लिश पाउटर कबूतर कितना बड़ा होता है?
यह एक लंबा, मध्यम आकार का कबूतर है। पूरी सीधी मुद्रा में यह फर्श से फूली हुई गलथैली के ऊपरी सिरे तक लगभग 18 इंच तक पहुंच सकता है, हालांकि वजन के हिसाब से यह पतली कमर वाला मध्यम पक्षी है।
इंग्लिश पाउटर का स्वभाव कैसा होता है?
यह शांत, सजग, आत्मविश्वासी और गरिमापूर्ण होता है। नियमित हाथ लगाने से यह जल्दी सहज हो जाता है और प्रदर्शनी के लिए जरूरी नज़दीकी संपर्क सह लेता है, पर यह गोद में बैठने वाला स्नेही पक्षी नहीं है।
क्या इंग्लिश पाउटर की देखभाल मुश्किल है?
इसे अनुभवी पालनकर्ता की जरूरत होती है। लंबे पैर और बड़ी गलथैली के लिए ऊंचे पेन और नियमित जांच चाहिए, और प्रजनन में अक्सर चूजों को पालने के लिए फॉस्टर कबूतरों की जरूरत पड़ती है।
इंग्लिश पाउटर कितने साल जीता है?
अच्छी देखभाल के साथ यह आमतौर पर 10 से 15 साल जीता है।
क्या इंग्लिश पाउटर शुरुआती पालनकर्ताओं के लिए अच्छी नस्ल है?
यह उन पालनकर्ताओं के लिए बेहतर है जो पहले से कबूतर पालन समझते हैं और शो नस्ल रखना चाहते हैं। शुरुआती लोग आमतौर पर मजबूत और आसानी से पलने वाले कबूतरों से शुरुआत करते हैं।
क्या इंग्लिश पाउटर रेसिंग कबूतरों की तरह उड़ और घर लौट सकते हैं?
नहीं। यह नस्ल उड़ान क्षमता या घर लौटने के बजाय रूप-रंग और प्रदर्शनी के लिए पाली जाती है। इसे शो और सजावटी कबूतर के रूप में रखा जाता है।
इंग्लिश पाउटर कबूतर आसानी से कहां मिलते हैं?
ये आम पालतू दुकानों के बजाय फैंसी कबूतर क्लबों, प्रजनकों और प्रदर्शनियों के जरिए मिलते हैं। अच्छी नस्ल पाने का सामान्य तरीका किसी कबूतरबाज़ क्लब से जुड़ना है।