हियरफ़ोर्ड
हियरफ़ोर्ड एक आकर्षक लाल-और-सफ़ेद अमेरिकी नस्ल है, जो अपने सुस्वभाव और कुशल, समान वृद्धि के लिए जानी जाती है।
- Size
- बड़ा
- Lifespan
- 6–10 years
- Origin
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- Temperament
- सुस्वभावी
- Standard colors
- सफ़ेद और लाल
Characteristics
हियरफ़ोर्ड colors and patterns
What each club's breed standard says about every हियरफ़ोर्ड color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the हियरफ़ोर्ड in सफ़ेद और लाल. Standard patterns: हेरफ़ोर्ड सफ़ेद चेहरा.
| Color or pattern | CPS |
|---|---|
| सफ़ेद | मानक (“white head, white ears and four white legs”) |
| लाल | मानक (“deep red or light red”) |
| Patterns | |
| हेरफ़ोर्ड सफ़ेद चेहरा | मानक (“deep red or light red with a white head, white ears and four white legs”) |
| Color or pattern | CPS |
|---|---|
| चित्तीदार | अयोग्य ठहराने वाला (“black spots”) |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- अयोग्य ठहराने वाला
- The club's breed standard disqualifies an animal of this color or pattern.
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
हेरफोर्ड सुअर के बारे में
हेरफोर्ड एक बड़ी अमेरिकी सुअर नस्ल है, जिसका शरीर लाल और चेहरा सफेद होता है। यह शांत स्वभाव और स्थिर वजन बढ़ोतरी के लिए जानी जाती है।
हेरफोर्ड एक घरेलू सुअर नस्ल है जिसे अमेरिका में विकसित किया गया था। इसका नाम इसके रंग पैटर्न से पड़ा, जो हेरफोर्ड गाय की नस्ल जैसा ही है: लाल शरीर के साथ सफेद चेहरा और सफेद निशान। यह एक बड़ी, मांस के लिए पाली जाने वाली सुअर नस्ल है, जिसे छोटे किसान और घर पर पशुपालन करने वाले लोग शांत स्वभाव और भरोसेमंद वजन बढ़ोतरी के कारण पसंद करते हैं।
वयस्क सुअर काफी भारी होते हैं। परिपक्व नर (बोर) और मादा (सो) आमतौर पर 600 से 800 पाउंड तक पहुंच जाते हैं, और अच्छी देखभाल में कुछ जानवर इससे भी भारी हो सकते हैं। यह नस्ल मध्यम गति से बढ़ती है और वजन एक समान तरीके से बढ़ाती है, अचानक उछाल से नहीं, जिससे मांस की गुणवत्ता एक जैसी बनी रहती है।
हेरफोर्ड को सीधा और संभालने में आसान माना जाता है। यह स्वभाव, चरागाह में मजबूती के साथ मिलकर, इसे खुले या अर्ध खुले तरीके से सुअर पालने वालों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनाता है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मूल स्थान | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| आकार | बड़ा (परिपक्व होने पर 600 से 800 पाउंड) |
| आयु | 6 से 10 वर्ष |
| समूह/भूमिका | मांस के लिए पाली जाने वाली घरेलू सुअर नस्ल |
| किसके लिए उपयुक्त | छोटे किसान, चरागाह और खुले पालन तंत्र |
यह किसके लिए उपयुक्त है
हेरफोर्ड उन पालकों के लिए उपयुक्त है जो छोटे से मध्यम आकार के फार्म पर मांस उत्पादन के लिए एक सीधा और संभालने में आसान सुअर चाहते हैं। यह खुले में रहने और कम अनुभवी मालिकों के हाथों संभाले जाने को कई अन्य चंचल नस्लों से बेहतर सहन करता है। यह पालतू जानवर के आकार की नस्ल नहीं है: वयस्क आकार और चारे की जरूरत के हिसाब से मजबूत बाड़, आश्रय और पर्याप्त जगह जरूरी है।
इतिहास और उत्पत्ति
हेरफोर्ड सुअर को 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका में विकसित किया गया था और इसे हेरफोर्ड गाय के लाल सफेद रंग पैटर्न के आधार पर पाला गया।
हेरफोर्ड सुअर की उत्पत्ति 20वीं सदी के शुरुआती दशकों में अमेरिका में हुई। प्रजनकों ने एक ऐसा सुअर तैयार करने का लक्ष्य रखा जिसका रंग पैटर्न पक्का और पहचानने योग्य हो, जो हेरफोर्ड गाय की नस्ल पर आधारित हो, जिसका शरीर लाल और चेहरा सफेद होता है।
यह नस्ल उस समय की स्थापित अमेरिकी सुअर नस्लों के मिश्रण से तैयार की गई, जिनमें ड्यूरॉक, पोलैंड चाइना और चेस्टर व्हाइट शामिल थीं। लगातार कई पीढ़ियों तक चयन करके लाल और सफेद निशानों को स्थिर किया गया। यह काम मुख्य रूप से मिडवेस्ट क्षेत्र में हुआ, जहां ये मूल नस्लें आम थीं।
अमेरिका में हेरफोर्ड सुअरों को दर्ज करने और नस्ल की पहचान तय करने वाले रंग मानक को स्थापित करने के लिए एक ब्रीड रजिस्ट्री बनाई गई। 20वीं सदी के मध्य तक हेरफोर्ड उन किसानों में लोकप्रिय था जो एक समान, आकर्षक, दोहरे उपयोग वाला मांस सुअर चाहते थे।
जैसे जैसे व्यावसायिक पोर्क उत्पादन कुछ गिनी चुनी उच्च उत्पादन वाली औद्योगिक नस्लों की ओर मुड़ा, हेरफोर्ड की संख्या घटती गई। अब इसे मुख्य रूप से छोटे किसान, विरासती नस्ल के शौकीन और युवा पशुपालन कार्यक्रम पालते हैं, और इसे मुख्यधारा की व्यावसायिक नस्ल के बजाय एक छोटी या विरासती नस्ल माना जाता है।
रूप रंग
हेरफोर्ड एक बड़ी सुअर नस्ल है जिसका शरीर गहरा लाल, चेहरा सफेद और टांगों तथा पेट के निचले हिस्से पर सफेद निशान होते हैं, कान सीधे से हल्के झुके हुए होते हैं।
हेरफोर्ड की पहचान तुरंत उसके रंग से हो जाती है। शरीर गहरे लाल रंग का होता है, जबकि चेहरा सफेद होता है, अक्सर निचली टांगों, पेट के निचले हिस्से और पूंछ की नोक पर भी सफेद रंग दिखता है। लाल शरीर पर सफेद चेहरे का यह कंट्रास्ट इस नस्ल की सबसे पहचानी जाने वाली विशेषता है।
इसका शरीर एक मांस वाली सुअर नस्ल जैसा बना है: लंबा, गहरा शरीर, चौड़ी पीठ, अच्छी तरह भरे हुए जांघ (हैम) और मजबूत टांगें जो चरागाह पर जानवर का वजन संभालती हैं। सिर मध्यम लंबाई का होता है, थूथन सामान्य आकार का होता है, और कान आमतौर पर आगे की ओर तथा हल्के झुके हुए होते हैं, पूरी तरह खड़े नहीं।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| ऊंचाई | कंधे पर लगभग 28 से 36 इंच |
| वजन | परिपक्व होने पर 600 से 800 पाउंड |
| त्वचा/बाल | मोटी त्वचा पर छोटे, खुरदरे बाल |
| रंग | लाल शरीर, सफेद चेहरा और सफेद निशान |
| आंखें | गहरे रंग की, सफेद चेहरे के हिस्से में स्थित |
बाल और रंग
बाल छोटे और खुरदरे होते हैं, जैसा खुले में पाली जाने वाली सुअर नस्लों में आम है, और यह मोटी, रंगीन त्वचा के ऊपर होते हैं। मानक के अनुसार शरीर लाल और चेहरा सफेद होना चाहिए। अधिकतर जानवरों में कम से कम दो टांगों और पेट के निचले हिस्से पर भी सफेद रंग दिखता है। शरीर पर बहुत ज्यादा फैला हुआ सफेद रंग, या ऐसा चेहरा जिसमें सफेद रंग प्रमुख न हो, रंग मानक के हिसाब से एक कमी मानी जाती है। लाल रंग की गहराई एक जानवर से दूसरे में हल्के से गहरे महोगनी लाल तक बदलती रहती है।
स्वभाव
हेरफोर्ड सुअर शांत, सीधा और मिलनसार स्वभाव का होता है, जिससे इसे कई अन्य उत्पादन सुअर नस्लों की तुलना में संभालना आसान होता है।
हेरफोर्ड की पहचान एक कोमल, संतुलित स्वभाव के लिए है। ये जानवर आमतौर पर लोगों के आसपास शांत रहते हैं, आसानी से घबराते नहीं, और खिलाने, बाड़ों के बीच ले जाने तथा लादने जैसे रोजमर्रा के कामों में सहयोग करते हैं। यही स्वभाव मुख्य कारण है कि छोटे किसान और युवा पशु प्रदर्शनी परियोजनाएं इस नस्ल को पसंद करती हैं।
परिचित संभालने वालों के साथ यह नस्ल मित्रवत और जिज्ञासु रहती है। अजनबियों के आसपास यह आमतौर पर आक्रामक नहीं बल्कि सहनशील रहती है, हालांकि किसी भी बड़ी सुअर के पास सावधानी से जाना चाहिए। हेरफोर्ड सुअर आमतौर पर समूह में अच्छी तरह घुल मिल जाते हैं और पर्याप्त जगह तथा चारे तक पहुंच मिलने पर दूसरी सुअरों के साथ भी बिना झगड़े रहते हैं।
जैसा सभी सुअरों में होता है, नई ब्यायी हुई मादा (सो) अपने बच्चों की रक्षा करने लगती है, इसलिए बच्चा देने के समय उसे शांति और दूरी दी जानी चाहिए। नर (बोर) आकार में बड़े और ताकतवर होते हैं और इनके आमतौर पर स्थिर स्वभाव के बावजूद इन्हें सुरक्षित तरीके से संभालना जरूरी है। बोर हो चुके या पर्याप्त सक्रियता न मिल पाने वाले सुअर जमीन खोदने लगते हैं और बाड़ को परखने लगते हैं, इसलिए पर्याप्त जगह और गतिविधि के साधन इनका व्यवहार स्थिर रखते हैं।
| गुण | स्तर |
|---|---|
| स्नेह | 4 |
| ऊर्जा | 2 |
| प्रशिक्षण क्षमता | 3 |
| आवाज करने की आदत | 2 |
| बाल झड़ना | 2 |
देखभाल और पालन
हेरफोर्ड सुअरों को आश्रय के साथ खुली जगह, मजबूत बाड़, छांव और कीचड़ स्नान की जगह चाहिए, साथ ही नियमित संभाल और परजीवी नियंत्रण भी।
सफाई और संवारना
- सुअर ज्यादातर खुद ही अपनी सफाई कर लेते हैं और इन्हें ब्रश करने की जरूरत नहीं होती।
- गर्म मौसम में कीचड़ स्नान की जगह या फुहारे का इंतजाम करें, क्योंकि सुअरों को पसीना नहीं आता और वे ठंडक पाने तथा त्वचा बचाने के लिए कीचड़ का इस्तेमाल करते हैं।
- त्वचा, कान और पैरों की नियमित जांच करें ताकि परजीवी, सफेद हिस्सों पर धूप से जलन और बढ़े हुए खुर समय पर पकड़ में आ जाएं।
- खुर तभी काटें जब जरूरत हो; सख्त जमीन पर रहने वाले सुअरों के खुर आमतौर पर अपने आप घिस जाते हैं।
व्यायाम
- खोदने, चारा ढूंढने और घूमने फिरने के लिए बाड़े या चरागाह तक पहुंच दें।
- जहां संभव हो, चरागाह को बदलते रहें ताकि परजीवी न बढ़ें और घास की परत सुरक्षित रहे।
- किसी बड़े, सक्रिय सुअर को लंबे समय तक छोटे बाड़े में बंद न रखें।
वातावरण
हेरफोर्ड खुले और अर्ध खुले पालन तंत्र में अच्छी तरह ढल जाता है। ठंडे और गीले मौसम के लिए साफ बिछावन वाला सूखा, हवा रहित आश्रय दें, और गर्म मौसम के लिए छांव के साथ कीचड़ स्नान की जगह भी दें। भारत के गर्म, नमी भरे मौसम और मानसून में यह इंतजाम खासतौर पर जरूरी हो जाता है। सफेद चेहरे और शरीर के हिस्सों पर धूप से जलन हो सकती है, इसलिए गर्मी में छांव का होना जरूरी है। बाड़ मजबूत और जमीन से सटी होनी चाहिए, क्योंकि सुअर जमीन खोदते और धक्का देते हैं; बिजली की बाड़ या मजबूत सुअर पैनल आमतौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं।
आहार और खिलाना
हेरफोर्ड सुअरों को उनकी उम्र के हिसाब से संतुलित अनाज आधारित आहार, चरागाह पर चारा और साफ पानी दिया जाता है, कुछ खास मानव भोजन से बचना चाहिए।
हेरफोर्ड सुअरों को आमतौर पर मक्का जैसे अनाज और सोयाबीन खली जैसे प्रोटीन स्रोत पर आधारित संतुलित व्यावसायिक आहार दिया जाता है, जिसमें विटामिन और खनिज भी मिलाए जाते हैं। प्रोटीन की जरूरत बढ़ते हुए छोटे सुअरों में सबसे अधिक होती है और परिपक्वता के साथ घटती जाती है। चरागाह पर यह नस्ल अच्छी तरह चारा ढूंढ लेती है और घास, जड़ें तथा अन्य पौधों को खाती है, जो तैयार आहार को पूरी तरह नहीं बल्कि आंशिक रूप से बदल सकता है। साफ ताजा पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए, खासकर गर्म और उमस भरे मौसम में।
| उम्र चरण | प्रतिदिन मात्रा | समय |
|---|---|---|
| दूध छुड़ाया गया बच्चा | 1 से 3 पाउंड आहार | 2 से 3 |
| बढ़ता सुअर (50 से 150 पाउंड) | 4 से 6 पाउंड आहार | 2 |
| फिनिशर (150 पाउंड से ज्यादा) | 6 से 8 पाउंड आहार | 2 |
| वयस्क/प्रजनन मादा | 4 से 6 पाउंड, शरीर की स्थिति के अनुसार बदलाव | 1 से 2 |
इनाम और पूरक आहार
जहां स्थानीय नियम इजाजत दें, वहां सब्जी और फल के टुकड़े कभी कभार इनाम के तौर पर दिए जा सकते हैं। मुफ्त उपलब्ध खनिज और साफ पानी वृद्धि और हड्डियों के विकास में मदद करते हैं। प्रजनन के लिए रखे जानवरों को मध्यम शारीरिक स्थिति में रखने के लिए आहार की मात्रा में बदलाव करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा मोटी मादा और नर सुअरों में प्रजनन क्षमता घट सकती है और जोड़ों की समस्या हो सकती है।
स्वास्थ्य
हेरफोर्ड एक मजबूत नस्ल है जो लगभग 6 से 10 साल जीती है, इसमें आम समस्याओं में परजीवी, धूप से जलन, जोड़ों पर दबाव और सांस संबंधी परेशानियां शामिल हैं।
हेरफोर्ड को एक मजबूत, मुश्किल हालात सहन कर लेने वाली नस्ल माना जाता है जो खुले वातावरण में अच्छी तरह ढल जाती है। अच्छी देखभाल में प्रजनन के लिए रखे जानवर लगभग 6 से 10 साल जी सकते हैं, हालांकि मांस के लिए पाली जाने वाली सुअरों को इस उम्र से बहुत पहले ही तैयार कर लिया जाता है। इस नस्ल में ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याएं वंशानुगत नहीं बल्कि देखभाल से जुड़ी होती हैं, और अच्छे आश्रय, साफ जमीन, परजीवी नियंत्रण तथा संतुलित आहार से इनमें सुधार आ जाता है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| आंतरिक/बाहरी परजीवी | कमजोर वृद्धि, खुजली, बेजान बाल | चरागाह बदलकर और पशु चिकित्सक की सलाह से नियंत्रित करें |
| धूप से जलन | सफेद त्वचा का लाल होना और छिलना | छांव और कीचड़ स्नान की जगह दें |
| सांस संबंधी बीमारी | खांसी, सांस लेने में तकलीफ | हवा का आवागमन बेहतर करें और भीड़ कम करें |
| जोड़ और टांग पर दबाव | अकड़न, लंगड़ापन | भारी वजन और सख्त सतह से जुड़ा |
| गर्मी का तनाव | गर्म मौसम में हांफना, सुस्ती | सुअरों को पसीना नहीं आता; ठंडक का इंतजाम जरूर करें |
बचाव संबंधी देखभाल
- पशु चिकित्सक की सलाह से टीकाकरण और कृमि निकालने का समय तय रखें।
- चरागाह बदलते रहें और बाड़ों को सूखा रखें ताकि परजीवी और बीमारी कम फैले।
- साल भर छांव, आश्रय और कीचड़ स्नान की जगह उपलब्ध रखें।
- शारीरिक स्थिति और पैरों पर नजर रखें, और जरूरत पड़ने पर खुर काटें।
- झुंड में शामिल करने से पहले नए जानवरों को अलग रखकर देखें (क्वारंटाइन)।
प्रजनन
हेरफोर्ड मादा सुअर लगभग 7 से 8 महीने में प्रजनन के लायक हो जाती हैं, करीब 114 दिन गर्भ धारण करती हैं और आमतौर पर 8 से 12 बच्चों को जन्म देती हैं।
हेरफोर्ड की युवा मादा (गिल्ट) को आमतौर पर लगभग 7 से 8 महीने की उम्र में प्रजनन कराया जाता है, जब वह पर्याप्त आकार और शारीरिक स्थिति तक पहुंच जाती है, जबकि नर सुअर (बोर) भी लगभग इसी उम्र से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मादा सुअर लगभग हर 21 दिन में गर्मी में आती है। सुअरों में गर्भावधि लगभग 114 दिन की होती है, जिसे अक्सर तीन महीने, तीन हफ्ते और तीन दिन के रूप में याद रखा जाता है।
बच्चों की संख्या आमतौर पर 8 से 12 के बीच रहती है, जो मादा की उम्र, शारीरिक स्थिति और देखभाल पर निर्भर करती है। इस नस्ल का शांत स्वभाव आमतौर पर ब्याने और बच्चों की देखभाल के समय भी बना रहता है, और हेरफोर्ड मादाओं को ध्यान रखने वाली मां और अच्छे दूध उत्पादन वाला माना जाता है।
बच्चों का दूध आमतौर पर लगभग 6 से 8 हफ्ते की उम्र में छुड़ाया जाता है। साफ, सूखी ब्याने की जगह और नवजात बच्चों के लिए अतिरिक्त गर्माहट का इंतजाम नुकसान कम करता है, क्योंकि छोटे बच्चे जल्दी ठंडे पड़ जाते हैं। ब्याने के दौरान और तुरंत बाद मादा को शांति चाहिए, साथ ही दूध उत्पादन में मदद करने वाला आहार भी।
| माप | मान |
|---|---|
| प्रजनन उम्र (गिल्ट) | लगभग 7 से 8 महीने |
| गर्मी का चक्र | लगभग हर 21 दिन |
| गर्भावधि | लगभग 114 दिन |
| बच्चों की संख्या | 8 से 12 (सामान्यतः) |
| दूध छुड़ाने की उम्र | 6 से 8 हफ्ते |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हेरफोर्ड सुअर से जुड़े आम सवालों में इसका आकार, स्वभाव, देखभाल की जरूरतें, उम्र, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।
हेरफोर्ड सुअर कितना बड़ा होता है?
हेरफोर्ड एक बड़ी नस्ल है। परिपक्व नर और मादा आमतौर पर 600 से 800 पाउंड तक पहुंच जाते हैं, और अच्छे आहार व देखभाल में कुछ जानवर इससे भी भारी हो सकते हैं।
हेरफोर्ड सुअर का स्वभाव कैसा होता है?
हेरफोर्ड सुअर शांत, सीधा और मिलनसार होते हैं। इन्हें संभालना आसान होता है और ये आसानी से नहीं घबराते, यही एक कारण है कि छोटे किसानों और युवा पशुपालन कार्यक्रमों में यह लोकप्रिय है।
क्या हेरफोर्ड सुअरों की देखभाल करना मुश्किल है?
इन्हें मजबूत और खुले पालन तंत्र के लिए उपयुक्त माना जाता है। मुख्य जरूरतों में मजबूत बाड़, सूखा आश्रय, छांव और कीचड़ स्नान की जगह, संतुलित आहार, साफ पानी, और नियमित परजीवी व स्वास्थ्य जांच का कार्यक्रम शामिल है।
हेरफोर्ड सुअर कितने साल जीते हैं?
अच्छी देखभाल में प्रजनन के लिए या पालतू के तौर पर रखे गए जानवर लगभग 6 से 10 साल जी सकते हैं। मांस के लिए पाली जाने वाली सुअरों को इससे कहीं पहले तैयार कर लिया जाता है।
क्या हेरफोर्ड छोटे फार्म के लिए अच्छी नस्ल है?
हां। इसका संतुलित स्वभाव, चरागाह पर मजबूती और स्थिर वृद्धि इसे छोटे और मध्यम फार्म के लिए एक व्यावहारिक मांस सुअर बनाती है, बशर्ते पर्याप्त जगह, बाड़ और आश्रय उपलब्ध हो।
क्या हेरफोर्ड सुअर आसानी से मिल जाते हैं?
हेरफोर्ड एक विरासती नस्ल है जिसे मुख्य रूप से छोटे किसान और शौकीन पालते हैं, न कि बड़े व्यावसायिक फार्म। इसलिए इसकी उपलब्धता मुख्यधारा की उत्पादन नस्लों से कम होती है। विरासती नस्ल संघ और क्षेत्रीय प्रजनक ही आमतौर पर इसके स्रोत होते हैं।
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