United Pet Club
घोड़ा

पर्शेरॉन

पर्शरॉन एक सौम्य, बुद्धिमान फ्रांसीसी भारवाहक नस्ल है, जिसे उसके विशाल आकार और शक्ति के बावजूद उसकी सुंदरता और सहयोग की भावना के लिए सराहा जाता है।

Size
विशालकाय
Lifespan
20–25 years
Origin
फ़्रांस
Temperament
कोमल
Standard colors
काला और स्लेटी
Key Traits
कोमलशांतमेहनतीबुद्धिमानस्थिर स्वभाव वाला

Characteristics

Energy Level4
Trainability4
Good With Kids3
Good With Pets4
Grooming Needs4

पर्शेरॉन colors and patterns

What each club's breed standard says about every पर्शेरॉन color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.

Breed standards describe the पर्शेरॉन in काला और स्लेटी. Standard patterns: डैपल्ड.

फ़र: rulings by club
Color or patternSHPF
कालामानक (“noir”)
स्लेटीमानक (“gris”)
कुम्मैतअयोग्य ठहराने वाला (“baies”)
चेस्टनटअयोग्य ठहराने वाला (“alezan”)
Patterns
डैपल्डमानक (“gris fortement pommelé”)
रोनअयोग्य ठहराने वाला (“Les autres robes”)
क्रमिक सफ़ेदीNo ruling
कालिख-छायाNo ruling

What the rulings mean

मानक
Described by the club's breed standard.
अयोग्य ठहराने वाला
The club's breed standard disqualifies an animal of this color or pattern.

Color changes

How a पर्शेरॉन's colors can change over its life.

  • कालाchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • स्लेटीchanges toसफ़ेद

    फ़र · क्रमिक · by 416 weeks

  • स्लेटीchanges toडैपल्ड

    फ़र · क्रमिक

  • स्लेटीchanges toपिस्सू-चित्ती

    फ़र · क्रमिक

  • स्लेटीchanges toकाला

    फ़र · उम्र के साथ

  • कालाchanges toभूरा

    फ़र · धूप में · can change back

Sources

Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.

पर्शरॉन के बारे में

पर्शरॉन एक शांत स्वभाव और बुद्धिमान फ्रांसीसी भारवाहक घोड़ा है, जो अपने विशाल आकार के बावजूद सहज चाल के लिए जाना जाता है और 20 से 25 साल जीता है।

पर्शरॉन उत्तर-पश्चिमी फ्रांस के पर्श क्षेत्र से आने वाली एक भारी कद-काठी की घोड़ा नस्ल है। यह दुनिया की सबसे अधिक संख्या में पाई जाने वाली भारवाहक नस्लों में गिना जाता है और आज भी खेती के काम, गाड़ी खींचने, परेड और हल्की नस्लों के साथ प्रजनन के लिए लोकप्रिय है।

सबसे बड़ी नस्लों में शुमार होने के बावजूद पर्शरॉन का स्वभाव शांत और संतुलित माना जाता है। पशुपालक बताते हैं कि यह घोड़ा जल्दी सीखता है और काम करने को तैयार रहता है, इसी वजह से घोड़ा-गाड़ी के दौर में इसे भारी ढुलाई और शहरी काम दोनों के लिए पसंद किया जाता था। इसकी ताकत के साथ चाल में एक सहज और सक्रिय लय भी मिलती है, जो इतने भारी घोड़े में कम देखने को मिलती है।

अधिकांश पर्शरॉन घोड़े स्लेटी या काले रंग के होते हैं, और नस्ल की बनावट में अरबी घोड़ों का प्रभाव सिर और शरीर की गठन में साफ झलकता है। आज पर्शरॉन का इस्तेमाल जुताई और सवारी दोनों में होता है, और इसकी क्रॉस-ब्रीडिंग से मजबूत कद-काठी और अच्छे स्वभाव वाले खेल व सैर के घोड़े तैयार होते हैं।

पर्शरॉन की मुख्य जानकारी
विशेषताजानकारी
मूल स्थानपर्श क्षेत्र, उत्तर-पश्चिमी फ्रांस
आकारविशालकाय भारवाहक नस्ल
आयु20 से 25 साल
समूह/भूमिकाभारी भारवाहक: खेती का काम, गाड़ी खींचना, प्रजनन
किसके लिए उपयुक्तअनुभवी पशुपालक, घोड़ों की सुविधा वाले परिवार, गाड़ी-दल

किसके लिए उपयुक्त है

पर्शरॉन उन मालिकों के लिए ठीक रहता है जो इतने बड़े घोड़े को रखने और खिलाने की जगह रखते हैं और गाड़ी खींचने या सामान्य सवारी के लिए स्थिर, सिखाने योग्य साथी चाहते हैं। इसका शांत स्वभाव इसे संभालने में आसान बनाता है, लेकिन आकार के कारण मजबूत बाड़, टिकाऊ साज-सामान और भरोसेमंद संभाल जरूरी है। यह मूल रूप से एक कामकाजी नस्ल है और नियमित काम व खुले मैदान में घूमने पर सबसे अच्छा रहता है।

इतिहास और उत्पत्ति

पर्शरॉन फ्रांस के पर्श क्षेत्र में विकसित हुआ और भारवाहक घोड़े के रूप में दुनिया भर में फैला, उन्नीसवीं सदी के अंत में बड़ी संख्या में उत्तरी अमेरिका भेजा गया।

पर्शरॉन का नाम पर्श से पड़ा है, जो नॉर्मंडी के दक्षिण में स्थित उत्तर-पश्चिमी फ्रांस का एक पुराना प्रांत था। यह नस्ल सदियों में स्थानीय भारी घोड़ियों और क्षेत्र में लाए गए अरबी व अन्य प्राच्य घोड़ों के मेल से विकसित हुई। नस्ल के परिष्कृत सिर और सक्रिय चाल का श्रेय अक्सर इसी अरबी प्रभाव को दिया जाता है।

अपने शुरुआती इतिहास के अधिकांश समय में पर्शरॉन को खेती, ढुलाई और गाड़ी के काम के लिए एक ताकतवर बहुउपयोगी घोड़े के रूप में पाला जाता था। फ्रांस में सड़क परिवहन बढ़ने के साथ इस नस्ल का इस्तेमाल डाक-गाड़ियों और भारी वैगन खींचने में होने लगा, और प्रजनकों ने लंबी दूरी तक सहनशक्ति और तेज चाल वाले घोड़ों को चुनना शुरू किया।

उन्नीसवीं सदी में नस्ल का औपचारिक संगठन बना और विदेशों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी। नस्ल के लिए एक फ्रांसीसी स्टडबुक तैयार किया गया, और बड़ी संख्या में पर्शरॉन घोड़े निर्यात किए गए, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका को, जहां यह नस्ल खेतों में सबसे आम भारवाहक घोड़ों में शामिल हो गई। अमेरिकी प्रजनकों ने आयात और स्थानीय प्रजनन के रिकॉर्ड रखने के लिए अपनी अलग रजिस्ट्री भी बनाई।

बीसवीं सदी में मशीनीकरण के चलते भारवाहक घोड़ों की संख्या तेजी से घटी, और अन्य भारी नस्लों की तरह पर्शरॉन की संख्या भी कम हुई। समर्पित प्रजनकों की बदौलत यह नस्ल बची रही और बाद में इसकी संख्या फिर बढ़ी। आज पर्शरॉन फ्रांस, उत्तरी अमेरिका और कई अन्य देशों में गाड़ी खींचने, खेती, वानिकी और क्रॉस-ब्रीडिंग के लिए पाला जाता है।

रूप-रंग और नस्ल मानक

पर्शरॉन एक लंबा, मजबूत मांसपेशियों वाला भारवाहक घोड़ा है, जो आमतौर पर स्लेटी या काले रंग का होता है और जिसका सिर सुडौल तथा चाल स्वच्छ व सक्रिय होती है।

पर्शरॉन एक विशाल, गहरे शरीर वाला भारवाहक घोड़ा है जिसकी मांसपेशियां भारी और शरीर की बनावट चौड़ी व ताकतवर होती है। भारवाहक नस्ल के हिसाब से इसका सिर अपेक्षाकृत सुडौल होता है, सीधी या हल्की घुमावदार प्रोफाइल, चौड़ा माथा और बड़ी आंखें, जो नस्ल की पृष्ठभूमि में अरबी प्रभाव को दर्शाती हैं। गर्दन मोटी और धनुषाकार होती है, कंधे ढलवां होते हैं, और टांगें साफ व मजबूत होती हैं जिनमें अन्य भारी नस्लों की तुलना में बाल कम होते हैं।

चाल में यह नस्ल कदम और ट्रॉट, दोनों में लंबा और खुला डग भरती है, जो इसे धीमी और भारी भारवाहक नस्लों से अलग करता है। रंग इस नस्ल की पहचान है: ज्यादातर पर्शरॉन घोड़े स्लेटी या काले होते हैं, और कई स्लेटी घोड़े जन्म के समय गहरे रंग के होते हैं जो उम्र के साथ हल्के होते जाते हैं।

पर्शरॉन नस्ल मानक
गुणमानक
ऊंचाईलगभग 15.2 से 18 हाथ (157 से 183 सेमी), देश और वंशावली के अनुसार अलग-अलग
वजनलगभग 1,800 से 2,600 पाउंड (820 से 1,200 किलो)
बालों की परतभारवाहक नस्ल के हिसाब से छोटी और महीन, टांगों पर सीमित बाल
रंगमुख्यतः स्लेटी और काला; अन्य रंग मिलते हैं पर कम आम हैं
आंखेंबड़ी और गहरे रंग की, चौड़े माथे पर स्थित

बालों की परत और रंग

स्लेटी और काला इस नस्ल के मुख्य रंग हैं, और कई रजिस्ट्रियां इन्हीं को प्राथमिकता देती हैं या अनिवार्य मानती हैं। स्लेटी पर्शरॉन आमतौर पर जन्म के समय लगभग काले होते हैं और हर साल हल्के होते जाते हैं, बुढ़ापे में अक्सर लगभग सफेद हो जाते हैं। कुछ आबादी में बे, चेस्टनट और रोन जैसे अन्य रंग भी मिलते हैं, लेकिन रजिस्ट्री के हिसाब से इन्हें अलग-अलग स्तर पर स्वीकार किया जाता है। सफेद निशान अगर हों तो आमतौर पर चेहरे और निचली टांगों तक सीमित रहते हैं।

स्वभाव और व्यवहार

पर्शरॉन शांत, संतुलित और बुद्धिमान होता है, जिस वजह से यह अपने आकार के घोड़ों में संभालने में अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।

पर्शरॉन की पहचान एक स्थिर और काम के लिए तैयार रहने वाले स्वभाव से है। यह दबाव में भी शांत रहता है, जो गाड़ी-दलों, सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाली जगहों में बेहद काम आता है, जहां घबराया हुआ घोड़ा खतरनाक हो सकता है। यह संयम, बुद्धिमानी के साथ मिलकर पर्शरॉन को दिनचर्या और काम जल्दी समझने वाला घोड़ा बनाता है।

लोगों के साथ यह नस्ल आमतौर पर मित्रवत और सहनशील होती है, और निगरानी में नए सवारों के साथ भी अक्सर अच्छी तरह काम करती है, हालांकि इसका आकार फिर भी सावधानी की मांग करता है। दूसरे घोड़ों के बीच पर्शरॉन मिलनसार रहता है और झुंड या गाड़ी-जोड़ी में आसानी से घुल-मिल जाता है। यह मेहनती नस्ल है और काम में संतुष्ट रहती है, और कई घोड़े संवारने, हार्नेस लगाने और संभालने के दौरान खासा धैर्य दिखाते हैं।

पर्शरॉन गुण रेटिंग (1 से 5)
गुणरेटिंग
स्नेह4
ऊर्जा3
प्रशिक्षण क्षमता5
आवाज करने की आदत2
बाल झड़ना3

देखभाल और संवारना

पर्शरॉन को नियमित संवारने, समय पर खुर की देखभाल, रोजाना खुले में घूमने और भरपूर जगह की जरूरत होती है, साथ ही बड़े खुरों और साफ टांगों पर खास ध्यान देना पड़ता है।

संवारना

  • गंदगी और झड़े बाल हटाने और त्वचा जांचने के लिए हफ्ते में कई बार ब्रश करें
  • रोजाना खुर साफ करें और जांचें, क्योंकि बड़े खुरों पर भारी वजन पड़ता है
  • निचली टांगों और उन पर मौजूद बालों पर ध्यान दें ताकि त्वचा में समस्या न हो
  • जरूरत पड़ने पर नहलाएं, खासकर शो के लिए रखे गए स्लेटी घोड़ों को
  • हर 6 से 8 हफ्ते में नाल बांधने वाले (फैरियर) से खुर कटवाएं या नाल लगवाएं

व्यायाम

  • रोजाना एक बड़े, अच्छी तरह बाड़ लगे क्षेत्र में खुला घुमाएं
  • फिटनेस और मांसपेशियां बनाए रखने के लिए हार्नेस या सवारी में नियमित काम कराएं
  • इतने भारी घोड़े के जोड़ों को बचाने के लिए धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं
  • सख्त और सूखी जमीन पर तेज या कठिन काम कराने से बचें, इससे टांगों और खुरों पर दबाव पड़ता है

रहने का माहौल

पर्शरॉन को चौड़े दरवाजों, ऊंची छत और विशाल घोड़े के हिसाब से बने बड़े अस्तबल की जरूरत होती है। बाड़, गेट और साज-सामान इसकी ताकत झेलने लायक मजबूत होने चाहिए। यह नस्ल कई तरह की जलवायु सह लेती है, लेकिन गर्मी और उमस भरे मानसून के मौसम में छाया, आश्रय और सूखी जमीन इसके खुरों और टांगों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

आहार और पोषण

पर्शरॉन का आहार मुख्यतः चारे पर आधारित होता है, इसके बड़े आकार के लिए भरपूर अच्छी घास या चारागाह चाहिए, और अनाज केवल काम के हिसाब से जोड़ा जाता है।

पर्शरॉन, बाकी सभी घोड़ों की तरह, चरने वाला जानवर है जिसके आहार में ज्यादातर चारा होना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता वाली घास या चारागाह इसके भोजन का आधार बनती है, और रोजाना की मात्रा घोड़े के भारी वजन के अनुसार बढ़ती है। भारवाहक घोड़े कम भोजन में भी अच्छे से पलते हैं, इसलिए अतिरिक्त वजन से बचने के लिए दाना उसके असली काम के हिसाब से ही दिया जाना चाहिए। साफ पानी और नमक की लगातार उपलब्धता जरूरी है, और एक बड़े भोजन के बजाय कई छोटे भोजन देना घोड़े के पाचन तंत्र के लिए बेहतर रहता है।

सामान्य आहार गाइड
जीवन चरणरोजाना मात्राभोजन की संख्या
सामान्य वयस्कशरीर के वजन का लगभग 1.5 से 2 प्रतिशत चाराचारा हमेशा उपलब्ध या 2 से 3 बार भोजन
काम करने वाला वयस्कचारे के आधार पर काम के हिसाब से दाना2 से 3 बार भोजन
बढ़ता हुआ बच्चा घोड़ाचारा और संतुलित विकास राशन2 से 3 बार भोजन

ट्रीट और सप्लीमेंट

गाजर या सेब की थोड़ी मात्रा सुरक्षित ट्रीट का काम करती है। जब अकेला चारा जरूरतें पूरी नहीं कर पाता, खासकर कमजोर चारागाह पर, तब संतुलित विटामिन-मिनरल सप्लीमेंट या रेशन बैलेंसर की कमी पूरी की जा सकती है। आहार में कोई भी बदलाव कई दिनों में धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि कोलिक का खतरा कम हो। विकास, काम या किसी खास स्थिति के हिसाब से आहार तय करने के लिए घोड़ों के डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें।

स्वास्थ्य और आम समस्याएं

पर्शरॉन आमतौर पर मजबूत सेहत का होता है और 20 से 25 साल जीता है, लेकिन इसका आकार और भारवाहक बनावट खुर, टांगों और त्वचा से जुड़े कुछ जोखिम लाती है।

अच्छी देखभाल मिलने पर पर्शरॉन आमतौर पर 20 से 25 साल जीने वाली मजबूत नस्ल है। इसका भारी आकार खुर, टांगों और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, इसलिए वजन नियंत्रण, अच्छी फैरियर देखभाल और मजबूत जमीन घोड़े को आराम में रखने के लिए जरूरी हैं। अन्य भारवाहक घोड़ों की तरह इस नस्ल में भी त्वचा और मांसपेशियों से जुड़ी कुछ समस्याएं हो सकती हैं, और नियमित पशु चिकित्सा जांच समस्याओं को शुरुआत में ही पकड़ने में मदद करती है।

ध्यान रखने योग्य समस्याएं
समस्यालक्षणटिप्पणी
लैमिनाइटिसलंगड़ाना, खुरों में गर्माहट, चलने में अनिच्छावजन नियंत्रित रखें और पौष्टिक चारागाह सीमित करें
गठिया और जोड़ों में खिंचावअकड़न, हिलने-डुलने में कमीउम्र और भारी काम के साथ ज्यादा होने की आशंका
पेस्टर्न डर्मेटाइटिस (स्क्रैचेज)निचली टांगों पर पपड़ी और सूजनटांगों को साफ और सूखा रखें
कोलिकबेचैनी, पैर पटकना, लोटना, चारा न खानाघोड़ों में यह आपात स्थिति मानी जाती है

रोकथाम की देखभाल

  • साल में एक बार पशु चिकित्सा जांच कराएं और अपने क्षेत्र के हिसाब से टीके समय पर लगवाएं
  • नियमित कृमिनाशक और दांतों की देखभाल का कार्यक्रम बनाए रखें
  • हर 6 से 8 हफ्ते में खुर कटवाएं या नाल लगवाएं
  • अतिरिक्त वजन से बचने के लिए शरीर की स्थिति पर नजर रखें
  • त्वचा रोग से बचाव के लिए स्टॉल साफ और टांगें सूखी रखें

प्रशिक्षण

पर्शरॉन बुद्धिमान और काम के लिए तैयार रहने वाला घोड़ा है, जिस वजह से हार्नेस और सवारी के लिए इसे प्रशिक्षित करना बड़े घोड़ों में अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।

पर्शरॉन का शांत स्वभाव और तेज समझ इसके आकार के हिसाब से प्रशिक्षण को काफी आसान बना देती है। यह नस्ल लगातार और धैर्यपूर्ण संभाल पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है और एक बार सीखा हुआ सबक याद रखती है। शुरुआती ग्राउंडवर्क खासतौर पर जरूरी है, क्योंकि इतने बड़े घोड़े को लीड करना, बांधना और फैरियर व डॉक्टर के लिए संभालना सुरक्षित होना चाहिए। कई पर्शरॉन आसानी से हार्नेस का काम सीख लेते हैं, और यह नस्ल सवारी, गाड़ी खींचने और अन्य सवारी विधाओं के लिए भी प्रशिक्षित होती है।

बुनियादी बातें

  1. जमीन पर हल्के दबाव से लीड होना, खड़े रहना और झुकना सिखाएं
  2. संवारने, खुर पकड़ने और साज-सामान लगाने को शांति से स्वीकार करना सिखाएं
  3. हार्नेस या सैडल को छोटे, हल्के दबाव वाले सत्रों में शुरू करें
  4. जब तक घोड़ा शांत रहे, कदम-दर-कदम गाड़ी खींचने या सवारी का काम बढ़ाएं
  5. सत्र नियमित रखें और हर बार साफ सफलता पर खत्म करें

प्रजनन

पर्शरॉन का प्रजनन सामान्य घोड़ा प्रजनन प्रक्रिया जैसा ही होता है, लगभग 11 महीने का गर्भकाल और आमतौर पर एक ही बच्चा जो कई महीने मां के साथ पलता है।

पर्शरॉन अन्य बड़ी नस्लों जैसी ही उम्र में प्रजनन के लायक होते हैं, हालांकि भारी नस्लों को काम में लगाने या प्रजनन से पहले पूरी तरह बढ़ने के लिए अक्सर अतिरिक्त समय दिया जाता है। घोड़ियों को आमतौर पर उनके प्राकृतिक वसंत और गर्मी के प्रजनन मौसम में प्रजनन कराया जाता है। गर्भकाल लगभग 11 महीने का होता है और लगभग हमेशा एक ही बच्चा पैदा होता है, घोड़ों में जुड़वां बच्चे दुर्लभ और जोखिम भरे माने जाते हैं।

बच्चे जन्म के समय ही बड़े आकार के होते हैं और कुछ घंटों में ही खड़े होकर दूध पीने लगते हैं। इन्हें आमतौर पर चार से छह महीने की उम्र में दूध छुड़ाया जाता है और ये कई सालों में अपना पूरा आकार व मांसपेशियां हासिल करते हैं। चूंकि भारवाहक बनावट बढ़ते जोड़ों पर दबाव डालती है, इसलिए युवा पर्शरॉन को पालते समय सावधानीपूर्वक पोषण और बिना जल्दबाजी वाला विकास जरूरी है। प्रजनन के फैसलों में बनावट, स्वभाव और सेहत को ध्यान में रखना चाहिए, और कई प्रजनक बच्चों को किसी मान्यता प्राप्त पर्शरॉन स्टडबुक में दर्ज कराते हैं।

प्रजनन से जुड़े तथ्य
मापमान
प्रजनन मौसममुख्यतः वसंत और गर्मी
गर्भकाललगभग 11 महीने
बच्चों की संख्याआमतौर पर एक बच्चा
दूध छुड़ाने की उम्रलगभग 4 से 6 महीने
पूर्ण परिपक्वतापूरे आकार और मांसपेशियों के लिए कई साल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पर्शरॉन के आकार, स्वभाव, देखभाल की जरूरतों, उम्र, उपयुक्तता और उपलब्धता से जुड़े आम सवाल।

पर्शरॉन कितना बड़ा होता है?

पर्शरॉन एक विशालकाय भारवाहक नस्ल है। इसकी ऊंचाई आमतौर पर लगभग 15.2 से 18 हाथ (157 से 183 सेमी) तक होती है, और वंशावली व देश के हिसाब से वयस्क घोड़े का वजन अक्सर करीब 1,800 से 2,600 पाउंड (820 से 1,200 किलो) के बीच रहता है।

पर्शरॉन का स्वभाव कैसा होता है?

यह नस्ल शांत, संतुलित और बुद्धिमान होने के लिए जानी जाती है। यह स्थिरता, काम के लिए तत्परता के साथ मिलकर इसे अपने आकार के घोड़ों में अपेक्षाकृत आसानी से संभालने योग्य बनाती है।

क्या पर्शरॉन की देखभाल मुश्किल है?

देखभाल सामान्य घोड़ा-पालन जैसी ही होती है, बस हर चीज बड़े स्तर पर करनी पड़ती है। इस नस्ल को भरपूर चारा, बड़ा अस्तबल, भारवाहक नाप का साज-सामान, नियमित फैरियर विजिट और रोजाना खुले में घूमने की जरूरत होती है, इसलिए मुश्किल से ज्यादा जगह और खर्च मुख्य चुनौती है।

पर्शरॉन कितने साल जीते हैं?

अच्छे पोषण, नियमित पशु चिकित्सा व फैरियर देखभाल और सही मात्रा में काम मिलने पर पर्शरॉन आमतौर पर लगभग 20 से 25 साल जीता है।

क्या पर्शरॉन शुरुआती सवारों के लिए ठीक है?

इसका शांत स्वभाव इसे संभालने में आसान बनाता है, और इसे अक्सर निगरानी में नए सवारों के साथ भी इस्तेमाल किया जाता है। फिर भी इसके बड़े आकार को देखते हुए शुरुआती सवार को संभालने और ग्राउंडवर्क के लिए किसी अनुभवी मालिक या ट्रेनर के साथ काम करना चाहिए।

पर्शरॉन का इस्तेमाल किसलिए होता है?

पर्शरॉन का इस्तेमाल खेती और वानिकी के काम, गाड़ी व बग्घी खींचने, परेड और शो, सवारी, और खेल व सैर के घोड़ों में आकार व मजबूती जोड़ने के लिए क्रॉस-ब्रीडिंग में होता है।

क्या पर्शरॉन आसानी से मिल जाते हैं?

पर्शरॉन दुनिया की सबसे अधिक संख्या में पाई जाने वाली भारवाहक नस्लों में से एक है और इसे फ्रांस, उत्तरी अमेरिका और कई अन्य देशों में पाला जाता है, इसलिए घोड़े प्रजनकों और भारवाहक घोड़ा रजिस्ट्रियों के जरिए उपलब्ध रहते हैं, हालांकि अच्छी गुणवत्ता वाले घोड़ों की कीमत ज्यादा हो सकती है।

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