United Pet Club
घोड़ा

क्लाइड्सडेल

क्लाइड्सडेल एक स्कॉटिश ड्राफ़्ट नस्ल का कोमल दानव है, जो अपने पंख जैसे रोएँदार पैरों, ऊँचे कदम-ताल और शांत, सुस्वभाव के लिए प्रसिद्ध है।

Size
विशालकाय
Lifespan
20–25 years
Origin
स्कॉटलैंड
Temperament
कोमल
Standard colors
काला, नीला रोन, और भूरा and 4 more
Key Traits
कोमलशांतमेहनतीसुस्वभावीसीधा-सादा

Characteristics

Energy Level2
Trainability2
Good With Kids3
Good With Pets2
Grooming Needs3

क्लाइड्सडेल colors and patterns

What each club's breed standard says about every क्लाइड्सडेल color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.

Breed standards describe the क्लाइड्सडेल in काला, नीला रोन, भूरा, कुम्मैत, कुम्मैत रोन, चेस्टनट, और लाल रोन. Standard patterns: रोन.

फ़र: rulings by club
Color or patternCLYDESDALE HS
कालामानक (“blacks”)
नीला रोनमानक (“roans”)
भूरामानक (“brown”)
कुम्मैतमानक (“bay”)
कुम्मैत रोनमानक (“roans”)
चेस्टनटमानक (“chestnuts”)
लाल रोनमानक (“roans”)
स्लेटीमान्यता प्राप्त नहीं (“Colours out-with those listed here will generally not be recognised for registration purposes.”)
Patterns
रोनमानक (“roans”)
सबीनोNo ruling
क्रमिक सफ़ेदीNo ruling
कालिख-छायाNo ruling

What the rulings mean

मानक
Described by the club's breed standard.
मान्यता प्राप्त नहीं
The club does not accept this color or pattern for the breed.

Color changes

How a क्लाइड्सडेल's colors can change over its life.

  • कालाchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • कुम्मैतchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • भूराchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • चेस्टनटchanges toस्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • चेस्टनटchanges toगुलाबी स्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • कुम्मैतchanges toगुलाबी स्लेटी

    फ़र · क्रमिक

  • कालाchanges toभूरा

    फ़र · धूप में · can change back

Sources

Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.

क्लाइडेस्डेल के बारे में

क्लाइडेस्डेल स्कॉटलैंड की एक विशालकाय भारवाहक घोड़ा नस्ल है, जो पैरों पर लंबे रोओं, ऊंची-गोल चाल और शांत, सौम्य स्वभाव के लिए जानी जाती है।

क्लाइडेस्डेल एक भारी-भरकम ड्राफ्ट घोड़ा है जिसकी उत्पत्ति स्कॉटलैंड की क्लाइड घाटी में हुई। यह उन कोल्ड-ब्लड कामकाजी घोड़ों में गिना जाता है जिन्हें रफ्तार के बजाय भार खींचने के लिए पाला गया। ज्यादातर वयस्क घोड़े 16 से 18 हाथ ऊंचे होते हैं और उनका वजन 1,600 से 2,300 पाउंड के बीच रहता है, जो इस नस्ल को विशालकाय आकार-वर्ग में रखता है।

इस नस्ल को पहचानना आसान है। पिंडलियों से खुरों तक लंबे सफेद बाल, जिन्हें फेदरिंग कहते हैं, टांगों को ढके रहते हैं। चाल ऊंची और गोलाई लिए होती है, हर पैर जमीन से साफ ऊपर उठता है, यही अंदाज इस नस्ल को परेड और हिच टीमों में खास बनाता रहा है। खाल का रंग अक्सर बे यानी भूरा-लाल होता है, चेहरे और टांगों पर सफेद निशान के साथ।

आकार में विशाल होने के बावजूद क्लाइडेस्डेल का स्वभाव स्थिर और मिलनसार माना जाता है। शांत, सीधा और काम के लिए तत्पर यह घोड़ा पहले खेत और भारवहन के काम में और बाद में शो व प्रचार कार्यक्रमों में अपनी जगह बना चुका है।

क्लाइडेस्डेल के मुख्य तथ्य
विशेषताजानकारी
उत्पत्तिस्कॉटलैंड (क्लाइड घाटी)
आकारविशालकाय (16 से 18 हाथ, 1,600 से 2,300 पाउंड)
जीवनकाल20 से 25 वर्ष
समूह/भूमिकाभारी ड्राफ्ट घोड़ा
किसके लिए उपयुक्तअनुभवी मालिक, परिवार, हिच और खेती का काम

किसके लिए उपयुक्त है

क्लाइडेस्डेल उन मालिकों के लिए उपयुक्त है जो एक विशाल घोड़े को जरूरी जगह, चारा और देखभाल दे सकें। शांत स्वभाव के कारण भरोसेमंद संचालक इसे आसानी से संभाल लेते हैं, लेकिन इसका बड़ा आकार इसे शौकिया तौर पर पहला घोड़ा रखने वालों के लिए ठीक नहीं बनाता। चारे और फैरियर (नाल विशेषज्ञ) का रोजाना खर्च हल्की सवारी वाली नस्लों से ज्यादा बैठता है। ड्राइविंग, हिच टीम, खेती के काम या शो में दिलचस्पी रखने वाले लोग ही सबसे ज्यादा इस नस्ल को पालते हैं।

इतिहास और उत्पत्ति

क्लाइडेस्डेल का विकास 18वीं और 19वीं सदी में स्कॉटलैंड के लैनार्कशायर की क्लाइड घाटी में स्थानीय घोड़ियों और आयातित फ्लेमिश तथा अंग्रेजी नर घोड़ों के मेल से हुआ।

इस नस्ल का नाम क्लाइडेस्डेल से पड़ा, जो दक्षिण स्कॉटलैंड के उस इलाके लैनार्कशायर का पुराना नाम है जहां से क्लाइड नदी गुजरती है। 18वीं सदी और 19वीं सदी के शुरुआती वर्षों में स्थानीय खेतिहर घोड़ियों को आयातित भारी नर घोड़ों के साथ मिलाया गया, जिनमें आकार और खींचने की ताकत बढ़ाने के लिए उत्तर लाए गए फ्लेमिश घोड़े भी शामिल थे।

इस इलाके के किसानों और कोयला ढोने वालों को ऐसे घोड़े की जरूरत थी जो भारी चिकनी मिट्टी में काम कर सके और बढ़ती सड़क तथा नहर व्यवस्था पर भार ढो सके। चयन में ताकत, मजबूत खुर और लोगों के करीब तथा शहर के यातायात में काम करने लायक शांत स्वभाव को प्राथमिकता दी गई।

1877 में क्लाइडेस्डेल हॉर्स सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन की स्थापना वंशावली दर्ज करने और नस्ल को बढ़ावा देने के लिए हुई। 19वीं सदी के अंत से क्लाइडेस्डेल घोड़े बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और अमेरिका भेजे गए, जहां उन्होंने वैसी ही खेती और भारवहन की भूमिका निभाई।

20वीं सदी में मशीनीकरण बढ़ने से भारवाहक कामकाजी घोड़ों की जरूरत घटी और इनकी संख्या तेजी से गिरी। शो, ड्राइविंग और प्रचार हिच टीमों के सहारे यह नस्ल बची रही और आज भी सबसे पहचानी जाने वाली ड्राफ्ट नस्लों में गिनी जाती है, हालांकि कुल संख्या अब भी सीमित है।

रूप-रंग और नस्ल मानक

क्लाइडेस्डेल एक लंबा, ताकतवर ड्राफ्ट घोड़ा है जिसकी टांगों पर रोएं, चेहरे और टांगों पर चौड़े सफेद निशान और ऊंची, गोल चाल होती है।

क्लाइडेस्डेल एक बड़ा, गहरे शरीर वाला घोड़ा है जिसकी छाती चौड़ी, कंधे मजबूत और ढलवां तथा पिछला हिस्सा सुगठित मांसपेशियों वाला होता है। सिर खुला और समझदार दिखता है, अक्सर सपाट या हल्का उभरा प्रोफाइल और चौड़ा थूथन इसकी पहचान है। टांगें लंबी और साफ जोड़ों वाली होती हैं, जिन पर घनी सफेद फेदरिंग होती है, यह इस नस्ल की सबसे खास पहचानों में से एक है। खुर बड़े और अच्छी बनावट वाले होते हैं, जिसके लिए इस नस्ल का खास तौर पर चयन किया जाता है।

नस्ल मानक संदर्भ
गुणमानक
ऊंचाई16 से 18 हाथ (64 से 72 इंच)
वजन1,600 से 2,300 पाउंड (725 से 1,040 किलोग्राम)
खाल/बालशरीर पर छोटे बाल, निचली टांगों पर लंबी फेदरिंग
रंगबे (भूरा-लाल) सबसे आम; भूरा, काला, चेस्टनट, रोआन भी, साथ में सफेद निशान
आंखेंगहरे रंग की; कभी-कभी नीली या वॉल आंख, साथ में सफेद चेहरे के निशान

खाल और रंग

बे यानी भूरा-लाल रंग सबसे आम है, पर भूरा, काला, चेस्टनट और रोआन रंग भी मिलते हैं। ज्यादातर क्लाइडेस्डेल घोड़ों पर गहरे सफेद निशान होते हैं: चौड़ी ब्लेज़ या सफेद चेहरा, और टांगों पर काफी ऊपर तक, अक्सर घुटनों और हॉक से ऊपर तक फैले सफेद निशान। पेट और बगल पर सफेद धब्बे भी स्वीकार्य माने जाते हैं। गहरे शरीर, सफेद टांगों और सफेद चेहरे का यह मेल शो हिच टीमों में इस नस्ल की सबसे जानी-पहचानी छवि है।

स्वभाव और व्यवहार

क्लाइडेस्डेल शांत, मिलनसार और काम के लिए तत्पर घोड़ा है, जो भीड़, यातायात और टीम वर्क को स्थिर स्वभाव से संभाल लेता है।

क्लाइडेस्डेल अपने संतुलित और सौम्य स्वभाव के लिए जाना जाता है। इस नस्ल को लोगों के करीब और व्यस्त कस्बों में काम करने के लिए विकसित किया गया, इसलिए ताकत के साथ-साथ शांत और सधे हुए स्वभाव को भी चुना गया। ज्यादातर घोड़े धैर्यवान, सहयोगी और मुश्किल से चौंकने वाले होते हैं, यही वजह है कि क्लाइडेस्डेल की हिच टीमें शोरगुल भरे परेड और भीड़ भरे माहौल में भी शांति से काम कर पाती हैं।

परिवार और संचालकों के साथ यह नस्ल स्नेही और सहनशील रहती है और आमतौर पर रोजमर्रा की देखभाल आसानी से स्वीकार करती है। अजनबियों के आसपास आम क्लाइडेस्डेल घबराने के बजाय जिज्ञासु रहता है। दूसरे घोड़ों के साथ यह बिना किसी परेशानी के झुंड या टीम में घुल-मिल जाता है, यही गुण इसे कई घोड़ों वाली हिच टीमों में उपयोगी बनाता है।

शांत स्वभाव का मतलब यह नहीं कि सावधानी की जरूरत नहीं। इतने बड़े आकार का घोड़ा गलती से भी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए छोटी नस्लों के मुकाबले यहां लगातार अनुशासित व्यवहार और सावधान संचालन ज्यादा मायने रखता है। यह नस्ल तत्पर है और खाने के इनाम से प्रेरित होती है, जिससे सकारात्मक तरीके से संभालना आसान रहता है, लेकिन लंबे समय तक बेकार खड़ा रखने पर यह घोड़ा ठीक से नहीं रहता।

गुण रेटिंग (1 = कम, 5 = अधिक)
गुणरेटिंग
स्नेह4
ऊर्जा2
प्रशिक्षण क्षमता4
आवाज करना2
बाल झड़ना3

देखभाल और सौंदर्य-संवारना

क्लाइडेस्डेल की देखभाल में फेदरिंग वाली टांगों, बड़े खुरों और एक विशालकाय ड्राफ्ट घोड़े को जरूरी जगह व रोजाना संभाल पर ध्यान देना पड़ता है।

क्लाइडेस्डेल की देखभाल में हल्की सवारी वाले घोड़े से कहीं ज्यादा संवारना और जगह चाहिए होती है। निचली टांगों पर मौजूद फेदरिंग को साफ और सूखा रखने पर खास ध्यान देना जरूरी है।

सौंदर्य-संवारना

  • शरीर के बालों को नियमित रूप से ब्रश करें ताकि मिट्टी, झड़े बाल और पसीना निकल जाए
  • टांगों की फेदरिंग को धोकर सुखाएं ताकि मड फीवर जैसी त्वचा समस्याएं न हों
  • बड़े खुरों को रोज साफ करें और जांचें कि कहीं मिट्टी जमी या संक्रमण के लक्षण तो नहीं
  • हर 6 से 8 हफ्ते में फैरियर से मुलाकात तय करें
  • वसंत और शरद ऋतु में जब मौसमी बाल बदलते हैं, तब ब्रशिंग बढ़ा दें

व्यायाम

  • हर दिन एक बड़े, सुरक्षित बाड़े में खुला घुमाएं
  • घोड़े को फिट रखने के लिए नियमित ड्राइविंग, ग्राउंड वर्क या हल्की सवारी का अभ्यास कराएं
  • काम का बोझ धीरे-धीरे बढ़ाएं; भारी घोड़े अचानक तेज मेहनत से ज्यादा गर्म हो सकते हैं
  • घोड़े को लंबे समय तक अस्तबल में बंद रखने के बजाय खुलकर घूमने दें

वातावरण

क्लाइडेस्डेल को लंबे कद के हिसाब से बड़ी, हवादार अस्तबल चाहिए, साथ ही मजबूत ऊंची बाड़ और पर्याप्त चरागाह। अस्तबल के दरवाजे, छत और स्टॉल इस नस्ल की ऊंचाई के अनुसार बने होने चाहिए। साफ, सूखी जमीन फेदरिंग वाली टांगों को नमी से जुड़ी त्वचा समस्याओं से बचाने में मदद करती है, खासकर गर्म, उमस भरे मानसून के मौसम में जब जमीन जल्दी गीली और कीचड़युक्त हो जाती है।

पोषण और आहार

क्लाइडेस्डेल बड़ी मात्रा में चारा खाता है, जिसे शरीर के आकार और काम के हिसाब से समायोजित किया जाता है, साथ ही अचानक आहार बदलाव और जहरीले पौधों से बचना जरूरी है।

क्लाइडेस्डेल का आहार मुख्य रूप से चारे पर आधारित है। अच्छी गुणवत्ता की घास या चरागाह रोजाना के आहार का बड़ा हिस्सा होना चाहिए, और सांद्र आहार सिर्फ काम के बोझ और सेहत के हिसाब से जोड़ा जाना चाहिए। नस्ल के आकार के कारण रोजाना चारे की मात्रा बड़ी होती है, फिर भी आहार को शरीर के वजन और गतिविधि के अनुसार तौलना जरूरी है ताकि वजन ज्यादा न बढ़े। साफ, ताजे पानी की लगातार उपलब्धता जरूरी है, और इतने बड़े घोड़े को रोज काफी पानी चाहिए होता है।

सामान्य आहार गाइड
जीवन-चरणप्रतिदिन मात्राभोजन की संख्या
बछेड़ा/युवा घोड़ापहले घोड़ी का दूध, फिर चारा और संतुलित वृद्धि आहारबार-बार, थोड़ी मात्रा में
वयस्क (हल्का काम)शरीर के वजन का करीब 1.5 से 2 प्रतिशत चारा2 से 3
वयस्क (भारी काम)चारे के साथ ऊर्जा के लिए अतिरिक्त सांद्र आहार3 या अधिक
वृद्ध घोड़ानरम, आसानी से चबाने लायक चारा; दांत और सेहत के अनुसार समायोजित आहार3 या अधिक

ट्रीट और सप्लीमेंट

सेब और गाजर जैसे फल-सब्जी वाले ट्रीट थोड़ी मात्रा में दिए जा सकते हैं। नमक या मिनरल ब्लॉक संतुलित पोषण में मदद करता है। सप्लीमेंट किसी खास जरूरत, जैसे जोड़ों या खुरों की सेहत, के लिए दिया जाना चाहिए, और इन्हें बिना सोचे-समझे शामिल करने के बजाय पशु चिकित्सक की सलाह से चुनना बेहतर है।

सेहत और आम समस्याएं

क्लाइडेस्डेल आमतौर पर 20 से 25 साल जीते हैं और मजबूत माने जाते हैं, पर इनका आकार और फेदरिंग टांगों की त्वचा समस्याओं और कुछ वंशानुगत विकारों का खतरा बढ़ाते हैं।

अच्छी देखभाल के साथ क्लाइडेस्डेल आमतौर पर मजबूत रहते हैं और 20 से 25 साल जीते हैं। फेदरिंग वाली टांगों के साथ भारी नस्ल होने के कारण इन्हें कुछ खास समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो ज्यादातर निचली टांगों और शरीर के भारी ढांचे से जुड़ी होती हैं।

ध्यान देने लायक स्थितियां
स्थितिलक्षणटिप्पणी
मड फीवर (पेस्टर्न डर्मेटाइटिस)निचली टांगों पर पपड़ी, सूजनगीली, गंदी फेदरिंग से जुड़ा
क्रॉनिक प्रोग्रेसिव लिम्फेडेमानिचली टांगों में लगातार बढ़ती सूजन और मोटापनफेदरिंग वाली ड्राफ्ट नस्लों में देखा जाता है
लैमिनाइटिसलंगड़ापन, खुरों में गर्माहट, चलने से कतरानावजन और आहार का सावधानी से प्रबंधन करें
जोड़ों और गठिया की समस्याएंउम्र के साथ अकड़न, कम हलचलशरीर के भारी वजन से जुड़ा

बचाव संबंधी देखभाल

  • टीकाकरण और परजीवी नियंत्रण समय पर कराते रहें
  • दांतों की नियमित जांच करवाएं
  • फैरियर के लिए 6 से 8 हफ्ते का चक्र बनाए रखें
  • त्वचा रोग से बचाव के लिए टांगों की फेदरिंग साफ और सूखी रखें
  • लैमिनाइटिस और जोड़ों पर दबाव घटाने के लिए वजन और आहार प्रबंधित करें
  • सालाना पशु चिकित्सा जांच जरूर कराएं

प्रशिक्षण

क्लाइडेस्डेल तत्पर और प्रशिक्षण योग्य है, और इसका शांत स्वभाव ड्राइविंग व ग्राउंड वर्क के लिए उपयुक्त है, हालांकि आकार के कारण शुरू से ही दृढ़ और लगातार संभाल जरूरी है।

क्लाइडेस्डेल समझदार और सहयोगी होता है, जिससे अनुभवी संचालक के लिए इसका प्रशिक्षण अपेक्षाकृत आसान रहता है। इसका स्थिर स्वभाव नए काम और व्यस्त माहौल स्वीकार करने में मदद करता है, यही गुण ड्राइविंग और हिच वर्क में इसके लंबे इस्तेमाल का आधार रहा है। घोड़ा इतना विशाल होता है कि शुरुआती ग्राउंड मैनर्स सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी हैं: जो युवा क्लाइडेस्डेल लीड होना, खड़े रहना और विनम्रता से झुकना सीख लेता है, वह बड़ा होकर संभालने लायक बनता है, जबकि जिसने नहीं सीखा उसे पूरे आकार में आने पर सुधारना मुश्किल हो जाता है।

बुनियादी बातें

  1. हाथ में शांति से लीड होना, खड़े रहना और बंधना सिखाएं
  2. फैरियर के लिए हर पैर उठाना और थामे रहना सिखाएं
  3. हार्नेस और ड्राइविंग सहायक साधन धीरे-धीरे शुरू करें
  4. टीम वर्क के लिए शोर, भीड़ और दूसरे घोड़ों के प्रति सहनशीलता बनाएं
  5. ग्राउंड मैनर्स भरोसेमंद होने के बाद ही ड्राइविंग या सवारी वाले काम की ओर बढ़ें

प्रजनन

क्लाइडेस्डेल घोड़ी करीब 11 महीने तक एक बछेड़े को गर्भ में रखती है, और युवा घोड़े कई सालों में धीरे-धीरे नस्ल के विशाल वयस्क आकार तक पहुंचते हैं।

क्लाइडेस्डेल कुछ साल की उम्र में प्रजनन के लायक हो जाते हैं, हालांकि भारी घोड़ों को आमतौर पर काम में लगाने या प्रजनन कराने से पहले और बढ़ने दिया जाता है। घोड़ियां आमतौर पर मौसम के अनुसार गर्भधारण करती हैं और एक ही बछेड़ा जन्म देती हैं, जुड़वां बछेड़े दुर्लभ और अवांछित माने जाते हैं। गर्भावस्था करीब 11 महीने चलती है। बछेड़े जन्म के समय ही बड़े होते हैं और लगातार बढ़ते रहते हैं, पूरी वयस्क ताकत और आकार तक पहुंचने में कई साल लग जाते हैं।

घोड़ियां चौकस मां साबित होती हैं, और नस्ल का शांत स्वभाव आमतौर पर बच्चा जनने और पालने तक बना रहता है। युवा घोड़ों को शुरुआत में ही हल्के हाथों से संभाला जाए तो फायदा होता है, ताकि वे छोटे रहते हुए ही ग्राउंड मैनर्स सीख लें जब उन्हें संभालना आसान होता है। बढ़ते समय सावधानी से दिया गया पोषण हड्डियों और जोड़ों के सही विकास में मदद करता है, जिन्हें आगे चलकर नस्ल के भारी ढांचे का बोझ उठाना होता है।

प्रजनन से जुड़े तथ्य
मापमान
प्रजनन योग्य उम्रकई साल (अक्सर और बढ़ने के बाद प्रजनन कराया जाता है)
गर्भावस्था अवधिकरीब 11 महीने
प्रति गर्भ बछेड़ों की संख्या1 (जुड़वां दुर्लभ)
बछेड़े की स्वतंत्रताकरीब 6 महीने में दूध छुड़ाना
पूर्ण वयस्क आकारकई सालों में हासिल होता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्लाइडेस्डेल से जुड़े आम सवालों में इसका आकार, स्वभाव, देखभाल की जरूरतें, उम्र, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।

क्लाइडेस्डेल कितना बड़ा होता है?

ज्यादातर क्लाइडेस्डेल 16 से 18 हाथ ऊंचे होते हैं और उनका वजन करीब 1,600 से 2,300 पाउंड तक होता है, जो इस नस्ल को घोड़ों में विशालकाय आकार-वर्ग में रखता है।

क्या क्लाइडेस्डेल स्वभाव से अच्छे होते हैं?

हां। इस नस्ल का स्वभाव शांत, सीधा और अच्छा माना जाता है और यह काम के लिए हमेशा तैयार रहता है, यही वजह है कि क्लाइडेस्डेल भीड़ और टीम वर्क को अच्छे से संभाल लेते हैं।

क्या क्लाइडेस्डेल की देखभाल करना मुश्किल है?

इन्हें हल्के घोड़ों के मुकाबले ज्यादा जगह, चारा और संवारने की जरूरत होती है। फेदरिंग वाली टांगों और बड़े खुरों पर नियमित ध्यान चाहिए, लेकिन इस नस्ल का स्थिर स्वभाव अनुभवी मालिकों के लिए रोजाना की देखभाल को संभालने लायक बना देता है।

क्लाइडेस्डेल कितने साल जीते हैं?

अच्छी देखभाल के साथ क्लाइडेस्डेल आमतौर पर 20 से 25 साल तक जीते हैं।

क्या क्लाइडेस्डेल पहला घोड़ा रखने के लिए अच्छा है?

इसका शांत स्वभाव इसके पक्ष में जाता है, लेकिन इतना बड़ा आकार होने के कारण क्लाइडेस्डेल पूरी तरह नए लोगों के बजाय भरोसेमंद या अनुभवी संचालकों के लिए ज्यादा उपयुक्त है।

आज के समय में क्लाइडेस्डेल का इस्तेमाल किसलिए होता है?

इनका इस्तेमाल ड्राइविंग, हिच और परेड टीमों, शो, हल्के खेती के काम और कुछ हद तक सवारी के लिए होता है, क्योंकि मशीनों के आने से भारी भारवहन का काम काफी हद तक कम हो गया है।

क्या क्लाइडेस्डेल आसानी से मिल जाते हैं?

यह नस्ल खूब जानी-पहचानी है, पर इनकी संख्या सीमित है, इसलिए उपलब्धता इलाके के हिसाब से बदलती है और खरीदारों को खास ड्राफ्ट हॉर्स ब्रीडर ढूंढने पड़ सकते हैं।

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