रेड एंगस
रेड एंगस एक सुदृढ़ लाल-कोट वाली गोमांस नस्ल है, जिसे उसके विनम्र स्वभाव, उत्कृष्ट मार्बलिंग और आसान-देखभाल मातृत्व गुणों के लिए सराहा जाता है।
- Size
- बड़ा
- Lifespan
- 15–20 years
- Origin
- स्कॉटलैंड
- Temperament
- सीधा-सादा
- Standard colors
- लाल
Characteristics
रेड एंगस colors and patterns
What each club's breed standard says about every रेड एंगस color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the रेड एंगस in लाल.
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
- वैकल्पिक
- Registrable with the club but not described by its breed standard, such as an AKC alternate color.
Color changes
How a रेड एंगस's colors can change over its life.
कालाchanges toस्लेटी
फ़र · शारीरिक दशा के साथ · can change back
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
रेड एंगस के बारे में
रेड एंगस स्कॉटलैंड मूल की एक बड़ी, गहरे लाल रंग की मांस नस्ल है, जो अपने शांत स्वभाव, अच्छी मार्बलिंग और आसान पालन-पोषण के गुणों के लिए जानी जाती है।
रेड एंगस एक मांस नस्ल का पशु है, जिसकी पहचान गहरे लाल रंग की खाल और स्वाभाविक रूप से बिना सींग वाले सिर से होती है। यह नस्ल आनुवंशिक रूप से ब्लैक एंगस जैसी ही है, दोनों एक ही मूल गोवंश से निकले हैं और केवल खाल के रंग में भिन्न हैं। लाल रंग एक अप्रभावी (रिसेसिव) जीन के कारण आता है, जो उत्तर-पूर्वी स्कॉटलैंड के एबरडीन एंगस गोवंश में लंबे समय से मौजूद रहा है।
एक बड़ी नस्ल होने के नाते वयस्क पशु भारी और सुगठित मांसपेशियों वाले होते हैं, फिर भी रेड एंगस को उसके आकार जितना ही स्वभाव के लिए भी सराहा जाता है। पशुपालक इसे शांत व्यवहार, अच्छी प्रजनन क्षमता और बिना ज्यादा मदद के बछड़े पालने की क्षमता के लिए रखते हैं। गर्म और तेज धूप वाले इलाकों में लाल खाल एक व्यावहारिक फायदा भी देती है, क्योंकि यह गहरे रंग के पशुओं की तुलना में कम गर्मी सोखती है। भारत जैसे गर्म, उमस भरे और मानसूनी मौसम वाले इलाकों में यह गुण खास मायने रखता है।
रेड एंगस डेयरी या भार ढोने वाला पशु नहीं, बल्कि मांस उत्पादन के काम आने वाला पशु है। गायों को बछड़े के लिए पर्याप्त दूध, मजबूत मातृ प्रवृत्ति और लंबे उत्पादक जीवन के लिए महत्व दिया जाता है, जो अच्छी देखभाल में एक दशक से अधिक समय तक चल सकता है।
| गुण | विवरण |
|---|---|
| मूल स्थान | स्कॉटलैंड |
| आकार | बड़ा |
| आयु | 15 से 20 वर्ष |
| समूह/भूमिका | मांस के लिए पाला जाने वाला गोवंश, मातृ और अंतिम उपयोग दोनों के लिए उपयुक्त |
| किनके लिए उपयुक्त | मिश्रित झुंड, चरागाह आधारित पालन, पहली बार पशुपालन करने वाले लोग |
किसके लिए उपयुक्त है
रेड एंगस व्यावसायिक गाय-बछड़ा पालन प्रणाली, प्रजनन पशु तैयार करने वाले फार्मों और छोटे चरागाह आधारित खेतों के लिए उपयुक्त है, जिन्हें संभालने में आसान और उपजाऊ पशु चाहिए। शांत स्वभाव इसे सीमित बाड़ों और उपकरणों वाले पशुपालकों के लिए भी एक व्यावहारिक विकल्प बनाता है, और लाल खाल तेज धूप तथा अधिक गर्मी वाले इलाकों के लिए उपयुक्त है।
इतिहास और उद्गम
रेड एंगस की उत्पत्ति उत्तर-पूर्वी स्कॉटलैंड के बिना सींग वाले एबरडीन एंगस गोवंश से हुई, जहां काले रंग के साथ-साथ लाल रंग भी हमेशा मौजूद रहा, जिसे प्रजनकों ने बाद में अलग से चुना।
रेड एंगस का संबंध एबरडीन एंगस से है, जो 1800 के दशक की शुरुआत में उत्तर-पूर्वी स्कॉटलैंड के एबरडीनशायर और एंगस काउंटी में विकसित की गई एक बिना सींग वाली मांस नस्ल है। उस दौर के पशुपालकों ने स्वाभाविक रूप से बिना सींग वाले गोवंश के साथ काम करते हुए इस गुण को और नस्ल की मांस संबंधी विशेषताओं को स्थिर किया।
नस्ल की शुरुआत से ही काले बछड़ों के साथ-साथ लाल बछड़े भी पैदा होते रहे। एंगस गोवंश में खाल का रंग एक ही जीन से तय होता है, जिसमें काला रंग प्रभावी और लाल रंग अप्रभावी होता है। जब स्कॉटलैंड में हर्ड बुक (नस्ल पंजी) तैयार की गई, तो प्रजनकों ने केवल काले पशुओं को दर्ज करने का फैसला किया, और लाल रंग को अलग रखा गया, भले ही आनुवंशिक रूप से ये पशु एक जैसे ही थे।
उत्तरी अमेरिका में 1800 के दशक के अंत तक एंगस गोवंश का आयात होता रहा, और अप्रभावी जीन ले जाने वाले काले माता-पिता से लगातार लाल बछड़े जन्म लेते रहे। कई वर्षों तक इन लाल पशुओं को स्थापित एंगस रजिस्ट्री में दर्ज होने की अनुमति नहीं थी। इसके जवाब में, अमेरिका के कुछ पशुपालकों के एक समूह ने 1900 के दशक के मध्य में लाल रंग के एंगस गोवंश को एक अलग समूह के रूप में दर्ज करने और सुधारने के लिए एक विशेष रजिस्ट्री बनाई।
तब से रेड एंगस को एक स्वतंत्र नस्ल के रूप में पाला जा रहा है, जिसमें मातृ गुण, प्रजनन क्षमता, मांस की गुणवत्ता और गर्मी सहने की क्षमता पर खास ध्यान दिया गया है। आज यह नस्ल समशीतोष्ण और गर्म, दोनों तरह के मांस उत्पादक क्षेत्रों में स्थापित हो चुकी है।
रूप-रंग और नस्ल मानक
रेड एंगस एक बड़ा, एकसमान लाल रंग का, स्वाभाविक रूप से बिना सींग वाला मांस पशु है, जिसका शरीर गठीला और मांसल होता है और खाल हल्के चेरी से गहरे लाल रंग तक होती है।
रेड एंगस का शरीर सामान्य मांस नस्लों की तरह गठीला और गहरा होता है, जिसमें पीठ, कमर और पिछले हिस्से पर भारी मांसपेशियां होती हैं। सिर साफ-सुथरा और स्वाभाविक रूप से बिना सींग वाला होता है, इसलिए इस नस्ल के किसी भी पशु के सींग नहीं होते। पूरी बनावट सम और संतुलित होती है, पैर मजबूत होते हैं और खुर ऐसे होते हैं जो ऊबड़-खाबड़ जमीन पर चरने के लिए उपयुक्त हैं।
पूरे शरीर पर खाल का रंग एकसमान लाल होता है, और नाभि के पीछे पेट की निचली रेखा पर सीमित सफेद निशान को छोड़कर कोई और सफेद चिह्न स्वीकार नहीं किया जाता। रंग की गहराई हल्के चेरी लाल से लेकर गहरे लाल तक बदलती रहती है, और गर्म मौसम में खाल छोटी व चिकनी होती है।
| गुण | मानक |
|---|---|
| ऊंचाई | गायें कंधे तक लगभग 1.3 मीटर; सांड अधिक ऊंचे और भारी बनावट वाले |
| वजन | गायें 540 से 700 किलोग्राम; सांड 850 से 1,000 किलोग्राम या अधिक |
| खाल | छोटे, चिकने बाल; सर्दी में घने हो जाते हैं |
| रंग | एकसमान लाल, हल्के चेरी से गहरे लाल तक |
| आंखें | गहरे रंग की, आंखों के आस-पास लाल रंगद्रव्य जो धूप से बचाव में मदद करता है |
खाल और रंग
लाल रंग स्थायी होता है क्योंकि इस नस्ल में अप्रभावी लाल जीन दोनों माता-पिता से समान रूप से मिलता है, इसलिए लाल माता-पिता से हमेशा लाल बछड़े ही पैदा होते हैं। आंखों और त्वचा के आस-पास का रंगद्रव्य तेज धूप में जलन और आंखों की समस्याओं से कुछ हद तक बचाव करता है। ठंड के महीनों में खाल लंबी और घनी हो जाती है, फिर गर्मियों के लिए चिकनी खाल में बदल जाती है।
स्वभाव और व्यवहार
रेड एंगस शांत, संतुलित और सरल स्वभाव का पशु है, जिसे झुंड में संभालना आसान होता है और जो अपने बछड़ों की एक भरोसेमंद मां साबित होती है।
रेड एंगस अपने शांत और संतुलित स्वभाव के लिए जाना जाता है। यह नस्ल बाड़ों और चौपाल में आसानी से संभल जाती है, हलचल के बाद जल्दी शांत हो जाती है, और वजन करने, टीका लगाने या छांटने जैसे नियमित कामों के दौरान कम परेशानी देती है। यही शांत स्वभाव एक बड़ा कारण है कि यह नस्ल उन पशुपालकों को सुझाई जाती है जिनके पास भारी-भरकम संभालने के उपकरण नहीं हैं।
अच्छी देखभाल में रखे गए रेड एंगस पशु लोगों के साथ मिलनसार और सहज होते हैं, फिर भी ये बड़े पशु होते हैं और सम्मानपूर्वक व्यवहार की मांग करते हैं, खासकर सांड और छोटे बछड़ों वाली गायें। अनजान लोगों के सामने झुंड शुरू में सतर्क रह सकता है, लेकिन बिना किसी कारण के आक्रामक होना दुर्लभ है।
गायों में मातृ प्रवृत्ति बहुत मजबूत होती है। वे बिना ज्यादा मदद के ब्याती हैं, अपने बछड़ों से जल्दी जुड़ जाती हैं और खतरा महसूस होने पर उनकी रक्षा करती हैं। यह नस्ल अन्य गोवंश के साथ भी अच्छी तरह घुल-मिल जाती है और मिश्रित झुंड में बिना ज्यादा लड़ाई-झगड़े या तनाव के रह लेती है। ब्याने के समय सुरक्षात्मक गाय ही मुख्य स्थिति है जिसमें सावधानी जरूरी होती है।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह | 3 |
| ऊर्जा | 2 |
| प्रशिक्षण क्षमता | 4 |
| आवाज करने की प्रवृत्ति | 2 |
| बाल झड़ना | 3 |
देखभाल और प्रबंधन
रेड एंगस एक आसानी से पलने वाली नस्ल है, जो चरागाह पर बुनियादी सफाई-संभाल, साल भर चारे-पानी और तेज मौसम से बचाव के सहारे अच्छी तरह पनपती है।
रेड एंगस को एक कम रखरखाव वाली नस्ल माना जाता है जो घास आधारित पालन प्रणाली में अच्छी तरह पनपती है। रोजमर्रा की देखभाल में गहन संभाल के बजाय अच्छे चरागाह, साफ पानी और नियमित झुंड स्वास्थ्य जांच पर ध्यान दिया जाता है।
सफाई और साज-संभाल
- खाल पर जूं और मक्खी जैसे बाहरी परजीवियों की जांच करें और जरूरत पड़ने पर उपचार करें
- खुरों की जांच करें और यदि वे बढ़ जाएं या पशु लंगड़ाने लगे तो उन्हें काटें
- सर्दी से गर्मी की खाल में बदलाव के मौसमी दौर पर नजर रखें और बालों के असमान झड़ने पर ध्यान दें
- आंखों और थन के आस-पास की त्वचा को साफ और जलन-मुक्त रखें
व्यायाम
- पशुओं को रोज चरने और चलने के लिए पर्याप्त चरागाह या खुला क्षेत्र दें
- पशुओं को अलग-अलग चरागाहों के बीच घुमाने के लिए बाड़ों को बदलते रहें
- लंबे समय तक छोटे बाड़ों में भीड़ जमा करने से बचें
- बछड़ों को दौड़ने और विकसित होने के लिए जगह दें
वातावरण
रेड एंगस गोवंश कई तरह की जलवायु सहन कर लेता है। गर्म और तेज धूप वाले क्षेत्रों में लाल खाल गर्मी सोखने को कम करती है, जबकि सर्दियों में घनी खाल ठंड से बचाती है। तेज मौसम में हवा रोकने वाली आड़ या साधारण आश्रय, गर्मियों में छांव, और खुरों तथा थन को स्वस्थ रखने के लिए सूखी जमीन या बिछावन उपलब्ध कराएं।
आहार और पोषण
रेड एंगस चारे आधारित आहार पर अच्छी तरह पनपता है, जिसकी मात्रा शरीर के वजन और जीवन चरण के अनुसार तय होती है और वृद्धि, गाभिन अवस्था के अंतिम दौर तथा दूध देने के समय बढ़ाई जाती है।
रेड एंगस चरागाह और संचित चारे को मांस और दूध में बदलने के लिए बना पशु है। आहार का आधार घास, सूखी घास (हे) या साइलेज होता है, जिसमें ऊर्जा की जरूरत बढ़ने पर अनाज या सांद्र आहार जोड़ा जाता है। दैनिक शुष्क पदार्थ की खपत आम तौर पर शरीर के वजन का लगभग 2 से 2.5 प्रतिशत होती है, यानी 600 किलोग्राम की गाय रोजाना करीब 12 से 15 किलोग्राम शुष्क पदार्थ खाती है। पशुओं को साफ पानी और मुफ्त उपलब्ध खनिज भी लगातार चाहिए।
| जीवन चरण | प्रतिदिन मात्रा | भोजन की संख्या |
|---|---|---|
| बढ़ता बछड़ा/जवान पशु | 5 से 9 किलोग्राम, साथ में दूध पीते समय अतिरिक्त दूध | लगातार चराई या 1 से 2 बार भोजन |
| वयस्क गाय (रखरखाव) | 10 से 13 किलोग्राम | लगातार चराई |
| गाभिन गाय (अंतिम चरण) | 12 से 15 किलोग्राम | लगातार चराई के साथ पूरक आहार |
| दूध देने वाली गाय | 13 से 16 किलोग्राम, अधिक ऊर्जा युक्त | लगातार चराई के साथ पूरक आहार |
| मोटा किया जा रहा पशु | भूख के अनुसार उच्च ऊर्जा वाला राशन | 1 से 2 बार भोजन के साथ चारा |
अतिरिक्त आहार और पूरक
मुफ्त उपलब्ध नमक और खनिज ब्लॉक ट्रेस तत्वों की जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं, जिसमें सेलेनियम, तांबा और मैग्नीशियम की मात्रा स्थानीय मिट्टी की स्थिति के अनुसार तय की जाती है। पशुओं को सहज बनाने और उन्हें ले जाने के लिए थोड़ी मात्रा में अनाज या गुड़-आधारित आहार का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन पाचन संबंधी गड़बड़ी और अधिक वजन से बचने के लिए यह आहार का एक छोटा हिस्सा ही रहना चाहिए।
स्वास्थ्य और आयु
रेड एंगस एक मजबूत और लंबी उम्र वाली नस्ल है जो 15 से 20 साल तक जी सकती है, और इसका स्वास्थ्य नस्ल-विशेष दोषों के बजाय झुंड की नियमित रोकथाम पर निर्भर करता है।
रेड एंगस एक मजबूत नस्ल है जिसका सामान्य स्वास्थ्य अच्छा रहता है और कई अन्य गोवंशों की तुलना में इसमें वंशानुगत समस्याएं कम पाई जाती हैं। उत्पादक गायें अक्सर एक दशक या उससे अधिक समय तक झुंड में रहती हैं, और अच्छी देखभाल में पशु 15 से 20 साल तक जी सकते हैं, हालांकि व्यावसायिक पशुओं को आमतौर पर छोटे उत्पादन चक्र में रखा जाता है। ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याएं नस्ल के बजाय वातावरण, पोषण और परजीवियों से जुड़ी होती हैं।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| पेट फूलना | बाईं ओर की कोख में सूजन, बेचैनी, लार टपकना | हरी-भरी दलहनी चरागाह या अनाज में तेज बदलाव से जुड़ा |
| पिंकआई (आंख का संक्रमण) | आंख से पानी आना, आंखें सिकोड़ना, धुंधलापन | मक्खियों से फैलता है; लाल आंख रंगद्रव्य कुछ बचाव देता है |
| फुट रॉट/लंगड़ापन | लंगड़ाना, खुरों के बीच सूजन | गीली, कीचड़ भरी जमीन पर स्थिति और बिगड़ती है |
| आंतरिक/बाहरी परजीवी | कमजोर हालत, खुरदरी खाल, खुजलाना | कृमिनाशक दवा और मक्खी नियंत्रण से काबू में आते हैं |
| ब्याने में कठिनाई | लंबा प्रसव, कोई प्रगति नहीं | दुर्लभ; नस्ल को आसान ब्याने के लिए चुना गया है |
रोकथाम की देखभाल
- स्थानीय रोग जोखिम के अनुसार टीकाकरण कार्यक्रम अपनाएं
- कृमिनाशक और बाहरी परजीवी नियंत्रण का नियोजित कार्यक्रम चलाएं
- कमी संबंधी विकारों से बचाव के लिए संतुलित खनिज उपलब्ध कराएं
- खुरों की कटाई और जांच करें, और आराम करने की जगह सूखी रखें
- क्षेत्रीय प्रजनन और श्वसन रोगों के लिए झुंड की जांच और निगरानी करें
प्रजनन और बछड़ों का पालन
रेड एंगस लगभग 13 से 15 महीने में प्रजनन योग्य हो जाती है, करीब नौ महीने की गर्भावधि के बाद आसानी से ब्याती है, और अच्छी प्रजनन क्षमता तथा एक बछड़े की मजबूत मातृ देखभाल के लिए जानी जाती है।
रेड एंगस को उसकी उच्च प्रजनन क्षमता और आसान ब्याने की क्षमता के लिए एक मातृ नस्ल के रूप में महत्व दिया जाता है। बछिया आमतौर पर 13 से 15 महीने की उम्र में प्रजनन योग्य वजन और यौवन तक पहुंच जाती हैं, और उन्हें आमतौर पर लगभग दो साल की उम्र में पहली बार ब्याने के लिए तैयार किया जाता है। गायें गर्भधारण होने तक हर लगभग तीन सप्ताह में मद चक्र में आती हैं, और उन्हें सांड के प्राकृतिक मिलन या कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन कराया जा सकता है।
गर्भावधि लगभग 283 दिन यानी नौ महीने से कुछ ज्यादा होती है, और आमतौर पर एक ही बछड़ा जन्म लेता है, जुड़वां होना दुर्लभ है। जन्म के समय वजन मध्यम होता है, जो इस नस्ल को आसान ब्याने के लिए चुने जाने का एक कारण है। नवजात बछड़े कुछ ही घंटों में खड़े होकर दूध पीने लगते हैं, और गायें भरपूर दूध देती हैं तथा अपने बछड़ों से गहरा जुड़ाव बनाती हैं।
बछड़ों को आमतौर पर छह से आठ महीने की उम्र में दूध छुड़ाया जाता है। गायें बछड़ों को बिना ज्यादा इंसानी मदद के पालती हैं, और इस नस्ल में दूध, मातृ प्रवृत्ति तथा लंबी उम्र के मेल के कारण उत्पादक गायें अपने लंबे जीवनकाल में कई बछड़ों को पाल पाती हैं।
| माप | मान |
|---|---|
| प्रजनन आयु (बछिया) | लगभग 13 से 15 महीने |
| पहला ब्याना | लगभग 2 वर्ष |
| गर्भावधि | लगभग 283 दिन (करीब 9 महीने) |
| बछड़ों की संख्या | आमतौर पर 1 बछड़ा |
| दूध छुड़ाने की उम्र | 6 से 8 महीने |
| उत्पादक जीवनकाल | अक्सर 10+ वर्ष |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रेड एंगस से जुड़े आम सवालों में इसका आकार, स्वभाव, पालन में आसानी, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल है।
रेड एंगस का आकार कितना बड़ा होता है?
यह एक बड़ी मांस नस्ल है। वयस्क गायों का वजन आमतौर पर 540 से 700 किलोग्राम होता है और कंधे तक ऊंचाई लगभग 1.3 मीटर होती है, जबकि सांड अक्सर 850 से 1,000 किलोग्राम या उससे अधिक तक पहुंच जाते हैं।
रेड एंगस का स्वभाव कैसा होता है?
यह नस्ल शांत, संतुलित और सरल स्वभाव की होती है। पशु बाड़ों और चौपाल में आसानी से संभल जाते हैं, और गायें अच्छी मां साबित होती हैं, हालांकि नए बछड़े वाली गाय सुरक्षात्मक हो सकती है।
क्या रेड एंगस को पालना आसान है?
हां। यह एक आसानी से पलने वाली, मजबूत नस्ल है जो चरागाह पर बुनियादी सफाई-संभाल, खनिज पूरक और नियमित झुंड स्वास्थ्य देखभाल के साथ अच्छी तरह पनपती है। यह कई तरह की जलवायु सहन कर लेती है।
रेड एंगस कितने साल जीती है?
अच्छी देखभाल में यह नस्ल 15 से 20 साल तक जी सकती है। उत्पादक गायें अक्सर एक दशक या उससे अधिक समय तक झुंड में रहती हैं, हालांकि व्यावसायिक पशुओं को आमतौर पर छोटे उत्पादन चक्र में रखा जाता है।
रेड एंगस और ब्लैक एंगस में क्या फर्क है?
दोनों की उत्पत्ति एक ही मूल गोवंश से हुई है और इनमें मुख्य अंतर खाल के रंग का है, जो एक ही जीन से तय होता है जिसमें काला रंग प्रभावी और लाल रंग अप्रभावी है। लाल खाल कम गर्मी सोखती है, जो गर्म और तेज धूप वाली जलवायु में फायदेमंद हो सकता है।
क्या रेड एंगस छोटे फार्म के लिए उपयुक्त है?
यह शांत स्वभाव और आसान ब्याने के कारण छोटे चरागाह आधारित फार्मों और पहली बार पशुपालन करने वालों के लिए उपयुक्त हो सकती है, लेकिन फिर भी यह एक बड़ा पशु है जिसके लिए पर्याप्त चरागाह, पानी और सुरक्षित संभालने की व्यवस्था चाहिए।
रेड एंगस कितनी आसानी से मिल जाती है?
यह नस्ल समशीतोष्ण और गर्म, दोनों तरह के मांस उत्पादक क्षेत्रों में अच्छी तरह स्थापित है और व्यावसायिक तथा सीडस्टॉक झुंडों में व्यापक रूप से पाली जाती है, इसलिए प्रजनन पशु और वीर्य आमतौर पर पशुपालकों के जरिए आसानी से मिल जाते हैं।