हियरफ़ोर्ड
हियरफ़ोर्ड एक क्लासिक लाल-और-सफ़ेद गोमांस नस्ल है, जो अपने शांत स्वभाव, सहनशीलता और उत्कृष्ट चारा-खोज क्षमता के लिए प्रशंसित है।
- Size
- बड़ा
- Lifespan
- 15–20 years
- Origin
- इंग्लैंड
- Temperament
- सीधा-सादा
- Standard colors
- सफ़ेद और लाल
Characteristics
हियरफ़ोर्ड colors and patterns
What each club's breed standard says about every हियरफ़ोर्ड color and pattern. Point at a ruling to see the club's own wording.
Breed standards describe the हियरफ़ोर्ड in सफ़ेद और लाल. Standard patterns: हेरफ़ोर्ड सफ़ेद चेहरा.
| Color or pattern | HEREFORD CS UK |
|---|---|
| सफ़ेद | मानक (“white”) |
| लाल | मानक (“deep rich red”) |
| Patterns | |
| हेरफ़ोर्ड सफ़ेद चेहरा | मानक (“Face, crest, underside, socks and brush to tail should be white”) |
What the rulings mean
- मानक
- Described by the club's breed standard.
Sources
Each ruling comes from the club's published breed standard or color list.
हियरफोर्ड के बारे में
हियरफोर्ड इंग्लैंड की एक बड़ी लाल-सफेद बीफ नस्ल है, जो अपने शांत स्वभाव, मजबूत सहनशक्ति और चरागाह पर चरने की क्षमता के लिए जानी जाती है।
हियरफोर्ड एक बीफ मवेशी नस्ल है, जिसकी उत्पत्ति पश्चिमी इंग्लैंड के हियरफोर्डशायर काउंटी में हुई थी। यह दुनिया की सबसे व्यापक रूप से फैली बीफ नस्लों में से एक है और इसकी पहचान गहरे लाल शरीर और सफेद चेहरे से होती है, जिसमें सफेद रंग पेट के निचले हिस्से, टांगों के निचले भाग और पूंछ के बालों तक भी फैला होता है।
हियरफोर्ड घास और चारे को बीफ में कुशलता से बदलने के लिए जानी जाती हैं। ये ठंडे पठारी इलाकों से लेकर गर्म चरागाहों तक, हर तरह की जलवायु में ढल जाती हैं, और ऐसे चरागाहों पर भी उत्पादक बनी रहती हैं जहां अधिक मांग वाली नस्लें संघर्ष करेंगी। वयस्क गायों का वजन आमतौर पर 540 से 730 किलोग्राम और बैलों का वजन अक्सर 800 किलोग्राम से अधिक होता है।
इस नस्ल का स्वभाव स्थिर और संभालने में आसान है। शांत व्यवहार और अच्छी प्रजनन क्षमता के कारण हियरफोर्ड व्यावसायिक रेवड़ों और क्रॉसब्रीडिंग कार्यक्रमों में लोकप्रिय है, जहां सफेद चेहरा संतान में भी नियमित रूप से आगे बढ़ता है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मूल स्थान | हियरफोर्डशायर, इंग्लैंड |
| आकार | बड़ा |
| आयु | 15 से 20 वर्ष |
| समूह / भूमिका | बीफ मवेशी |
| उपयुक्तता | चरागाह प्रणाली, क्रॉसब्रीडिंग, कम लागत वाले रेवड़ |
किसके लिए उपयुक्त है
हियरफोर्ड उन पशुपालकों और छोटे किसानों के लिए उपयुक्त है जो घास पर पनपने वाला कम रखरखाव वाला बीफ पशु चाहते हैं। इसका शांत स्वभाव कम अनुभव वाले हैंडलरों के लिए भी इसे संभालना आसान बनाता है, और इसकी सहनशक्ति उन खेतों के लिए उपयुक्त है जहां भारी अतिरिक्त चारा देना व्यावहारिक नहीं है, खासकर सीमांत या बदलती परिस्थितियों में।
इतिहास और उत्पत्ति
हियरफोर्ड नस्ल का विकास 1700 के दशक में इंग्लैंड के हियरफोर्डशायर में एक बीफ नस्ल के रूप में हुआ, जिसे आकार, दक्षता और घास पर बढ़ने की क्षमता के लिए चुना गया था।
हियरफोर्ड का नाम हियरफोर्डशायर से लिया गया है, जो वेल्स की सीमा के पास पश्चिमी इंग्लैंड का एक काउंटी है। यह नस्ल 1700 के दशक में इस क्षेत्र के किसानों द्वारा विकसित की गई, जो स्थानीय घास और चारे से कुशलता से बीफ पैदा करने वाले मवेशी चाहते थे।
बेंजामिन टॉमकिंस को अक्सर इस नस्ल के शुरुआती गठन से जोड़ा जाता है, जिन्होंने 1700 के दशक के मध्य में मुट्ठी भर मूल पशुओं के साथ चयनात्मक प्रजनन शुरू किया था। प्रजनकों ने आकार, चरागाह पर वृद्धि और एक समान रूप-रंग पर ध्यान केंद्रित किया।
हियरफोर्ड हर्ड बुक की स्थापना इंग्लैंड में 1840 के दशक में हुई, जिसने नस्ल के वंशावली रिकॉर्ड को औपचारिक रूप दिया। उन्नीसवीं सदी तक हियरफोर्ड ब्रिटेन की अग्रणी बीफ नस्ल बन चुकी थी।
निर्यात के जरिए यह नस्ल दुनिया भर में फैली। हियरफोर्ड 1800 के दशक की शुरुआत में उत्तरी अमेरिका पहुंची और बाद में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और दक्षिणी अफ्रीका में स्थापित हुई, जहां चराई प्रणालियों के अनुकूल इसकी क्षमता ने बड़े पैमाने पर बीफ उत्पादन को सहारा दिया।
रूप-रंग और नस्ल मानक
हियरफोर्ड एक बड़ा, गठीला बीफ पशु है जिसका शरीर लाल रंग का और चेहरा, पेट का निचला हिस्सा तथा टांगें विशिष्ट रूप से सफेद होती हैं।
हियरफोर्ड का शरीर चौड़ा, गहरा और मांसल होता है, जो छोटी, मजबूत टांगों पर टिका रहता है। इसकी सबसे खास पहचान सफेद चेहरा है, जो गर्दन के ऊपरी हिस्से, गलकंबल, पेट के निचले हिस्से, टांगों के निचले भाग और पूंछ के बालों पर भी सफेद रंग के साथ दिखाई देता है। शरीर का रंग हल्के से लेकर गहरे लाल तक होता है।
यह नस्ल सींग वाले और पोल्ड (स्वाभाविक रूप से बिना सींग के) दोनों रूपों में पाई जाती है। पोल्ड हियरफोर्ड को सींग काटने की जरूरत खत्म करने के लिए विकसित किया गया था और अब यह कई रेवड़ों में आम है।
| गुण | मानक |
|---|---|
| ऊंचाई | कंधे पर 120 से 150 सेमी |
| वजन | गाय 540 से 730 किलोग्राम; बैल 800 से 1000 किलोग्राम |
| त्वचा/रोयां | छोटा, चिकना; ठंड में मोटा |
| रंग | लाल शरीर, सफेद चेहरा, पेट का निचला हिस्सा और टांगें |
| आंखें | गहरे रंग की, अक्सर आंखों के आसपास लाल रंगद्रव्य के साथ |
रोयां और रंग
लाल रंग की गहराई अलग-अलग पशुओं और रेवड़ों में अलग होती है, लेकिन इसके साथ हमेशा वही सफेद निशान रहते हैं जो इस नस्ल की पहचान हैं। गर्म और तेज धूप वाले क्षेत्रों में आंखों के आसपास रंगद्रव्य को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे बिना रंगद्रव्य वाली त्वचा पर धूप के कारण होने वाली आंखों की समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
स्वभाव और व्यवहार
हियरफोर्ड शांत और स्थिर स्वभाव के मवेशी हैं, जिन्हें संभालना आसान होता है, इसलिए ये चरागाह प्रबंधन और अलग-अलग अनुभव स्तर के हैंडलरों के लिए उपयुक्त हैं।
हियरफोर्ड अपने शांत और मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती है। यह बीफ मवेशियों में अपेक्षाकृत अधिक विनम्र नस्लों में गिनी जाती है, और नियमित रूप से संभाले जाने पर पशु बिना ज्यादा तनाव के चलते और ट्रक में चढ़ते हैं।
गायें अपने बछड़ों की सतर्क देखभाल करती हैं और नवजात बछड़ों की रक्षा करती हैं, इसलिए ब्याने के पहले कुछ दिनों में गाय-बछड़े की जोड़ी को पर्याप्त जगह दी जानी चाहिए। अन्य मवेशियों के साथ हियरफोर्ड मिश्रित रेवड़ों और क्रॉसब्रीडिंग समूहों में अच्छी तरह घुल-मिल जाती है। इनका स्थिर स्वभाव वजन करने, टीकाकरण और बाड़ों के बीच पशुओं को ले जाने जैसे नियमित काम के दौरान पशुओं और हैंडलरों, दोनों को चोट लगने का खतरा कम करता है।
| गुण | रेटिंग |
|---|---|
| स्नेह (संभालने में आसानी) | 4 |
| ऊर्जा | 2 |
| प्रशिक्षणीयता (संभालने के प्रति) | 4 |
| आवाज करने की प्रवृत्ति | 2 |
| रोयां झड़ना | 3 |
देखभाल और प्रबंधन
हियरफोर्ड कम रखरखाव वाले मवेशी हैं जो अच्छे चरागाह, आश्रय, स्वच्छ पानी और नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ अच्छी तरह पनपते हैं।
सौंदर्य देखभाल
- नियमित सौंदर्य देखभाल की जरूरत कम है; छोटा रोयां मौसम के साथ स्वाभाविक रूप से झड़ता है
- लंगड़ापन रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर खुर जांचें और काटें
- खासकर धूप वाले क्षेत्रों में त्वचा और आंखों की नियमित जांच करें
- मक्खी, जूं और चिचड़ी जैसे बाहरी परजीवियों को नियंत्रित करें
व्यायाम
- रोजाना चरने और घूमने के लिए पर्याप्त चरागाह उपलब्ध कराएं
- चारे की गुणवत्ता बनाए रखने और परजीवियों को बढ़ने से रोकने के लिए बाड़ों को बदलते रहें
- रेवड़ को बिना भीड़भाड़ के चरने और आराम करने की जगह दें
वातावरण
हियरफोर्ड ठंड और गर्मी दोनों को अच्छी तरह सहन करती है, फिर भी इसे अत्यधिक मौसम, तेज हवा और तीखी धूप से बचाव की जरूरत होती है। गर्म इलाकों में छाया और भीषण ठंड में हवा रोकने वाली संरचना या आश्रय उपलब्ध कराएं। भारत जैसे गर्म, नम मानसूनी इलाकों में बरसात के मौसम में जलभराव से बचने के लिए ऊंची, अच्छी जल निकासी वाली जगह पर आश्रय बनाना जरूरी है। साफ पानी की लगातार उपलब्धता आवश्यक है, और गर्म परिस्थितियों में पानी की खपत तेजी से बढ़ जाती है।
पोषण और आहार
हियरफोर्ड कुशल चरने वाले पशु हैं जो मुख्यतः घास और चारे पर पनपते हैं, जबकि सर्दी, सूखे या उत्पादन की जरूरतों के दौरान अतिरिक्त आहार दिया जाता है।
हियरफोर्ड चारे पर आधारित पशु है जो अच्छे चरागाह पर बेहतर प्रदर्शन करता है। आहार का मुख्य हिस्सा घास और अन्य चारा है, जिसे चराई सीमित होने पर भूसा या साइलेज से पूरा किया जाता है। यह नस्ल कम गुणवत्ता वाले चारे पर भी अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए जानी जाती है, जितनी कई अन्य बीफ नस्लों को नहीं मिल पाती।
खनिज पूरक चरागाह में कमी की भरपाई करने में मदद करते हैं, खासकर नमक, कैल्शियम, फॉस्फोरस और सूक्ष्म तत्वों की। उत्पादन के चरण के अनुसार आहार को समायोजित करें, क्योंकि गर्भावस्था के अंतिम दौर, दुग्ध उत्पादन और फिनिशिंग के समय मांग अधिक होती है।
| जीवन चरण | प्रतिदिन मात्रा | बार |
|---|---|---|
| बछड़ा (दूध छुड़ाया हुआ) | चारे के साथ 2 से 4 किलोग्राम पूरक आहार | 2 |
| बढ़ता हुआ पशु | चारे के साथ जरूरत अनुसार 3 से 5 किलोग्राम पूरक | 1 से 2 |
| वयस्क गाय | शरीर के वजन के लगभग 2 से 2.5% के बराबर शुष्क पदार्थ के रूप में चारा | लगातार चराई |
| दुग्ध देने वाली गाय | चारे के साथ अतिरिक्त ऊर्जा और प्रोटीन | लगातार चराई |
पूरक और अतिरिक्त आहार
स्थानीय मिट्टी की स्थिति के अनुसार स्वतंत्र रूप से उपलब्ध खनिज और नमक की ईंटें रखें। रूमेन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आहार में कोई भी बदलाव कई दिनों में धीरे-धीरे करें, और सूखे चारे के साथ हमेशा पानी उपलब्ध रखें।
स्वास्थ्य और आयु
हियरफोर्ड एक मजबूत, लंबी आयु वाली बीफ नस्ल है, जिसकी कार्यकारी आयु 15 से 20 वर्ष होती है, हालांकि आंख और त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं पर नजर रखनी चाहिए।
हियरफोर्ड आमतौर पर मजबूत होती है और अलग-अलग जलवायु में आसानी से ढल जाती है। अच्छे प्रबंधन के साथ ये पशु 15 से 20 साल तक जीवित रह सकते हैं, हालांकि व्यावसायिक पशुओं को आमतौर पर छोटे उत्पादन चक्र पर रखा जाता है। अधिकांश स्वास्थ्य जरूरतें निवारक देखभाल, अच्छे पोषण और परजीवी नियंत्रण से पूरी हो जाती हैं।
इस नस्ल के बिना रंगद्रव्य वाले चेहरे और आंखों के आसपास की त्वचा तेज धूप वाले वातावरण में कुछ आंख और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।
| समस्या | लक्षण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| पिंकआई | आंख से पानी आना, भेंगापन, धुंधली या घाव वाली आंख | धूप, मक्खियों और धूल से अधिक होती है; मक्खी नियंत्रण करें और छाया दें |
| कैंसर आई (ऑक्युलर स्क्वेमस सेल कार्सिनोमा) | आंख या पलक पर गांठ | बिना रंगद्रव्य वाली आंख की त्वचा और धूप के संपर्क से जुड़ा; आंखों के रंगद्रव्य के लिए चयन करें |
| सनबर्न / प्रकाश संवेदनशीलता | सफेद हिस्सों की त्वचा का लाल होना या छिलना | छाया दें; संवेदनशीलता बढ़ाने वाले कुछ पौधों का प्रबंधन करें |
| ब्लोट (पेट फूलना) | बायां पार्श्व फूलना, बेचैनी | हरी लेग्यूम चराई का सावधानी से प्रबंधन करें |
| आंतरिक और बाहरी परजीवी | कमजोर स्थिति, जलन | नियमित कृमिनाशक और मक्खी-चिचड़ी नियंत्रण |
निवारक देखभाल
- स्थानीय रोग जोखिम के अनुसार टीकाकरण कार्यक्रम बनाए रखें
- नियमित परजीवी नियंत्रण अनुसूची का पालन करें
- लंगड़ापन रोकने के लिए खुर जांचें और काटें
- साल भर संतुलित खनिज और साफ पानी उपलब्ध कराएं
- उत्पादन चक्र के दौरान शरीर की स्थिति पर नजर रखें
प्रजनन और बछड़ों का पालन-पोषण
हियरफोर्ड 12 से 15 महीने में प्रजनन योग्य हो जाती है, लगभग नौ महीने तक गर्भ धारण करती है और आमतौर पर मजबूत मातृ देखभाल के साथ एक ही बछड़ा जन्म देती है।
हियरफोर्ड बछियां आमतौर पर 12 से 15 महीने की उम्र में प्रजनन के लिए तैयार हो जाती हैं, और अच्छे प्रबंधन में पहला ब्याना लगभग दो साल की उम्र में होता है। गर्भावधि लगभग 285 दिन, यानी करीब साढ़े नौ महीने की होती है, और गायें लगभग हमेशा एक ही बछड़े को जन्म देती हैं।
यह नस्ल आसान ब्याने, अच्छी प्रजनन क्षमता और बछड़े को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त दूध के लिए जानी जाती है। गायें सतर्क माताएं होती हैं, और बछड़ों का दूध आमतौर पर छह से आठ महीने की उम्र में छुड़ाया जाता है। सफेद चेहरा क्रॉसब्रीड संतानों में मजबूती से आगे बढ़ता है, इसी वजह से हियरफोर्ड का उपयोग मातृ और टर्मिनल क्रॉस दोनों के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है।
बैलों का उपयोग प्राकृतिक प्रजनन के साथ-साथ कृत्रिम गर्भाधान के लिए वीर्य के स्रोत के रूप में भी किया जाता है। प्रजनन के लिए पशु चुनते समय मजबूत खुर, प्रजनन क्षमता और स्वभाव मुख्य मानदंड होते हैं।
| मापदंड | मान |
|---|---|
| प्रजनन आयु | 12 से 15 महीने |
| गर्भावधि | लगभग 285 दिन |
| सामान्य संतान | 1 बछड़ा |
| जन्म के समय वजन | लगभग 32 से 45 किलोग्राम |
| दूध छुड़ाने की आयु | 6 से 8 महीने |
| ब्याने का अंतराल (लक्ष्य) | लगभग 12 महीने |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हियरफोर्ड से जुड़े सामान्य सवालों में इसका आकार, स्वभाव, देखभाल में आसानी, आयु, उपयुक्तता और उपलब्धता शामिल हैं।
हियरफोर्ड का आकार कितना बड़ा होता है?
हियरफोर्ड एक बड़ी बीफ नस्ल है। गायों का वजन आमतौर पर 540 से 730 किलोग्राम और बैलों का 800 से 1000 किलोग्राम होता है, और इनकी ऊंचाई कंधे पर लगभग 120 से 150 सेमी होती है।
क्या हियरफोर्ड का स्वभाव अच्छा होता है?
हां। यह नस्ल अपने शांत और विनम्र स्वभाव के लिए जानी जाती है, जिससे इसे कई अन्य बीफ नस्लों की तुलना में संभालना आसान और सुरक्षित होता है।
क्या हियरफोर्ड की देखभाल आसान है?
इन्हें कम रखरखाव वाला मवेशी माना जाता है। हियरफोर्ड अच्छी तरह चरती है, मामूली चरागाह पर भी अपनी स्थिति बनाए रखती है, और इसे मुख्यतः अच्छी चराई, पानी, आश्रय और नियमित स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत होती है।
हियरफोर्ड कितने साल जीती है?
अच्छे प्रबंधन के साथ हियरफोर्ड 15 से 20 साल तक जी सकती है, हालांकि व्यावसायिक पशुओं को आमतौर पर छोटे उत्पादन चक्र पर रखा जाता है।
हियरफोर्ड का उपयोग किसलिए किया जाता है?
हियरफोर्ड एक बीफ नस्ल है जिसका उपयोग घास आधारित बीफ उत्पादन के लिए और मातृ व टर्मिनल क्रॉस के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है, जहां यह सफेद चेहरे को भरोसेमंद ढंग से आगे बढ़ाती है।
क्या हियरफोर्ड आसानी से उपलब्ध है?
हां। हियरफोर्ड दुनिया की सबसे व्यापक बीफ नस्लों में से एक है, जिसके स्थापित रेवड़ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अफ्रीका में मौजूद हैं।